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यहां मगरमच्छ को पहनाई जाती है माला, खिलाते हैं मिठाई, जानें क्यों

मेले में बड़ी तादाद में लोग पहुंच रहे हैं

Dainik Bhaskar

Mar 05, 2018, 04:01 PM IST
Sheedi Mela celebrated in Manghopir

हटके डेस्क: पाकिस्तान के कराची में मंगोपीर सबसे पुराने इलाकों में से एक है। ये सूफी संत पीर मंगो की दरगाह के लिए प्रसिद्ध है। यहां पर हर साल सीदी मेला ऑर्गनाइज किया जाता है। मेले में आने वाले सीदी समुदाय के लोग मगरमच्छों माला पहनाते हैं और मिठाई खिलाते हैं, इस दौरान मगरमच्छों को बकरे का मीट खिलाने की भी रवायत है।यहां 100 से ज्यादा मगरमच्छ हैं...

मगरमच्छों को खिलाया जाता है मटन

सीदी समुदाय के लोग मेले के दौरान यहां इकट्ठा होते हैं इस दौरान वो मगरमच्छों को माला पहनाने के बाद मिठाई और बकरे का मटन खिलाते हैं, मान्यता है कि अगर मगरमच्छ ने मटन खा लिया तो उनका साल अच्छा गुजरेगा।

सैकड़ों सालों से तालाब में रहते हैं मगरमच्छ
दरगाह के करीब बने तालाब में सैंकड़ों सालों से मगरमच्छ रहते हैं, मगरमच्छों की देखभाल करने वाले खलीफा साजाद हसन बताते हैं कि मगरमच्छ किसी को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं।

मेले पर लगा दी गई थी रोक
पिछले कुछ समय से यहां पर सेना ने आयोजन को बंद करवा दिया था, लेकिन इस साल फिर मेले की परमिशन दे दी गई। जिसके बाद रविवार से शुरू हुए मेले में काफी तादाद में हुजूम देखने को मिला।

सालों से लगता आ रहा है मेला सालों से लगता आ रहा है मेला
मेले में मगरमच्छों को खिलाया जाता है मटन और मिठाई मेले में मगरमच्छों को खिलाया जाता है मटन और मिठाई
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Sheedi Mela celebrated in Manghopir
सालों से लगता आ रहा है मेलासालों से लगता आ रहा है मेला
मेले में मगरमच्छों को खिलाया जाता है मटन और मिठाईमेले में मगरमच्छों को खिलाया जाता है मटन और मिठाई
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