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स्वामी की चली तो गोहत्या पर मिलेगी मौत की सजा

अगर वरिष्ठ भाजपा नेता और राज्यसभा सदस्य सुबमण्यम स्वामी का गौ संरक्षण विधेयक, 2017 संसद में दोबारा पेश हुआ और पारित हुआ

Dainik Bhaskar

Feb 03, 2018, 05:10 PM IST
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नई दिल्ली : अगर वरिष्ठ भाजपा नेता और राज्यसभा सदस्य सुबमण्यम स्वामी का गौ संरक्षण विधेयक, 2017 संसद में दोबारा पेश हुआ और पारित हुआ तो गोहत्या के दोषियों को मौत की सजा सुनाई जाएगी। साथ ही लोगों पर एक प्रतिशत वैकल्पिक सेस भी लग सकता है। शुक्रवार को संसद के उच्च सदन का माहौल उस समय गरमा गया जब स्वामी ने एक निजी विधेयक Cow Protection Bill, 2017 पेश करते हुए गोहत्या के दोषियों के लिए मौत की सजा की मांग की।

साथ ही उन्होंने सरकार से गोवंश को बढ़ाने के लिए एक प्रतिशत वैकल्पिक सेस लगाने की मांग भी की। उन्होंने दावा किया लोग स्वेच्छा से सरकार की उम्मीद से कहीं ज्यादा सेस देंगे। इस प्राइवेट बिल में हर गांव में गोशाला बनाने का प्रावधान भी है। हालांकि केंद्र सरकार के हस्तक्षेप और इस दिशा में काम करने के आश्वासन के बाद स्वामी ने यह चेतावनी देते हुए बिल वापस ले लिया कि अगर केंद्र ने ठोस कदम नहीं उठाया तो वह बिल दोबारा सदन में पेश करेंगे।

स्वामी ने कहा कि मुस्लिमों ने कभी नहीं कहा कि गाय खाना उनका अधकार है। यही नहीं मुगल शासक बहादुर शाह जफर ने भी गोहत्या पर पाबंदी लगाई थी। उनके मुताबिक अंग्रेजों के आने के बाद ही देश में गोमांस का चलन बढ़ा। बिल के समर्थन में स्वामी ने कहा कि गौमूत्र का इस्तेमाल दवा बनाने में होता है। अमेरिका ने इसके लिए पेटेंट भी करा लिया है। उन्होंने कहा कि गोमांस के धंधे में शामिल लोगों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए। इसमें अर्थदंड से लेकर फांसी तक की सजा होनी चाहिए।

स्वामी के प्रस्ताव पर तेलंगाना से कांग्रेस सांसद आनंद भास्कर ने तंज कसा कि हमें गाय की सेहत पर ध्यान जरूर देना चाहिए, लेकिन गाय को राजनीतिक पशु नहीं बनाना चाहिए। समाजवादी पार्टी के सांसद जावेद अली ने बिल का तंज के साथ समर्थन करते हुए कहा कि भारत सरकार को अमेरिका, इजरायल सहित उन सभी देशों से संबंध खत्म करने लेने चाहिए जहां गोमांस खाया जाता है या उसका कारोबार होता है। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने खान की तारीफ की, जबकि राजीव शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस ने 1955 में ही गोकशी पर प्रतिबंध लगा दिया था। भाकपा सांसद डी. राजा ने बिल का विरोध करते हुए कहा कि गोरक्षा की आड़ में लोगों का कत्ल किया जा रहा है।

इस पर रेल मंत्री पीयूष गोयल ने अफसोस जताया कि सांसद एक गंभीर मुद्दे का मजाक बना रहे हैं। कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने स्वामी से कहा कि वह इस प्राइवेट बिल को वापस ले लें क्योंकि सरकार गोवंश की सुरक्षा के लिए कदम उठा रही है। इसके बाद स्वामी ने सशर्त बिल वापस ले लिया।

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