पत्नी : मेहमान आ रहे हैं और घर में दाल के सिवा कुछ नहीं है।
पति: तुम चिंता मत करो। जब वे आएं तो रसोई में एक बर्तन गिराना, मैं पूछूं तो कहना 'कोरमा' गिर गया। फिर दूसरा बर्तन गिराना और कहना 'बिरयानी' गिर गई। फिर मैं कहूंगा चलो 'दाल' ही ले आओ।
मेहमानों के आने के बाद बर्तन गिरने की आवाज आई।
पति: क्या हुआ?
पत्नी: अरे गजब हो गया, दाल ही गिर गई।
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गार्डन में एक लड़की छगन से आईलवयू कह देती है। छगन लड़की के सिर पर दुपट्टा रखकर हाथ पकड़ता है और एक पर्ची थमाते हुए कहता है, 'बहन रोज सुबह शाम मंदिर जाकर भक्ति करो प्यार में कुछ नहीं रखा है।' छगन के जाने के बाद लड़की पर्ची खोलती है जिसमें लिखा था, 'अक्ल की अंधी मरवाएगी क्या, पीछे मेरी बीवी थी। फोन पर बात करते हैं। मेरा नंबर सेव कर लो।'