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लोहे को सोने में बदलना जानते थे इंडियन्स, इस सीक्रेट सोसायटी के पास है राज?

क्या आपने दंत कथाओं में किसी भी धातु को सोने में बदलने की बात सुनी है।

Dainik Bhaskar

Jan 24, 2018, 04:25 PM IST
हम सभी ने दादी-नानी की कहानियों में पारस पत्थर का जिक्र सुना है। हम सभी ने दादी-नानी की कहानियों में पारस पत्थर का जिक्र सुना है।

स्पेशल डेस्क. अशोक 'द सीक्रेट' की पहली कड़ी में आपने देखा कि कैसे सम्राट अशोक ने अपने दौर के सारे ज्ञान-विज्ञान को नौ किताबों में महफूज कर दिया। फिर नौ लोगों को आदेश दिया कि वो ये किताबें लेकर गुम हो जाएं। इनमें से पहली किताब ग्रैविटी पर थी, जिसमें एंटी ग्रैविटी एयरक्राफ्ट बनाने का राज छिपा हुआ था। आज दूसरी कड़ी में हम अलकेमी के बारे में बताने जा रहे हैं.

अलकेमी

क्या आपने दंत कथाओं में किसी भी धातु को सोने में बदलने की बात सुनी है। इसमें कहा जाता रहा है कि एक शख्स के पास पारस पत्थर था, जिसकी मदद से वो किसी भी धातु को छूकर उसे सोने में तब्दील कर देता था। लेकिन ये महज कोरी कल्पना नहीं, बल्कि सच हो सकती हैं। अशोक की दूसरी सीक्रेट बुक "अलकेमी' पर थी। इसका अर्थ होता है किसी ठोस धातु को सोने में बदलने की कला। सम्राट अशोक काे डर था कि इस नॉलेज से कुछ लोग गलत फायदा उठा सकते हैं। इसलिए इस अलकेमी को अशोक ने किताब में महफूज करके छिपा दिया था। माना जाता है कि उस दौर में इस कला का इस्तेमाल भी किया गया था। कई मंदिरों में अचानक से सोने के भंडार में जबरदस्त इजाफा होने की खबर मिलती थी। लेकिन ये सोना कहां से आया, इसके किसी भी सोर्स का पता नहीं चलता। इस बात का सबूत हमारे सोमनाथ और पद्मनाभ मंदिर हो सकते हैं, जहां हजारों सालों तक सोने के अकूत भंडार थे, जहां तहखानों में आज भी सोना छिपा हुआ है। इसके अलावा हमारे प्राचीन ग्रंथों और पैराणिक कहानियों में कैरेक्टर भी सोने के आभूषणों और कपड़ों से लदे रहते थे। सवाल यही है कि आखिर हमारे मंदिरों में इतना सारा सोना कहां से आता था। हो न हो ये सबूत अशोक की इस गुप्त कला की ओर इशारा करते हैं.

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अशोक ने सीक्रेट सोसायटी बनाकर अपने ज्ञान 9 किताबों में महफूज कर दिया था। अशोक ने सीक्रेट सोसायटी बनाकर अपने ज्ञान 9 किताबों में महफूज कर दिया था।

क्या है अशोक की सीक्रेट सोसायटी

 

साल 270 BC। ईसा के जन्म से भी पहले भारत में सम्राट अशोक का राज था। कलिंग युद्ध में हिंसा देख अशोक ने अहिंसा का रास्ता चुना। वो चाहते थे कोई  तब के विज्ञान का इस्तेमाल हिंसा के लिए न करे। कहा जाता है कि इसलिए अशोक ने उस जमाने के सारे ज्ञान-विज्ञान को नौ किताबों में जमा किया। फिर  नौ लोगों को आदेश दिया कि वो किताबें लेकर गुमनाम हो जाएं और मरने से पहले अगली पीढ़ी के किसी भरोसेमंद व्यक्ति को सौंप दें।

प्राचीन भारत के मंदिरों में अकूत सोने के भंडार थे। इससे इस बात के सबूत पुख्ता होते हैं कि जरूर हमारे बुजुर्गो के पास उस समय धातु को सोने में बदलने की जरूर तकनीक रही होगी। प्राचीन भारत के मंदिरों में अकूत सोने के भंडार थे। इससे इस बात के सबूत पुख्ता होते हैं कि जरूर हमारे बुजुर्गो के पास उस समय धातु को सोने में बदलने की जरूर तकनीक रही होगी।
ये सोने की मूर्ति पद्मनाभ मंदिर से मिली है। ये सोने की मूर्ति पद्मनाभ मंदिर से मिली है।
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हम सभी ने दादी-नानी की कहानियों में पारस पत्थर का जिक्र सुना है।हम सभी ने दादी-नानी की कहानियों में पारस पत्थर का जिक्र सुना है।
अशोक ने सीक्रेट सोसायटी बनाकर अपने ज्ञान 9 किताबों में महफूज कर दिया था।अशोक ने सीक्रेट सोसायटी बनाकर अपने ज्ञान 9 किताबों में महफूज कर दिया था।
प्राचीन भारत के मंदिरों में अकूत सोने के भंडार थे। इससे इस बात के सबूत पुख्ता होते हैं कि जरूर हमारे बुजुर्गो के पास उस समय धातु को सोने में बदलने की जरूर तकनीक रही होगी।प्राचीन भारत के मंदिरों में अकूत सोने के भंडार थे। इससे इस बात के सबूत पुख्ता होते हैं कि जरूर हमारे बुजुर्गो के पास उस समय धातु को सोने में बदलने की जरूर तकनीक रही होगी।
ये सोने की मूर्ति पद्मनाभ मंदिर से मिली है।ये सोने की मूर्ति पद्मनाभ मंदिर से मिली है।
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