अब उस दिन का इंतजार कीजिए, जब पैरंट्स कहें-, 'बेटा, मंगल पर चले जाओ... बहुत स्कोप है।' :D
मंगलयान पर 450 करोड़ रुपये की लागत आई है। यह खर्च मुकेश अंबानी के घर 'एंटीलिया' का सिर्फ 1/10 है।
भारत ने कामयाब मंगल मिशन पर 460 करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि दिवाली पर यहां 5 हजार करोड़ रुपये पटाखे चला दिए जाते हैं। कमाल के आंकड़े हैं।
मंगलयान की कामयाबी के बाद कुछ मंत्रियों ने पता लगाने के लिए कहा है कि वहां के लिए 'स्टडी टूर' भेजा जा सकता है या नहीं।
मांगलिक लड़के-लड़कियों के लिए अच्छी खबर, उनके जीवनसाथी की संभावनाओं को तलाशने के लिए मंगलयान स्पेस में पहुंच गया है।
भारत मिशन मार्स की कामयाबी के लिए राहुल गांधी जी का आभारी है। उनके एस्केप वेलॉसिटी के ज्ञान के बिना यह संभव नहीं था।
ब्रेकिंग- चुमार में भारत और चीन की सेनाओं के बीच तनातनी खत्म। भारतीय सैनिकों ने मंगल मिशन पर चीनी सैनिकों की खिल्ली उड़ाकर उन्हें वापस भेजा।
प्रधानमंत्री ने मंगलयान को क्रिकेट में मिली जीत से भी बड़ा बताया है। तो क्यों न हमारे साइंटिस्ट्स के लिए एक विजय रैली का आयोजन किया जाए?
डियर DRDO, सीखो कुछ
इसरो से... वे भी सरकारी वैज्ञानिक हैं।
इसरो ने मंगल मिशन के साथ एक ही गलती की है। उन्होंने पप्पू को पैक करने मंगल पर नहीं भेजा। देश को और ज्यादा खुशी होती।