पहला आदमी : ये खुशियां क्या होती हैं?
दूसराआदमी : पता नहीं यार, मेरी तो कम उम्र में ही शादी हो गई थी।
पत्नी: तुमसारी दुनिया में भी ढूंढ़ो तो भी मुझ जैसी दूसरी नहीं मिलेगी।
पति: तुम्हेंक्या लगता है, मैं दूसरी भी तुम जैसी ही ढूढूंगा। पागल हूं क्या?
जज: अबआप लिमिट क्रॉस कर रहे हैं।
वकील: कौनसाला ऐसा कहता है?
जज: तेरीहिम्मत कैसे हुई ऐसा कहने की?
वकील: सरमैंने कहा ‘कौन-सा लॉ’ कहता है ऐसा।
बेटा: मां मैं कोई मदद करूं।
मां: थैंक्स बेटा ऐसा कोई काम नहीं है।
दसमिनट बाद -
मां : इसघर में अकेले मजदूरों की तरह लगे रहो, कोई मदद नहीं करता है।