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वो कौन लोग हैं, जिनकी डेडबॉडी सालों बाद भी नहीं सड़ी-गली

दुनिया की ऐसी डेडबॉडीज जो सदियों बाद भी खराब नहीं हुईं।

Dainik Bhaskar

Jan 08, 2018, 04:07 PM IST
व्लादिमीर लेनिन व्लादिमीर लेनिन

हटके डेस्क: मौत होने के कुछ देर बाद ही उसकी डेडबॉडी खराब होने लगती है। इसलिए बॉडी को दफना या जला दिया जाता है, लेकिन दुनिया में कुछ ऐसी डेडबॉडीज भी हैं जो सदियों से सुरक्षित हैं। उनमें से कुछ को तो सुरक्षित करने के लिए उपाय किए गए हैं तो कुछ बिना किसी उपाय के ही सुरक्षित हैं। आप को दुनिया की ऐसी ही डेड बॉडीज के बारे में बताते हैं।

व्लादिमीर लेनिन: सोवियत संघ के नेता व्लादीमीर लेनिन की मौत 1924 में हुई थी। सोवियत सरकार आने वाली पीढ़ी को प्रेरित करने के लिए उनकी बॉडी को सुरक्षित रखना चाहता थी। सुरक्षित रखने के लिए बॉडी को केमिकल से नहलाया जाता है और इंजेक्शन लगाए जाते हैं। आज भी लेनिन की बॉडी ऐसे लगती है, जैसे वह जीवित हों।

संत फ्रांसिस जेवियर: भारत में ओल्ड गोवा के ‘बेसिलिका ऑव बोम जीसस’ में रखा हुआ, संत फ्रांसिस जेवियर का मृत शरीर आज भी सामान्य अवस्था में रखा है। यह जानकर आप आश्चर्यचकित रह जाएंगे कि यह शव विगत 460 वर्षों से बिना किसी लेप या मसाले के आज भी एकदम तरोताजा है।

आगे की स्लाइड्स में देखें, दुनिया की सुरक्षित डेडबॉडीज

रोसालिआ लोम्बार्डो रोसालिआ लोम्बार्डो

रोसालिआ लोम्बार्डो: सिसली की राजधानी पालेर्मो में दो साल की बच्ची रोसालिआ लोम्बार्डो की डेड बॉडी रखी हुई है, जिसकी मौत 1920 में हुई थी। पिता ने एक्सपर्ट से अपनी बेटी की बॉडी को सुरक्षित करवाया। एक्सपर्ट ने बॉडी को सुरक्षित रखने के लिए एल्कोहल, सैलीसाइलिक एसिड और ग्लिसरीन के मिश्रण से ऐसा केमिकल तैयार किया, जिससे यह बॉडी आज भी सुरक्षित रखी हुई है।

 

डैशी-डोरजहो इटिगिलोव डैशी-डोरजहो इटिगिलोव

डैशी-डोरजहो इटिगिलोव: डोरजहो इटिगिलोव एक बुरयत बौद्ध भिक्षु थे। 1927 में मेडिटेशन करते हुए उनकी मौत हुई थी। उनकी डेड बॉडी को ठीक इसी पोजिशन में जमीन में समाधि दी गई थी। 1955 में इटिगिलोव के अनुयायियों ने उनकी समाधि स्थल को खोला तो बॉडी ध्यान करने की पोजिशन में ज्यों की त्यों थी। यह देखकर लोग हैरान हो गए। इसके बाद इस बॉडी को इटिगेल खाम्बयन पैलेस टेम्पल में रखवा दिया गया।

जॉन टोरिंगटन जॉन टोरिंगटन

 

जॉन टोरिंगटन: 1846 में अंग्रेज ऑफिसर जॉन टोरिंगटन नॉर्थवेस्ट पैसेज की खोज के अभियान में लगे थे। इस दौरान उनकी मौत हो गई। उस समय उनकी उम्र 22 साल की थी। मौत के बाद उनकी इस बॉडी को कनाडा में आर्कटिक के बैरन टुंड्रा में दफना दिया गया था। 1984 में टोरिंगटन की कब्र को शिफ्ट करने के लिए खोदा गया तो सभी लोग हैरान रह गए। टोरिंगटन की डेड बॉडी जैसी रखी गई वैसी ही अभी भी थी।

लेडी जिन झुई लेडी जिन झुई

लेडी जिन झुई: यह दुनिया की सबसे संरक्षित ममीज में से एक है। लेडी जिन झुई हान राजवंश के एक राजनीतिज्ञ की पत्नी थीं। उनकी मौत 163 ईसा पूर्व हुई थी। 2000 साल बाद 1972 में जब लेडी जिन झुई के मकबरे को खोदा गया तो बॉडी बेहद सुरक्षित थी और नसों में ब्लड भी मौजूद था। वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया की उसकी मौत हार्ट की बीमारी से हुई होगी।

 

सेंट जीटा सेंट जीटा

 

सेंट जीटा: इटली के लुक्का कस्बे के बैसिलिका डि सैन फ्रेडिआनो में सेंट जीटा की बॉडी रखी गई है। वह एक कैथोलिक संत थीं और जरूरतमंदों की देखभाल करती थीं। लोगों ने दावा किया कि 1272 में जब सेंट जीटा की मौत हुई थी तो उनके घर के ऊपर एक तारा दिखाई दिया था। 1580 में उनकी बॉडी को खोदकर निकाला गया तो यह सुरक्षित हालत में मिली। जीटा को1696 में संत घोषित कर दिया गया। 

टोलुंड मैन टोलुंड मैन

टोलुंड मैन: डेनमार्क के जटलैंड पेनिनसुला में टोलुंड मैन की बॉडी संरक्षित हालत में है। वैज्ञानिकों का मानना है कि टोलुंड मैन की मौत चौथी ईसापूर्व शताब्दी में हुई। यह बॉडी जिस तरह की मिट्टी में रखी हुई है, उसमें डेड बॉडी को लंबे समय तक सुरक्षित रखने का गुण है। यह डेड बॉडी लगभग 3359 से 3105 वर्ष ईसा पूर्व के बीच की है।

ला डोंसेला ला डोंसेला

ला डोंसेला: दक्षिणी अमेरिका में यूरोपियन लोगों के पहुंचने से पूर्व एंडीज पर्वत की एक ऊंची जगह पर इंका महिला की बलि दी गई थी। पहाड़ के वातावरण में महिला का शरीर सुरक्षित बना रहा। करीब 500 साल बाद ला डोंसेला की बॉडी बर्फ में जमी हुई मिली।

 
ओत्जी ओत्जी

ओत्जी: इटली के साउथ टेयरोल में ठंड के कारण यह बॉडी आज भी काफी सुरक्षित है। यह लगभग 3359 से 3105 वर्ष ईसा पूर्व के बीच की है। यह यूरोप की सबसे पुरानी ममी है। यह बॉडी कॉपर एज की याद दिलाती है। डेड बॉडी में जो कपड़े हैं, वे घास और चमड़े से बने हैं। डेड बॉडी के पास एक कुल्हाड़ी, चाकू, तरकस और मुठ्ठी पर बेर मिले हैं।

 
 
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