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आज ही के दिन आया था दुनिया का सबसे खतरनाक भूकंप, झटके में मारे गए थे 8.3 लाख लोग

Dainik Bhaskar

Jan 22, 2018, 06:05 PM IST

इस भूकंप ने एक झटके में 830000 लोगों की जान ले ली थी। इस भूकंप को शांक्सी भूकंप कहा जाता है।

शांक्सी भूकंप मौतों के मामले में सबसे विनाशकारी भूकंप माना जाता है। शांक्सी भूकंप मौतों के मामले में सबसे विनाशकारी भूकंप माना जाता है।

सन् 1556 में आज ही के दिन यानी 23 जनवरी को चीन में दुनिया का सबसे विनाशकारी भूकंप अाया था है। इस भूकंप ने एक झटके में 8 लाख 30 हजार लोगों की जान ले ली थी। इस भूकंप को शांक्सी भूकंप कहा जाता है। तीव्रता के मामले में धरती में इससे भी तेज भूकंप आ चुके हैं, पर उस वक्त आए इस जलजले से अब तक सबसे ज्यादा मौतें हुई थीं। 23 जनवरी को ऐसे आई थी मौत...

- 23 जनवरी 1556 को रिक्टर स्केल पर 8 तीव्रता वाले इस भूकंप ने 520 मील (840 किमी.) में तबाही मचाई थी। इतना इलाका पूरी तरह मिट्टी में मिल गया था। इसका असर शांक्सी प्रांत की करीब 97 काउंटीज पर पड़ा था। भूकंप की वजह से कई जगह भूस्खलन हुए थे जिससे करीब 8 लाख 30 हजार लोगों की मौत हुई थी।

पड़ी थीं 66 फीट गहरी दरारें
- इतिहासकारों की मानें तो भूकंप की तीव्रता ऐसी थी कि जमीन पर 66 फीट तक गहरी दरारें आ गई थीं और प्रभावित इलाकों में से 60 प्रतिशत तक जनसंख्या खत्म हो गई थी।

ये था सेंटर
- बताया जाता है Huaxian सिटी के करीब वेई नदी इस भूकंप का सेंटर थी। हालांकि, साइंटिस्ट्स के पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है, जिससे पता चल सके कि ये भूकंप कितनी गहराई से आया था। पर विनाश देखकर ये कहा गया था कि धरती के नीचे कई किलोमीटर की गहराई पर ये शुरू हुआ था।

इसके बाद भी आ चुके हैं ऐसे भूकंप
28 जुलाई 1976 को चीन का तांगशान शहर 7.8 तीव्रता वाले भूकंप की वजह से मिट्टी में मिल गया था। इसमें 5 लाख से अधिक लोग मारे गए थे।

इसे माना जाता है सबसे ताकतवर भूकंप
22 मई 1960 को चिली के वाल्डिविया में रिक्टर स्केल पर 9.5 तीव्रता वाले इस भूकंप ने भारी तबाही मचाई थी। कहते हैं कि इस भूकंप की ताकत 1 हजार एटम बम के बराबर थी। इसका असर वाल्डिविया से लेकर हवाई द्वीप तक था। इसमें 6 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी, जबकि लाखों लोग बेघर हो गए थे। रिएक्टर स्केल पर ये सबसे ताकवर भूकंप माना जाता है।

आगे की स्लाइड्स में जानें, भूकंप से जुड़े कुछ और फैक्ट्स...

इससे करीब 840 किलोमीटर का एरिया तबाह हो गया था। इससे करीब 840 किलोमीटर का एरिया तबाह हो गया था।
कई प्रभावित जगहें आज भी वैसी ही हैं। कई प्रभावित जगहें आज भी वैसी ही हैं।
1 सितंबर 1923 को जापान की राजधानी टोक्यो में आया ग्रेट कांटो भूकंप। इसकी वजह से 142,800 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। 1 सितंबर 1923 को जापान की राजधानी टोक्यो में आया ग्रेट कांटो भूकंप। इसकी वजह से 142,800 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।
31 मई, 1935 को क्वेटा और उसके आसपास के इलाक़ों में आए ज़बरदस्त भूकंप में लगभग 35 हज़ार लोगों की जानें गईं। 31 मई, 1935 को क्वेटा और उसके आसपास के इलाक़ों में आए ज़बरदस्त भूकंप में लगभग 35 हज़ार लोगों की जानें गईं।
This Was The Deadlist Earhtquake in History Killing 8 Lakh People
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शांक्सी भूकंप मौतों के मामले में सबसे विनाशकारी भूकंप माना जाता है।शांक्सी भूकंप मौतों के मामले में सबसे विनाशकारी भूकंप माना जाता है।
इससे करीब 840 किलोमीटर का एरिया तबाह हो गया था।इससे करीब 840 किलोमीटर का एरिया तबाह हो गया था।
कई प्रभावित जगहें आज भी वैसी ही हैं।कई प्रभावित जगहें आज भी वैसी ही हैं।
1 सितंबर 1923 को जापान की राजधानी टोक्यो में आया ग्रेट कांटो भूकंप। इसकी वजह से 142,800 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।1 सितंबर 1923 को जापान की राजधानी टोक्यो में आया ग्रेट कांटो भूकंप। इसकी वजह से 142,800 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।
31 मई, 1935 को क्वेटा और उसके आसपास के इलाक़ों में आए ज़बरदस्त भूकंप में लगभग 35 हज़ार लोगों की जानें गईं।31 मई, 1935 को क्वेटा और उसके आसपास के इलाक़ों में आए ज़बरदस्त भूकंप में लगभग 35 हज़ार लोगों की जानें गईं।
This Was The Deadlist Earhtquake in History Killing 8 Lakh People
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