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​लड़के को क्यों लगा कि उसकी फ्रेंड के बैग में हथियार हैं?

ग्रीक पौराणिक कहानियों में पैंडोरा के बॉक्स का जिक्र आता है। पैंडोरा को एक बॉक्स दिया गया और कहा गया वो उसे कभी न खोले

Danik Bhaskar | Jan 21, 2018, 12:33 PM IST
ग्रीक पौराणिक कहानियों में पैंडोरा के बॉक्स का जिक्र आता है। पैंडोरा को एक बॉक्स दिया गया और कहा गया वो उसे कभी न खोले क्योंकि उसमें दुनिया की सारी बुराइयां भरी हैं। उत्सुकता में उसने वो बॉक्स खोल दिया और सारे दुःख-तकलीफें दुनिया में फैल गईं। इसी पैंडोरा के बॉक्स की तरह दुःख और तकलीफें आजकल शहर का एक युवक झेल रहा है, क्योंकि उसने भी कुछ खोल दिया था। खुलने वाली चीज थी उसकी गर्लफ्रेंड का बैग। बैग खुलने के बाद उसने बैग में इतने रसायन और हथियार देखे कि उसे डर लगा कि कहीं उसकी गर्लफ्रेंड शहर पर जैविक हमला तो नहीं करने जा रही है। वो इतना सहम गया कि उसने पुलिस की मदद लेना ही ठीक समझा। उसे लगा कि उसका शहर किसी बड़ी मुसीबत में घिर सकता है।
युवक ने जैसा मीडिया को बताया, उसने उत्सुकतावश बैग को खोल दिया था। वो बस ये जानना चाहता था कि जब बैग खुद में ही संपूर्ण है, तो उसमें "क्लच' रखने का क्या लॉजिक बनता है। बैग खोलने के बाद युवक ने ऐसी चीजें पाईं जो आम भारतीय युवक आमतौर पर देख ही नहीं पाते हैं। बैग में नाना प्रकार की रंगीन कैन्स थीं, जिससे गैस मिली अल्कोहल निकल रही थी, युवक को समझते देर न लगी कि ये तो डियो है। युवक ने बताया मुझे डर डियो देखकर नहीं लगा, डर तो मुझे नुकीले सुए देखकर लगा था। बैग में छोटे-छोटे लकड़ी, तांबे, स्टील और प्लास्टिक के कई प्राणघातक सुए रखे थे। बाद में पता लगा वो तो बस जूड़ा स्टिक्स थे। उस बैग में गीले टिश्यू पेपर, ग्लिसरीन, कोयले की छड़ें और कई फौलादी नाखून भी रखे थे। जैतून के तेल में भीगे ऐसे रुई के फाहे भी थे, जिनसे नेलपॉलिश का रंग तक छूट जाता था, युवक को लगा किसी वारदात के बाद शायद इसे सबूत मिटाने के लिए इस्तेमाल किया जाता हो।
कक्षा 11 में केिमस्ट्री के डर से कॉमर्स लेने वाले युवक को सबसे ज्यादा शक हैंड सैनिटाइज़र देखकर हुआ। जीवन भर "बालजीवन' साबुन की बट्टी से नहाने और हाथ धोने वाले युवक को लगा कि हैंड सैनिटाइजर कोई खतरनाक और शक्तिशाली रसायन है, जिसे नेल रिमूवर और ग्लिसरीन जैसी चीजों के साथ मिलाकर कोई खतरनाक जैविक हथियार तो बनाया ही जा सकता होगा। जब हमने इस घटनाक्रम के बारे में युवती से बात की तो उसने अपनी गलती स्वीकारी। गलती बैग में ऐसा सामान रखने की नहीं थी। उसने बताया गलती ये थी कि क्लच और क्लचर में फर्क न जानने वाले से उसने दोस्ती ही क्यों रखी।
हालांकि युवती ने अपने तरीके से बदला भी ले लिया। पुलिस ने उसे तो कुछ कहा नहीं लेकिन युवक के घर पहुंचकर उसने उसका भी बैग खुलवा डाला। सदियों बाद युवक के बैग को जब पलटा गया तो पहले तो उससे दर्जन भर गुमे हुए नेलकटर निकले। दो किलो एसएससी और बैंकिंग के फॉर्म्स के अलावा डेढ़ दर्जन पासपोर्ट साइज फोटो, दो कमीज, विलुप्तप्राय: प्रजाति के तीन जंगली जीव, एक ड्रैगन, तीन डायनासोर, टॉफियों के खाली छिलके के साथ-साथ पड़ोसियों की रजाई भी निकल आई। आख़िरी समाचार लिखे जाने तक युवक घर नहीं लौटा था क्योंकि उसके पिताजी को पता लग चुका है कि उनकी पुश्तैनी हवेली और गांव से गायब हुए दो बिल भी कबसे युवक के बैग में ही बंद थे।