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तीन साल तक अपनी बीवी की कब्र पर नाचता रहा ये शख्स, कहानी सच्ची है EP-2

मैसूर राजघराने के दीवान की बेटी शाकिरा नमाजी खलीली के हत्याकांड की कहानी।

Danik Bhaskar | Jan 05, 2018, 03:47 PM IST
VIDEO: शाकिरा मर्डर मिस्ट्री VIDEO: शाकिरा मर्डर मिस्ट्री

हटके डेस्क. वो बेहद खूबसूरत थी। मैसूर राजघराने के दीवान की बेटी। उसे चाहने वालों की एक लंबी फेहरिस्त थी। लेकिन सबको छोड़ उसका दिल एक ऐसे शख्स पर आया जिसने, पहले तो उसे बेपनाह मोहब्बत की फिर जिंदा चुनवा दिया। फिर उसी की कब्र पर तीन साल तक नाचता रहा। जी हां। कहानी सच्ची है। बात एक ऐसी मर्डर मिस्ट्री की, जो देश में डान्सिंग ऑन ग्रेव के नाम से जानी गई। शाकिरा नमाजी खलीली की मर्डर मिस्ट्री...

शाकिरा नमाजी खलीली। यही नाम था उसका। मैसूर राजघराने के दीवान की बेटी। रिटायर्ड आईएफएस अफसर और ऑस्ट्रेलिया में हाई कमिश्नर रहे अकबर मिर्जा खलीली से शादी हुई। शुरू में तो सबकुछ ठीक ठाक रहा। चार बेटियां भी हुईं। धीरे-धीरे 25 साल बीत गए। इसी दौरान शाकिरा की जिंदगी में एक और शख्स आ गया। जिसका नाम मुरली मनोहर मिश्र था। मुरली एक राजपरिवार में नौकर था। शाकिरा से वो एक प्रोग्राम में मिला था। लेकिन मुलाकात ऐसी थी कि धीरे-धीरे प्यार में बदल गई।


टैक्स और प्रॉपर्टी की अच्छी समझ रखने वाला मुरली धीरे-धीरे स्वामी श्रद्धानंद बन गया। इधर शाकिरा को बेटे की कमी खल रही थी। इसी के चलते उसने स्वामी से मुलाकात की। बेटे की मुराद पूरी करवाने की चाहत में दोनों काफी नजदीक आ गए। आखिर में शाकिरा ने पति को तलाक दे दिया और सब कुछ छोड़छाड़ कर स्वामी से शादी कर ली फिर दोनों बेंगलुरु शिफ्ट हो गए। मां का फैसला बेटियों को नामंजूर था। इसलिए तीन बेटियां शाकिरा से अलग हो गईं। लेकिन चौथी बेटी सबा मां को छोड़ न सकी। वो मॉडलिंग के लिए मुंबई चली गई लेकिन बीच-बीच में मां से मिलने आ जाती।

पांच साल तक तो सबकुछ ठीक रहा। दोनों बेंगलुरु में एक दूसरे के साथ खुश थे। लेकिन अचानक एक दिन शाकिरा गायब हो गई। मुंबई से बेटी सबा ने मां को कई फोन किए, फिर स्वामी को भी कॉल लगाई। लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। लिहाजा वो बेंगलुरु चली आई। यहां सबा और स्वामी ने खोजबीन की। इसी में नौ महीने बीत गए। फिर एक रोज स्वामी ने बताया कि उसकी मां प्रेग्नेंट है और अमेरिका के रूजवेल्ट हॉस्पिटल गई है। मां की खोज में दरबदर भटक रही सबा ने रूजवेल्ट हॉस्पिटल में पता किया। लेकिन वहां शाकिरा खलीली नाम की कोई महिला एडमिट ही नहीं थी। सबा का सब्र टूट चुका था। वो समझ गई कि स्वामी उससे कुछ छुपा रहा है। लिहाजा उसने मां की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी।

पुलिस को पहला शक स्वामी पर था। उससे पूछताछ भी की गई। लेकिन उसका शहर में काफी रसूख था, लिहाजा पुलिस उससे सख्ती नहीं कर सकी। काफी पड़ताल के बाद भी कोई सुराग नहीं मिल रहा था। नौबत केस बंद करने तक आ गई। लेकिन एक दिन ऐसा कुछ हुआ कि शाकिरा मिल गई। वो रात थी 29 अप्रैल 1994 की। बेंगलुरु क्राइम ब्रांच का कॉस्टेबल एक ठेके पर बैठा था। तभी शराब में धुत एक शख्स आया। वो कॉस्टेबल के सामने ही कहने लगा कि जिस शाकिरा को पुलिस ढूंढ रही है वो तो जिंदा ही नहीं है। पुलिस ने उस शख्स को कस्टडी में लेकर पूछताछ की। ये शख्स कोई और नहीं बल्कि स्वामी का नौकर था। उसने बताया कि स्वामी ने शाकिरा को जिंदा ही ताबूत में बंद कर दफना दिया।


नौकर से हुई पूछताछ के आधार पर स्वामी को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की गई। तब जाकर उसने सबकुछ उगला। उसने बताया कि उसने शाकिरा से उसकी दौलत के लिए प्यार और फिर शादी की थी। उसे वो दौलत मिलने भी वाली थी। लेकिन शाकिरा ने अपनी सारी दौलत और प्रापर्टी चारों बेटियों को देने का फैसला कर लिया। जिसके बाद उसने शाकिरा की हत्या का प्लान बनाया। 28 अप्रैल 1991 का दिन था। स्वामी ने घर के सारे नौकरों को छुट्टी दे दी। फिर खुद से चाय बनाई और उसमें बेहोशी की दवा मिला दी। चाय पीने के बाद शाकिरा बेहोश हुई तो उसे एक गद्दे में लपेटकर ताबूत में डाल दिया। फिर जिंदा दफना दिया। उसके ऊपर शानदार टाइल्स लगवा दिए। तीन साल तक वो उसी आंगन में अपनी बीवी की कब्र के ऊपर रात को पार्टी करता रहा। शराब पीकर दोस्तों के साथ नाचता रहा।

ताबूत के अंदर नाखून की खंरोच के निशान भी मिले। जिसे देखकर लगा कि होश में आने के बाद शाकिरा ने बाहर निकलने की काफी कोशिश की और अन्त में तड़पड़ते-तड़पते दम तोड़ दिया। ताबूत से बरामद अंगूठियों और चूड़ियों से शाकिरा की पहचान हुई। सुप्रीम कोर्ट ने स्वामी को उम्र कैद की सजा सुनाई। अब वो कर्नाटक के बेलगाम जेल में बंद है।

कातिल मुरली मनोहर मिश्र कातिल मुरली मनोहर मिश्र
शाकिरा की बेटी सबा शाकिरा की बेटी सबा