मानो या ना मानो

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अब सपनों को रिकॉर्ड कर देख सकेंगे आप, जल्द ही ऐसा भी हो सकता है

जापानी साइंटिस्ट्स ऐसी मशीन बना चुके हैं जो आपके सपनों को रिकॉर्ड करेगी।

Danik Bhaskar

Jan 06, 2018, 12:57 PM IST

सपनों की दुनिया बेहद रहस्यमयी है। अच्छे-बुरे सपनों को लेकर अक्सर कई तरह की मान्यताएं भी होती हैं। लेकिन अक्सर ऐसा होता है कि हम सपनों को भूल जाते हैं, पर अब ऐसा नहीं होगा। अब जल्दी ही ऐसी टेक्नोलॉजी आ सकती है, जहां सपनों को आप दोबारा देख सकेंगे। जापानी साइंटिस्ट्स ऐसी मशीन बना चुके हैं जो आपके सपनों को रिकॉर्ड करेगी। 10 साल से चल रहा काम...

- Journal Science के मुताबिक जापानी साइंटिस्ट्स की टीम दुनिया के इस सबसे रोचक और रहस्यमयी विषय पर करीब 10 सालों से काम कर रही है। एक साइंस फिल्म में दिखाए गए सीन को साइंटिस्ट्स असलियत में बदलने में लगे हुए हैं। कुछ सालों पहले ऐसी मशीन बनाई गई थी जो दिमाग से मिले सिग्नल से बता सकती थी कि व्यक्ति सपने में क्या देख रहा है और इसपर लगातार काम जारी है

ऐसे करती है काम
- जब भी हम कोई सपने देखते हैं, तब हमारे दिमाग में न्यूरल पैटर्न तैयार होते हैं। ये सब न्यूरॉन्स की हरकत की वजह से होता है। जब दिमाग एक्टिव होता है तब न्यूरॉन्स मस्तिष्क को संदेश भेजने में मदद करते हैं। माना जाता है कि सपनों के दौरान भी कुछ न्यूरॉन्स हरकत में रहते हैं।

- एक कम्प्यूटर एल्गोरिथम की मदद से दिमाग में बने इन न्यूरल पैटर्न को समझा जा सकता है। रिसर्च के मुताबिक जब भी हम कोई वस्तु या कोई दृश्य देखते हैं, तब दिमाग में एक खास तरह का पैर्टन बनता है। उदाहरण के तौर पर हम जितनी बार सपने में घर देखेंगे, दिमाग ठीक उसी तरह का न्यूरल पैर्टन बनेगा

- इस पैर्टन से ये समझा जा सकता है कि व्यक्ति सपने में क्या देख रहा है। वहीं साइंटिस्ट्स द्वारा बनाई गई 'ड्रीम रीडर' मशीन इस एल्गोरिथम की मदद से ठीक वैसे ही दृश्य बनाकर रिकॉर्ड कर सकती है। हालांकि, इसकी सटीकता के लिए लगातार रिसर्च जारी है।

आगे की स्लाइड्स में जानें सपनों से जुड़े इंटरेस्टिंग Facts...

आपको बता दें कि सपनों को लेकर कई तरह की मान्यताएं हैं। हालांकि, इसका सच क्या है ये कोई नहीं जानता। आपको बता दें कि सपनों को लेकर कई तरह की मान्यताएं हैं। हालांकि, इसका सच क्या है ये कोई नहीं जानता।
सपने वास्तव में नींद के दौरान दिमाग में होने वाली क्रियाओं का परिणाम है। एक मत के अनुसार सोते समय व्यक्ति की जो मानसिक स्थिति होती है, उसी से संबंधित सपने उसे दिखाई देते हैं। उदाहरण के लिए यदि व्यक्ति सोते समय अपने काम के लिए चिंतित है, तो उसे अपने ऑफिस या ऑफिस में काम करने वाले लाेगाें के सपने दिखाई देंगे। सपने वास्तव में नींद के दौरान दिमाग में होने वाली क्रियाओं का परिणाम है। एक मत के अनुसार सोते समय व्यक्ति की जो मानसिक स्थिति होती है, उसी से संबंधित सपने उसे दिखाई देते हैं। उदाहरण के लिए यदि व्यक्ति सोते समय अपने काम के लिए चिंतित है, तो उसे अपने ऑफिस या ऑफिस में काम करने वाले लाेगाें के सपने दिखाई देंगे।
वहीं दूसरे मत के अनुसार जो इच्छाएं हमारे जीवन में पूरी नहीं हो पाती हैं, उन्हें हम सपनों में पूरा हाेता देखते हैं। हमारे मन की दबी भावनाएं अक्सर सपनों में सामने आती हैं। वहीं दूसरे मत के अनुसार जो इच्छाएं हमारे जीवन में पूरी नहीं हो पाती हैं, उन्हें हम सपनों में पूरा हाेता देखते हैं। हमारे मन की दबी भावनाएं अक्सर सपनों में सामने आती हैं।
धार्मिक मान्यताअाें के अनुसार सपने हमारे जीवन में होने वाली घटनाओं के बारे में अच्छे या बुरे संकेत देते हैं। हालांकि, इन तीनों बातों को साइंटिस्ट्स सिद्ध नहीं कर पाए हैं कि अाखिर ऐसा हमारे दिमाग में क्या होता है जिससे सपने नजर आते हैं। धार्मिक मान्यताअाें के अनुसार सपने हमारे जीवन में होने वाली घटनाओं के बारे में अच्छे या बुरे संकेत देते हैं। हालांकि, इन तीनों बातों को साइंटिस्ट्स सिद्ध नहीं कर पाए हैं कि अाखिर ऐसा हमारे दिमाग में क्या होता है जिससे सपने नजर आते हैं।
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