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विमानों के लिए बड़ा खतरा बने ड्रोन, हवा में इन्हें रोकेगी ये डिवाइस

विमानों के इंजन बहुत ताकतवर होते हैं वे कई फीट दूर उड़ रही चीज को खीच सकते हैं, ऐसे में ड्रोन से बड़े हादसे हो सकते हैं।

Dainik Bhaskar

Mar 05, 2018, 10:35 AM IST
बीते साल दो ऐसी घटनाएं हो चुकी है जिसमें ड्रोन की वजह से करीब दो घंटे तक विमानों का परिचालन पूरी तरह से रोकना पड़ा। बीते साल दो ऐसी घटनाएं हो चुकी है जिसमें ड्रोन की वजह से करीब दो घंटे तक विमानों का परिचालन पूरी तरह से रोकना पड़ा।

विमानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन चुके ड्रोन का तोड़ सुरक्षा एजेंसियों ने खोज निकाला है। इजरायली तकनीक से बनी एक सिक्योरिटी डिवाइस एयरपोर्ट की सीमा लांघने वाले ड्रोन को वापस वहीं भेज देगी जहां से वह उड़कर आया था। इसी डिवाइस की मदद से सुरक्षा एजेंसियां उस शख्स तक भी पहुंचने में सफल हो पाएंगी, जो ड्रोन उड़ा रहा था। सीआईएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार ड्रोन को नियंत्रित करने वाली डिवाइस का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर परीक्षण सफल रहा है। जून तक इस डिवाइस को आईजीआई सहित सभी प्रमुख एयरपोर्ट पर तैनात कर दिया जाएगा। अबतक रोक पाना था मुश्किल...

अभी प्रतिबंधित क्षेत्र में उड़ने वाले ड्रोन को मार गिराना ही एकमात्र तरीका होता है। उसे ऑपरेट करने वाले शख्स तक पहुंचना करीब-करीब नामुमकिन है। एयरपोर्ट के अलावा ड्रोन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बन सकते हैं। ड्रोन से कई संवेदनशील जगहों की जासूसी होने की आशंका बनी रहती है।

अब आरोपी तक पहुंचना होगा आसान

यह सिक्योरिटी डिवाइस ड्रोन के कम्युनिकेशन सिस्टम को हैक कर उसे अपने कंट्रोल में ले लेगा। फिर ड्रोन को वापस उसी दिशा में जाने का कमांड देगा। कमांड मिलते ही ड्रोन वापस वहीं चला जाएगा, जहां से उसे उड़ाया गया था।
ड्रोन के रूट को ट्रैक कर सुरक्षा एजेंसियां ड्रोन उड़ाने वाले शख्स तक आसानी से पहुंच जाएंगी। ड्रोन का सारा डेटा भी यह डिवाइस आसानी से हासिल कर लेगी।

कई फ्लाइट्स हो चुकी हैं प्रभावित

आईजीआई एयरपोर्ट पर बीते साल दो ऐसी घटनाएं हो चुकी है जिसमें ड्रोन की वजह से करीब दो घंटे तक विमानों का परिचालन पूरी तरह से रोकना पड़ा। इससे करीब तीन सौ फ्लाइट प्रभावित हुईं थीं।

किसी बड़े विमान हादसे की वजह बन सकते हैं ड्रोन
ड्रोन से सबसे बड़ा खतरा विमानों को है। विमानों के इंजन इतने पावरफुल होते हैं कि वह 10 से 15 मीटर दूर उड़ रही किसी भी चीज को अपनी तरफ खींच सकते हैं। ऐसे में टेक-ऑफ या लैंडिंग के दौरान अगर कोई ड्रोन, किसी विमान के इस दायरे में आता है तो बड़ी दुर्घटना हो सकती है और सैकड़ों मुसाफिरों की जान को खतरा हो सकता है।


विमानों के इंजन में खिचने से उनमें विस्फोट हो सकता है। विमानों के इंजन में खिचने से उनमें विस्फोट हो सकता है।
ऐसे में अब ये नई डिवाइस विमानों को सुरक्षित रख सकती है। ऐसे में अब ये नई डिवाइस विमानों को सुरक्षित रख सकती है।
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बीते साल दो ऐसी घटनाएं हो चुकी है जिसमें ड्रोन की वजह से करीब दो घंटे तक विमानों का परिचालन पूरी तरह से रोकना पड़ा।बीते साल दो ऐसी घटनाएं हो चुकी है जिसमें ड्रोन की वजह से करीब दो घंटे तक विमानों का परिचालन पूरी तरह से रोकना पड़ा।
विमानों के इंजन में खिचने से उनमें विस्फोट हो सकता है।विमानों के इंजन में खिचने से उनमें विस्फोट हो सकता है।
ऐसे में अब ये नई डिवाइस विमानों को सुरक्षित रख सकती है।ऐसे में अब ये नई डिवाइस विमानों को सुरक्षित रख सकती है।
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