बगैर मुंह खोले भी अगर कोई बोल सकता है तो वो हैं कार्टूनिस्ट। बस इन्हें अपनी बात कहने के लिए मुंह नहीं दिमाग के दरवाजे खोलने होते हैं और एक बार दिमाग खुल जाए तो फिर मौजूदा हालात पर वो बहुत कुछ कह सकते हैं। हमने ऐसे ही कार्टूनिस्ट के काम को आपके लिए कलेक्ट किया है। इनके काम में व्यवस्था पर गुदगुदाते अंदाज में व्यंग्य है जो हल्के-फुल्के हास परिहास के साथ गंभीर बात कहने की ताकत रखता है।
आइए तो क्लिक करके देखते हैं कि कलाकारों का ये काम किस तरह लोगों को पसंद आ रहा है और लोग इन्हें सोशल साइट्स पर शेयर करके भी खुश होते हैं और दूसरों को गुदगुदाने का मौका देते हैं।
सभी कार्टून्स सोशल साइट्स से साभार.....