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यूरोप में गिरेगा बेकाबू स्पेस स्टेशन, लेकिन ये तो सिर्फ शुरुआत है

साइंटिस्ट्स का मानना है कि सिर्फ एक ट्रेलर है। असली फिल्म तो अभी बाकी है।

Dainik Bhaskar

Mar 30, 2018, 10:40 AM IST
नासा द्वारा जारी किया गया स्पेस जंक का ग्राफिकल प्रजेंटेशन। नासा द्वारा जारी किया गया स्पेस जंक का ग्राफिकल प्रजेंटेशन।

2016 में अपना नियंत्रण खो चुका साढ़े आठ टन वजन का चीनी स्पेस स्टेशन (तियांयोंग-1) 2-3 दिन के अंदर धरती से टकराने वाला है। पहले ये साफ नहीं था कि ये धरती पर कहां गिरेगा, पर अब माना जा रहा है कि ये यूरोप में क्रैश करेगा। हालांकि, इसका ज्यादातर हिस्सा वायुमंडल आते ही जल जाएगा, लेकिन असली चिंता अब शुरू हुई है। साइंटिस्ट्स का मानना है कि ये सिर्फ एक ट्रेलर है। भविष्य में हमें आए दिन ऐसे खतरों का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि धरती के बाहर लगभग 6 लाख से भी ज्यादा स्पेस जंक हवा में तैर रहा है जो हमारे लिए बेहद खतरनाक है। स्पेस में जाना हो जाएगा मुश्किल...

- जनवरी में आई नासा की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि भविष्य में ऐसे हालात बन सकते हैं कि हमारा स्पेस में जाना भी बेहद कठिन हो जाएगा। नासा के इस दावे ने दुनिया की तमाम स्पेस एंजेसियों की चिंता बढ़ा दी है।

- रिपोर्ट के मुताबिक अंतरिक्ष में धरती के आसपास स्पेस जंक (स्पेस का कचरा) के 6 लाख से भी ज्यादा टुकड़े तैर रहे हैं। इसमें विमान, रॉकेट्स, सैटेलाइट्स और स्पेस स्टेशन के खराब हो चुके पार्ट्स भी शामिल हैं। अब ये कचरा इतना ज्यादा बढ़ता जा रहा है कि इसकी वजह से पृथ्वी के बाहर एक जाल सा बनता जा रहा है। इतना ही नहीं चाइनीज स्पेस स्टेशन की तरह ये चीजें भी धरती की ओर आ सकती हैं।

क्यों तैर रहा कचरा
- अंतरिक्ष और इससे जुड़ी खोज के लिए कई देशों की स्पेस एंजेसियां लगातार काम करती रहती हैं। इसके लिए कई रॉकेट और सैटेलाइट जैसे उपकरण अंतरिक्ष में भेजे जाते हैं। अंतरिक्ष में भेजे जाने वाले रॉकेट और सैटेलाइट का कुछ ही हिस्सा जमीन पर लौटता है। आमतौर पर स्पेसशिप का वजन कम करने के लिए इस्तेमाल पूरा होने पर शेल को वहीं छोड़ दिया जाता है। यहीं चीजें अंतरिक्ष में जीरो ग्रैविटी की वजह से तैरती रहती हैं।

क्या हैं खतरे
भविष्य में अंतरिक्ष भेजे जाने वाले स्पेस शटल्स और रिसर्च प्रोग्राम्स के लिए ये अब सबसे बड़ा खतरा बन गए हैं। अंतरिक्ष में तैरने वाले इन टुकड़ो की लंबाई 1 सेन्टीमीटर से 10 सेन्टीमीटर के बीच है। हर साल इस कचड़े की वजह से एक न एक सेटेलाइट नष्ट हो जाती है। जबकि ये स्पेस शटल्स को भी भारी नुकसान पहुंचा सकता है। वहीं इनकी दिशा बदलना भी हमारे लिए खतरनाक है।

इन देशों ने फैलाया ज्यादा कचरा
- स्पेस साइंटिस्ट रिची कार्मिशेल ने 3डी विज्युल्स से दिखाया कि हमारी धरती इससे किस तरह घिर चुकी है। रिची ने बताया कि इस कचरे को फैलाने में अमेरिका, रूस और चीन सबसे आगे हैं।

आगे की स्लाइड्स में देखें, नासा द्वारा जारी की गई तस्वीरें...

क्या होगा चाइनीज स्पेस स्टेशन का?
वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस स्पेसक्राफ्ट का अधिकतर हिस्सा गिरते समय जलकर खाक हो जाएगा लेकिन 10 से 40 प्रतिशत हिस्सा मलबे के रूप में बचा रह सकता है और इसमें खतरनाक केमिकल्स हो सकते हैं। इसके अलावा इससे निकलने वाली भी खतरनाक होंगी।

देखा जा सकता है ये स्टेशन
-विशेषज्ञों ने इसके 43 डिग्री उत्तरी दक्षिणी अक्षांश पर पड़ने वाले स्थानों पर गिरने की आशंका जताई है। वायुमंडल में आते ही ये आग के गोले में तब्दील हो जाएगा और अगर ये यूरोप की ओर गिरता है तो इसे आसमान में साफ देखा जा सकेगा।

आगे की स्लाइड्स में देखें, चीन के बेकाबू स्पेस स्टेशन से जुड़ी कुछ और बातें...

रिपोर्ट्स के मुताबिक अब स्पेस स्टेशन की रफ्तार 7 किलोमीटर प्रति सेकंड हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अब स्पेस स्टेशन की रफ्तार 7 किलोमीटर प्रति सेकंड हो गई है।
पृथ्वी के करीब आते-आते ये तेजी से गर्म होकर आगे के गोले में तब्दील हो जाएगा। पृथ्वी के करीब आते-आते ये तेजी से गर्म होकर आगे के गोले में तब्दील हो जाएगा।
2016 में ये स्पेस स्टेशन अपना कंट्रोल खो चुका था, लेकिन इसे रोकने में चीन नाकाम रहा है। 2016 में ये स्पेस स्टेशन अपना कंट्रोल खो चुका था, लेकिन इसे रोकने में चीन नाकाम रहा है।
ऐसे में सवाल ये उठता है कि अंतरिक्ष में तैर रहे स्पेस जंक के 6 लाख टुकड़ों में से कुछ की ही दिशा बदल गई तो उसका अंजाम क्या होगा? ऐसे में सवाल ये उठता है कि अंतरिक्ष में तैर रहे स्पेस जंक के 6 लाख टुकड़ों में से कुछ की ही दिशा बदल गई तो उसका अंजाम क्या होगा?
कुछ इस तरह अंतरिक्ष में तैर रहा है स्पेस जंक। कुछ इस तरह अंतरिक्ष में तैर रहा है स्पेस जंक।
स्पेस जंक स्पेस जंक
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नासा द्वारा जारी किया गया स्पेस जंक का ग्राफिकल प्रजेंटेशन।नासा द्वारा जारी किया गया स्पेस जंक का ग्राफिकल प्रजेंटेशन।
रिपोर्ट्स के मुताबिक अब स्पेस स्टेशन की रफ्तार 7 किलोमीटर प्रति सेकंड हो गई है।रिपोर्ट्स के मुताबिक अब स्पेस स्टेशन की रफ्तार 7 किलोमीटर प्रति सेकंड हो गई है।
पृथ्वी के करीब आते-आते ये तेजी से गर्म होकर आगे के गोले में तब्दील हो जाएगा।पृथ्वी के करीब आते-आते ये तेजी से गर्म होकर आगे के गोले में तब्दील हो जाएगा।
2016 में ये स्पेस स्टेशन अपना कंट्रोल खो चुका था, लेकिन इसे रोकने में चीन नाकाम रहा है।2016 में ये स्पेस स्टेशन अपना कंट्रोल खो चुका था, लेकिन इसे रोकने में चीन नाकाम रहा है।
ऐसे में सवाल ये उठता है कि अंतरिक्ष में तैर रहे स्पेस जंक के 6 लाख टुकड़ों में से कुछ की ही दिशा बदल गई तो उसका अंजाम क्या होगा?ऐसे में सवाल ये उठता है कि अंतरिक्ष में तैर रहे स्पेस जंक के 6 लाख टुकड़ों में से कुछ की ही दिशा बदल गई तो उसका अंजाम क्या होगा?
कुछ इस तरह अंतरिक्ष में तैर रहा है स्पेस जंक।कुछ इस तरह अंतरिक्ष में तैर रहा है स्पेस जंक।
स्पेस जंकस्पेस जंक
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