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मुर्गियों पर ये जुल्म कब तक ? देखिए इस तरह ढुलाई से इनका क्या हाल होता है?

पॉल्ट्री फॉर्म से दुकानों तक ऐसे पहुंचाई जाती हैं मुर्गियां

DainikBhaskar.com | Last Modified - Jan 28, 2018, 08:51 PM IST

    • स्पेशल: आपने अपने शहर में मुर्गे-मुर्गियों को इस तरह ले जाते जरूर देखा होगा। क्या आप जानते हैं इस तरह से बाजार तक ले जाने के क्रम में बहुत सी मुर्गियों की दम घुटने से मौत हो जाती है। इनको पिंजरों में मुर्गियों को भूसे की तरह भरा जाता है। देखें क्या होता है इसका असर ?

      पिंजरों में मुर्गियों की क्या होती है हालत ?

      भूसे की तरह पिंजरों में बंद पक्षी ठीक से गर्दन भी नहीं उठा पाते हैं. इससे न सिर्फ इनकी गर्दन की हड्डी टूट जाती है बल्कि आपस में रगड़ने से पंख टूट जाते हैं। शरीर पर जख्म हो जाते हैं।

      क्या कहते हैं एक्सपर्ट ?

      राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग शोध संस्थान ने मुर्गी फार्मों की जांच की तो पता चला कि छोटे आकार के पिंजरों में रखी गईं मुर्गे- मुर्गियां भीषण गंदगी के कारण इंफेक्शन का शिकार हो जाती हैं...परिवहन के दौरान होने वाले जख्म से ये इंफेक्शन औऱ बढ़ जाता है। इंफेक्शन इतना बढ़ जाता है कि इनके अंडे और मांस तक पहुंच जाता है। भारतीय मानकों के मुताबिक मुर्गी फार्म में प्रत्येक मुर्गे के लिये कम से कम 450 वर्ग सेंटी मीटर जगह होना चाहिये। जबकि इन फार्मों में पिंजरों में बंद मुर्गे-मुर्गियों को मानक से पांच गुना कम जगह मिल पा रही है। पशु पक्षी प्रेमियों ने मुर्गियों पर सरेआम होते इस जुल्म के खिलाफ काफी आवाज़ उठाई है लेकिन हालात बदलते नहीं।

      ऐसा करना कानूनन जुर्म है

      - जानवरों को ऐसी स्थति में लाना - ले जाना गुनाह है जिससे उन्हें चोट लग सकती है या दर्द हो सकता है। पीसीए एक्ट के सेक्शन 11 (1) (D) के तहत ऐसा करना मना है। मोटर व्हीकल एक्ट 1978 के तहत भी ऐसा करना मना है।

      - बाजार तक ले जाते वक्त ही ज्यादातर मुर्गियों जख्मी हो जाती हैं तब भी उनका कत्ल किया जाता है। जबकि भारतीय प्रिवेंशन ऑफ क्रूवेल्टी टू एनिमल्स, रूल्स 2001 के तहत ऐसा करना गुनाह है।

      - पीसीए एक्ट 1960 के मुताबिक किसी भी जानवर को लंबे समय तक तंग जगह पर कैद रखना गुनाह है। इसके तहत 3 महीने की जेल और जुर्माना हो सकता है।

      हम क्या कर सकते हैं ?

      पशु पक्षी प्रेमी लंबे समय से मुर्गियों पर सरेआम होते इस जुल्म के खिलाफ काफी आवाज़ उठाई है लेकिन हालात बदलते नहीं। अगर आपको भी लगता है कि बेजुबानों पर जुल्म हो रहा है तो इस पोस्ट को शेयर कर अपनी नाराजगी जताएं ।

    • मुर्गियों पर ये जुल्म कब तक ? देखिए इस तरह ढुलाई से इनका क्या हाल होता है?
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    Web Title: Chicken Transport And Slaughter
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