रोज डे
मां - बेटा कहां जा रही हो?
बेटी - कॉलेज मां।
मां - जानती हो न आज रोज - डे है?
बेटी- हां मां .... जस्ट चिल।
मां - चिल की बच्ची
जितने भी रोज मिलें, सारे घर लेकर आना.. रात को गुलकंद बनाकर खाएंगे।
नेहा श्रीवास्तव, इंदौर
एक दोस्त अपने दूसरे दोस्त से बोला-यूनिवर्सिटी से मेरा रिजल्ट चेक करके आना और मुझे बताना। मगर याद रखना मेरे साथ अब्बू होंगे तो तू कुछ कोड वर्ड में बता देना। जैसे अगर मैं एक सबजेक्ट में फेल हो गया हूं तो कहना कि एक शख्स ने सलाम भेजा है। दो विषयों में लटक गया हूं तो कहना कि दो लोगों ने सलाम भेजा है। दोस्त रिजल्ट देख आया। उसने अब्बू के सामने दोस्त से कहा - दोस्त पूरी यूनिवर्सिटी ने तुझे सलाम कहा है।
सुनील वर्मा, इंदौर