बहुत पुरानी बात है। एक आदमी अपने
परिवार के साथ जंगल में ही रहता
था। उसने कभी आईना नहीं देखा
था। एक दिन जंगल में उसे शीशे का
टुकड़ा मिला। उसमें खुद का चेहरा
देखकर उसने समझा कि उसके पिता
की तस्वीर है। वह उसे अपने घर
ले आया और रोज उससे बातें करने
लगा। उसकी बीवी को शक हुआ कि
आखिर उसका पति किससे बातें करता
है। उसने पति की गैरहाजिरी मे आईना
बाहर निकाला और उसमें खुद का
चेहरा देखकर बोली, ‘अच्छा यह है
वह दुष्ट, जिससे मेरा पति बातें करता
है।’ उसने आईना दिखाते हुए अपनी
सास से शिकायत की। सास बोली,
‘चिंता मत करो। शुक्र मनाओ बूढ़ी है,
जल्द ही मर जाएगी।’
*** एक कटोरा लीजिए, उसमें कुछ अंगूर
लीजिए, अब एक अंगूर मुंह में डालिए,
अब आईना देखिए और लीजिए
आपकी डिश तैयार है।
डिश का नाम - लंगूर के मुंह में अंगूर!