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रहस्यमयी घाटी, यहां सुसाइड करते हैं पक्षी ! नाइट एंट्री है BAN

प्राकृतिक अवस्था के चलते साल में करीब 9 महीने तक बाहरी दुनिया से अलग-थलग रहता है।

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 12:53 PM IST

ख़बरें ज़रा हटके. दक्षिणी असम के दिमा हासो जिले की पहाड़ी घाटी में स्थित जतिंगा एक ऐसा गांव है, जो अपनी प्राकृतिक अवस्था के चलते साल में करीब 9 महीने तक बाहरी दुनिया से अलग-थलग रहता है। लेकिन सितंबर माह की शुरुआत से ही यह गांव खबरों की सुर्खियों बन जाता है। इसका कारण है यहां होने वाली पक्षियों की सुसाइड की रहस्यमयी घटना।

जातिंगा दरअसल असम के बोरैल हिल्स में स्थित है। जहां काफी बरसात होती है और बेहद ऊंचाई पर होने व पहाड़ों से घिरे होने के कारण बादलों और बेहद गहरी धुंध का यहां जमावड़ा रहता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक गहरी घाटी में बसे होने के कारण जातिंगा में तेज बारिश के दौरान जब पक्षी यहां से उड़ने की कोशिश करते हैं तो वह पूरी तरह से गीले हो चुके होते हैं, ऐसे में प्राकृतिक रूप से उनके उड़ने की क्षमता खत्म हो जाती है। चूंकि यहां बांस के बेहद घने और कटीले जंगल हैं, ऐसे में गहरी धुंध और अंधेरी रातों के दौरान पक्षी इनसे टकराकर दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। जहां तक तय समय की बात है तो पक्षी शाम के इस समय अपने घरों को लौटने की कोशिश करते हैं ऐसे में इस वक्त दुर्घटनाएं ज्यादा होती हैं।

कैसे जाएं -गुवाहाटी से जतिंगा 330 किमी दूर है। गुवाहाटी से हाफलोंग के लिए बस और ट्रेन सेवा है। यहां ठहरकर आप यह दृश्य खुद देख सकते हैं।

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