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Laugh Out Loud : एप्पल से सुरक्षा...

7 वर्ष पहले
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(सांकेतिक फोटो)
कहावतों, मुहावरों को बदलने का वक्त गया है। ‘एन एप्पल डे कीप्स डॉक्टर अवे’ वाली कहावत बदलनी चाहिए। एन एप्पल डे तो दूर एन एप्पल इन इयर भी शैल कीप यू इन फीयर, एप्पल 6 आईफोन की भारत में कीमत 50,000 रुपए से ज्यादा हो सकती है, ऐसी खबरें रही हैं।
पचास हजार रुपए का मोबाइल फोन बंदा एक साल में एक ही खरीद ले बहुत है, इसी खरीद में बंदा दहशत में सकता है। पूरे साल फीयर में ही जीने का इंतजाम हो जाता है। इसमें यह फीचर, वो फीचर, इसमें इतने गेम्स, उतने एप्स, उतनी नेटवर्किंग साइट्स, भईया कोई बंदा इसी सब में उलझ कर रह जाए, तो कमाई-धमाई का टाइम कब मिलेगा कि वह पचास हजार रुपए कमा ले, जो फोन खरीदने के लिए चुकाने हैं।
खबरें हैं कि नए एप्पल फोन में ऐसा एप्लीकेशन आएगा, जिसे टच भर करने से पेमेंट हो जाया करेगा। रुपए-पैसे के मामले कितने खतरनाक टाइप हैं ना, जिस रकम को कमाने में बंदे को महीने-साल लग जाते हैं, वो टच भर करने से खर्च हो जाएंगे।
खैर मेरी चिंता दूसरी है, हर बार नया मोबाइल फोन लॉन्च होता है तो मेरे जैसे बा-वफा मोबाइलधारी शर्मसार होते हैं, जो मानते हैं कि मोबाइल लिया है तो दो-तीन साल चला भी लें
एक नौजवान ने मुझे ताना मारा - तीन साल तो गर्लफ्रेंड ना चल रही है, आप मोबाइल चला रहे हैं। यू ओल्ड बा-वफा टाइप्स।
इधर मेरी शर्मिंदगी बढ़ी जा रही है। कई मोबाइल कंपनियां एक ही साल में चार-पांच मोबाइल लॉन्च करके मुझे शर्मसार करती हैं। नए मोबाइल की लॉन्च-मार्केटिंग की हाइप इतनी ज्यादा होती है कि जो बंदा उसे खरीदने की ना सोचे, उसे खुद-ब-खुद लगता है कि वह नैतिकता के आधार पर इंसान होने तक से इस्तीफा दे दे। इंसान कहलाने काबिल तक ना बचा वह। नया मोबाइल लॉन्च हो गया और तुमसे ना खरीदा जा रहा है, हाऊ शेमफुल।
नया मोबाइल लॉन्च होने के हफ्ते-दस दिन तो मैं मारे डर के सहमा-सहमा घूमता हूं कि नया मोबाइल ना खरीदने के आरोप में मुझ पर चालान ना कर दिया जाए। नया मोबाइल लिया, तुम ना आये खरीदने, हाऊ डेयर।
पर अब मैंने तरकीबें निकाल ली हैं, मैं बदला लेता हूं कुछ यूं कि एप्पल 5 वालों को शर्मसार करता हूं एप्पल 6 की चोट से। एप्पल 5 वाला तीन-चार दिन पहले तक अपने मोबाइल को टेबल पर इस भाव से रखता था कि यू भुनगा, स्मॉल मैन, तुम्हारे पास क्या है। मेरे पास एप्पल 5 है। अब एप्पल 5 वाले को मैं एप्पल 6 से पीट रहा हूं यह कहकर - अब तो नया लिया। यह तो कबाड़ा हो लिया, सौ-दो सौ में निकाल दो।
एप्पल 5 वाला भी गुस्सा होता है कि हाय एप्पल 6 इतनी जल्दी कैसे गया।
एप्पल 6 से सिर्फ मैं ही परेशान ना हूं, एप्पल 5 वाले भी परेशान हैं। पुराने एप्पल वाले को नए एप्पल से भिड़ने दो, इससे गैर-एप्पल वाला सुरक्षित हो जाता है।
खैर, एप्पल 6 से मेरी सुरक्षा एप्पल 5 करेगा, जब तक एप्पल 7 ना जाएगा।
(आलोक पुराणिक लेखक जाने-माने व्यंग्यकार हैं)