Hindi News »Khabre Zara Hat Ke »OMG» Dog Watched Over His Masters Grave For 12 Years After Death, Died At The Same Spot

मालिक की मौत के बाद 12 साल की कब्र की पहरेदारी, वहीं छोड़ दी जान

ऐसी वफादारी शायद ही आपने अपने जीवन में कभी देखी होगी।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Feb 23, 2018, 12:05 PM IST

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    ये तो हम जानते ही हैं कि डॉग से ज्यादा वफादार जानवर इंसान के लिए कोई नहीं होता, लेकिन ऐसी वफादारी शायद ही आपने अपने जीवन में कभी देखी होगी। हम बात कर रहे हैं अर्जेंटीना के विला कार्लो में एक शख्स के ऐसे डॉग के बारे में जिसने वफादारी के मायने ही बदल दिए। कैप्टन नामक इस जर्मन शेफर्ड डॉग के मालिक मिगुल गुजमेन की 2006 में मौत हो गई थी, जिसके बाद दुखी डॉग 12 सालों तक मालिक की कब्र की पहरेदारी करता रहा। आखिरकार उसने भी कब्र के पास ही अपने प्राण त्याग दिए। पूरा शहर जानता था कैप्टन को...

    -अपनी वफादारी की वजह से कैप्टन को पूरा शहर जानता था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 16 साल के कैप्टन का स्वास्थ पिछले कई दिनों से ठीक नहीं चल रहा था। 20 फरवरी को वो मालिक की कब्र के पास मृत पाया गया।

    मालिक की मौत के बाद गायब हो गया था कैप्टन

    - परिवार ने बताया कि 2005 में मिगुल गुजमेन ने ये डॉग अपने 13 साल के बेटे को गिफ्ट किया था। जब गुजमेन की मौत हुई, उसके बाद कैप्टन घर से गायब हो गया। घर वालों ने ढूंढा पर कैप्टन का कुछ पता नहीं चला। एक दिन जब परिवार वाले दोबारा गुजमेन को श्रद्धांजलि देने पहुंचे तो कैप्टन मालिक की कब्र के पास बैठा नजर आया।

    - गुजमेन की वाइफ ने मीडिया को कहा, मैं हैरान थी कि आखिर उसने मेरे पति की कब्र कैसे खोज ली। हम उसे अंतिम संस्कार में नहीं लेकर गए थे। जब हम कब्रिस्तान पहुंचे, वो हमें देखकर भौंका और हमारे पास आकर रोने लगा, ये बहुत भावुक क्षण था।

    वापस नहीं आना चाहता था कैप्टन

    - गुजमेन की वाइफ ने आगे कहा, हमने कई बार उसे घर लाने की कोशिश की। एक बार कब्रिस्तान से वो हमारे पीछे घर तक आया। घर पर वक्त तो गुजारा, लेकिन रात होने के पहले ही चला गया। अगले दिन वो मिगुल की कब्र के पास बैठा था। शायद वो रात में अपने मालिक को अकेला नहीं छोड़ना चाहता था।

    6 बजे के बाद वापस आ जाता था कैप्टन

    - इस बात की गवाही देते हुए कब्रिस्तान के मैनेजर हैक्टर ने कहा, मैं उसे उसी दिन से देख रहा हूं जब गुजमेन को यहां दफनाया गया था। वो उसकी कब्र को कभी नहीं छोड़ता था। अगर दिन में कहीं घूमने भी चला जाए, तो 6 बजे तक वो वापस कब्र पर आकर बैठ जाता। मैंने अपनी जिंदगी में ऐसी वफादारी कहीं नहीं देखी।

    और फिर हो गई मौत

    - कब्रिस्तान के एक और कर्मचारी क्लॉट ने कहा, मैं उसे खाना और दवाई देता था। वो लंबे समय से बीमार चल रहा था। वो काफी कमजोर हो गया था। एक दिन कब्रिस्तान में ही वो हमें मृत मिला।

    वहीं दफनाया जाएगा कैप्टन को

    - मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कब्रिस्तान से परमिशन मिलने पर कैप्टन को उसके मालिक के पास ही दफनाया जाएगा।

    आगे की स्लाइड्स में देखें, इस वफादार डॉग के कुछ और फोटाेज...

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