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यहां चुपके से खीची गईं फोटोज, जहां इंसानों का भटकना भी है मना

दुनिया की कुछ सीक्रेट जगहों की ड्रोन के जरिए तस्वीरें छिपकर ली गई है।

Dainik Bhaskar

Feb 05, 2018, 02:14 PM IST
Secret Photos Captured From Drone From Forbidden Areas Around The Wrold

दुनिया में कुछ ऐसी जगहें भी हैं, जहां फोटोज लेना तो दूर भटकना भी मना है। जमीन से फोटोज खींचने पर आपकी जान को भी खतरा हो सकता है। ऐसे में दुनिया की कुछ सीक्रेट जगहों की ड्रोन के जरिए तस्वीरें छिपकर ली गई है। आज हम आपको इन्हीं सीक्रेट जगहों की फोटोज दिखाने जा रहे हैं। फोटो में दिखा खौफनाक मंजर...

- युक्रेन के डेबल्टसेवो में 2014 में हुए मिलिट्री हमलों की ये तस्वीरें ड्रोन द्वारा कैद की गई थीं। यहां आज भी जंग के अवशेष पड़े हुए हैं और आम आदमी का आज भी यहां भटकना मना है। ऐसे में किसी ने छिपकर ड्रोन कैमरे की मदद से यहां की कुछ फोटोज क्लिक कर शेयर की हैं।

युद्ध के बीच भी ली गई फोटो
ड्रोन के जरिए उन जगहों की तस्वीरें क्लिक की जाती है, जहां इंसानों का जा पहुंच पाना संभव नहीं होता। इनमें जहां कुछ तस्वीरें काफी खूबसूरत हैं, तो कुछ में खौफनाक चीजें भी कैद हुई हैं। आगे की स्लाइड्स में हम आपको जो तस्वीरें दिखाने जा रहे हैं, वहां फोटोज खींचना जान को जोखिम में डालने जैसा है।

आगे की स्लाइड्स में देखें, कुछ ऐसी ही सीक्रेट फोटोज...

युक्रेन के प्रिप्यत में 1986 में हुए न्यूक्लियर हादसे के बाद यहां किसी का भी रहना मना है। ड्रोन द्वारा कैद की गई इस तस्वीर में मिसाइल अटैक को पता करने के लिए बनाए गए सिस्टम को दिखाया गया है। युक्रेन के प्रिप्यत में 1986 में हुए न्यूक्लियर हादसे के बाद यहां किसी का भी रहना मना है। ड्रोन द्वारा कैद की गई इस तस्वीर में मिसाइल अटैक को पता करने के लिए बनाए गए सिस्टम को दिखाया गया है।
रूस के टेसला टॉवर की ये फोटो भी जमकर वायरल हुई थी। यहां भी इंसानों का भटकना मना है ये टावर लाखों वोल्ट की बिजली को वायरलैस ट्रांसफर कर सकते हैं। रूस के टेसला टॉवर की ये फोटो भी जमकर वायरल हुई थी। यहां भी इंसानों का भटकना मना है ये टावर लाखों वोल्ट की बिजली को वायरलैस ट्रांसफर कर सकते हैं।
अब जरा इस तस्वीर को ही देख लीजिए। ये फोटो सीरिया के सिविल वॉर के दौरान ड्रोन ने ली है। सीरियाई टैंक द्वारा हमले करते हुए इस तस्वीर को लेना शायद किसी फोटोग्राफर के बस की बात नहीं थी। अब जरा इस तस्वीर को ही देख लीजिए। ये फोटो सीरिया के सिविल वॉर के दौरान ड्रोन ने ली है। सीरियाई टैंक द्वारा हमले करते हुए इस तस्वीर को लेना शायद किसी फोटोग्राफर के बस की बात नहीं थी।
कजन्तिप में बने इस एटोमिक एनर्जी स्टेशन का निर्माण 1976 में किन्ही कारणों से रोक दिया गया था। इसके बाद से यहां ज्यादा लोगों को जाने की परमिशन नहीं थी। हालांकि, बाद में खबर ये आई थी कि 2005 में किसी ने इस जगह को खरीद लिया था। कजन्तिप में बने इस एटोमिक एनर्जी स्टेशन का निर्माण 1976 में किन्ही कारणों से रोक दिया गया था। इसके बाद से यहां ज्यादा लोगों को जाने की परमिशन नहीं थी। हालांकि, बाद में खबर ये आई थी कि 2005 में किसी ने इस जगह को खरीद लिया था।
नॉर्वे के स्पिट्सबेर्गें में नार्थ पोल से 650 मील दूर एक ऐसा वॉल्ट तैयार किया गया है, जहां दुनिया के करीब आठ लाख साठ हजार तरह के बीजों को सुरक्षित रखा गया है। ताकि अगर कभी कोई फसल खत्म हो जाए, तो उसे फिर से उगाया जा सके। यहां भी आम लोगों का आना मना है। नॉर्वे के स्पिट्सबेर्गें में नार्थ पोल से 650 मील दूर एक ऐसा वॉल्ट तैयार किया गया है, जहां दुनिया के करीब आठ लाख साठ हजार तरह के बीजों को सुरक्षित रखा गया है। ताकि अगर कभी कोई फसल खत्म हो जाए, तो उसे फिर से उगाया जा सके। यहां भी आम लोगों का आना मना है।
अमेरिका के रहने वाले ट्रे रेटक्लिफ ने चीन के बीजिंग में मौजूद पैलेस की फोटोज ड्रोन के जरिए खींची थी। इस जगह को फॉरबिडेन सिटी के नाम से भी जाना जाता है। हालांकि, कुछ फोटोज के क्लिक होने के बाद चीनी सैनिकों की नजर ड्रोन पर पड़ गई, और उन्हें अरेस्ट कर लिया गया। अमेरिका के रहने वाले ट्रे रेटक्लिफ ने चीन के बीजिंग में मौजूद पैलेस की फोटोज ड्रोन के जरिए खींची थी। इस जगह को फॉरबिडेन सिटी के नाम से भी जाना जाता है। हालांकि, कुछ फोटोज के क्लिक होने के बाद चीनी सैनिकों की नजर ड्रोन पर पड़ गई, और उन्हें अरेस्ट कर लिया गया।
2011 में जापान के फुकुशीमा के ओकुमा में आए भूकंप के बाद वहां के न्यूक्लियर प्लांट में आए रिसाव की वजह से तुरंत लोगों को वहां से हटा दिया गया। इसके बाद से यहां लोगों ने जाना बंद कर दिया। लेकिन ड्रोन ने वहां जाकर तस्वीरें खींची। 2011 में जापान के फुकुशीमा के ओकुमा में आए भूकंप के बाद वहां के न्यूक्लियर प्लांट में आए रिसाव की वजह से तुरंत लोगों को वहां से हटा दिया गया। इसके बाद से यहां लोगों ने जाना बंद कर दिया। लेकिन ड्रोन ने वहां जाकर तस्वीरें खींची।
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Secret Photos Captured From Drone From Forbidden Areas Around The Wrold
युक्रेन के प्रिप्यत में 1986 में हुए न्यूक्लियर हादसे के बाद यहां किसी का भी रहना मना है। ड्रोन द्वारा कैद की गई इस तस्वीर में मिसाइल अटैक को पता करने के लिए बनाए गए सिस्टम को दिखाया गया है।युक्रेन के प्रिप्यत में 1986 में हुए न्यूक्लियर हादसे के बाद यहां किसी का भी रहना मना है। ड्रोन द्वारा कैद की गई इस तस्वीर में मिसाइल अटैक को पता करने के लिए बनाए गए सिस्टम को दिखाया गया है।
रूस के टेसला टॉवर की ये फोटो भी जमकर वायरल हुई थी। यहां भी इंसानों का भटकना मना है ये टावर लाखों वोल्ट की बिजली को वायरलैस ट्रांसफर कर सकते हैं।रूस के टेसला टॉवर की ये फोटो भी जमकर वायरल हुई थी। यहां भी इंसानों का भटकना मना है ये टावर लाखों वोल्ट की बिजली को वायरलैस ट्रांसफर कर सकते हैं।
अब जरा इस तस्वीर को ही देख लीजिए। ये फोटो सीरिया के सिविल वॉर के दौरान ड्रोन ने ली है। सीरियाई टैंक द्वारा हमले करते हुए इस तस्वीर को लेना शायद किसी फोटोग्राफर के बस की बात नहीं थी।अब जरा इस तस्वीर को ही देख लीजिए। ये फोटो सीरिया के सिविल वॉर के दौरान ड्रोन ने ली है। सीरियाई टैंक द्वारा हमले करते हुए इस तस्वीर को लेना शायद किसी फोटोग्राफर के बस की बात नहीं थी।
कजन्तिप में बने इस एटोमिक एनर्जी स्टेशन का निर्माण 1976 में किन्ही कारणों से रोक दिया गया था। इसके बाद से यहां ज्यादा लोगों को जाने की परमिशन नहीं थी। हालांकि, बाद में खबर ये आई थी कि 2005 में किसी ने इस जगह को खरीद लिया था।कजन्तिप में बने इस एटोमिक एनर्जी स्टेशन का निर्माण 1976 में किन्ही कारणों से रोक दिया गया था। इसके बाद से यहां ज्यादा लोगों को जाने की परमिशन नहीं थी। हालांकि, बाद में खबर ये आई थी कि 2005 में किसी ने इस जगह को खरीद लिया था।
नॉर्वे के स्पिट्सबेर्गें में नार्थ पोल से 650 मील दूर एक ऐसा वॉल्ट तैयार किया गया है, जहां दुनिया के करीब आठ लाख साठ हजार तरह के बीजों को सुरक्षित रखा गया है। ताकि अगर कभी कोई फसल खत्म हो जाए, तो उसे फिर से उगाया जा सके। यहां भी आम लोगों का आना मना है।नॉर्वे के स्पिट्सबेर्गें में नार्थ पोल से 650 मील दूर एक ऐसा वॉल्ट तैयार किया गया है, जहां दुनिया के करीब आठ लाख साठ हजार तरह के बीजों को सुरक्षित रखा गया है। ताकि अगर कभी कोई फसल खत्म हो जाए, तो उसे फिर से उगाया जा सके। यहां भी आम लोगों का आना मना है।
अमेरिका के रहने वाले ट्रे रेटक्लिफ ने चीन के बीजिंग में मौजूद पैलेस की फोटोज ड्रोन के जरिए खींची थी। इस जगह को फॉरबिडेन सिटी के नाम से भी जाना जाता है। हालांकि, कुछ फोटोज के क्लिक होने के बाद चीनी सैनिकों की नजर ड्रोन पर पड़ गई, और उन्हें अरेस्ट कर लिया गया।अमेरिका के रहने वाले ट्रे रेटक्लिफ ने चीन के बीजिंग में मौजूद पैलेस की फोटोज ड्रोन के जरिए खींची थी। इस जगह को फॉरबिडेन सिटी के नाम से भी जाना जाता है। हालांकि, कुछ फोटोज के क्लिक होने के बाद चीनी सैनिकों की नजर ड्रोन पर पड़ गई, और उन्हें अरेस्ट कर लिया गया।
2011 में जापान के फुकुशीमा के ओकुमा में आए भूकंप के बाद वहां के न्यूक्लियर प्लांट में आए रिसाव की वजह से तुरंत लोगों को वहां से हटा दिया गया। इसके बाद से यहां लोगों ने जाना बंद कर दिया। लेकिन ड्रोन ने वहां जाकर तस्वीरें खींची।2011 में जापान के फुकुशीमा के ओकुमा में आए भूकंप के बाद वहां के न्यूक्लियर प्लांट में आए रिसाव की वजह से तुरंत लोगों को वहां से हटा दिया गया। इसके बाद से यहां लोगों ने जाना बंद कर दिया। लेकिन ड्रोन ने वहां जाकर तस्वीरें खींची।
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