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मासूमों की अजीबोगरीब बातें, ऐसे खुल गए दूसरे जन्म के राज

इस्लाम, ईसाई और यहूदी धर्म पुनर्जन्म में विश्वास नहीं करते हैं। वहीं, जबकि हिंदू, बौद्ध और जैन पुनर्जन्म की को मानते हैं

Dainik Bhaskar

Jan 01, 2018, 11:52 AM IST
3 True stories of rebirth in india

आप पुनर्जन्म की अवधारणा को सच मानते हैं या नहीं ये आपका अपना विचार है, लेकिन कुछ घटनाएं ऐसी हैं, जो पुनर्जन्म को सच साबित करती नजर आती है। यहां एक मासूम लड़के और दो मासूम बच्चियों की ऐसी स्टोरी है, जो दूसरे जन्म की बात का सच साबित करती हुई नजर आ रही हैं। इनकी अजीबोगरीब बातें सुनकर लोग हैरान थे, लेकिन जब उनकी बातों की तस्दीक हुई तो पिछले जन्म के कई राज सामने आ गएा। इस्लाम, ईसाई और यहूदी धर्म पुनर्जन्म में विश्वास नहीं करते हैं। वहीं, जबकि हिंदू, बौद्ध और जैन पुनर्जन्म को मानते हैं। हिंदू धर्म के मुताबिक मनुष्य का केवल शरीर मरता है, उसकी आत्मा नहीं। आत्मा एक शरीर का त्याग कर दूसरे में प्रवेश करती है। इसे ही पुनर्जन्म कहते हैं। हालांकि, नया जन्म मिलने के बाद पिछले जन्म की याद बहुत कम रहती है इसलिए ऐसी घटनाएं कभी-कभार ही सामने आती हैं। पुनर्जन्म की घटनाएं भारत समेत दुनिया के कई हिस्सों में देखने को मिलती हैं। अमेरिका की वर्जीनिया यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक डॉक्टर इवान स्टीवेंशन ने 40 साल तक इस विषय में शोध करने के बाद एक किताब रिइन्कारनेशन एंड बॉयोलॉजी लिखी, जिसे पुनर्जन्म से संबंधित बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। गीता प्रेस ने भी अपनी एक पुस्तक परलोक और पुनर्जन्मांक में ऐसी कई घटनाओं का जिक्र किया है। आप यहां पुनर्जन्म की सच्ची घटनाओं के बारे में जान पाएंगे। पुनर्जन्म का पहला मामला- ये घटना छत्ता गांव के निवासी बीएल वाष्र्णेय के घर एक पुत्र का जन्म हुआ था। बच्चे का नाम प्रकाश रखा गया। प्रकाश जब साढ़े चार साल का हुआ तो एक दिन वह अचानक बोलने लगा कि मैं कोसी कलां में रहता हूं और मेरा नाम निर्मल है। मैं अपने पुराने घर जाना चाहता हूं। ऐसा वह कई दिनों तक कहता रहा। एक दिन प्रकाश के चाचा उसे लेकर कोसी कलां पहुंचे तो उसे पुरानी बातें याद आने लगीं। संयोगवश उस दिन प्रकाश की मुलाकात पूर्वजन्म के पिता भोलानाथ जैन से नहीं हो पाई। प्रकाश के इस जन्म के परिजन चाहते थे कि वह पुरानी बातें भूल जाए। बहुत समझाने पर प्रकाश पुरानी बातें भूलने लगा लेकिन उसकी पूर्व जन्म की स्मृति पूरी तरह से नष्ट नहीं हो पाई। इसके बाद भोलानाथ जैन का प्रकाश के गांव जाना हुआ तो वहां उन्हें पता चला कि प्रकाश नाम का लड़का उनके मृत बेटे निर्मल के बारे में बात करता है। ये सुनकर भोलानाथ इस बच्चे प्रकाश के घर पहुंच गए। प्रकाश ने फौरन उन्हें पूर्व जन्म के पिता के रूप में पहचान लिया। उसने अपने पिता को ऐसी बातें बताईं, जो सिर्फ उनका बेटा निर्मल ही जानता था। आप यहां ऐसी ही पुनर्जन्म की दो और सच्ची घटनाएं जान पाएंगे। इनमें दो लड़कियों के पुनर्जन्म की सच्ची घटनाएं हैं।

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