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आपका कुत्ता बता सकता है आप बीमार होने वाले हैं, ये 10 बातें नहीं जानते होंगे आप

कुत्तों में सूंघने की ऐसी शक्ति होती है जिससे वे इंसानों को होने वाली बीमारियाें को भी आसानी पता कर लेते हैं।

Dainik Bhaskar

Mar 08, 2018, 11:25 AM IST
Dog Knows That You Are Getting Ill, Shocking Things You Dont Know About Them
क्या आप जानते हैं कि आपको कोई बीमारी होने वाली है उसका पता पहले ही आपके कुत्ते को चल जाता है? यकीन नहीं होता न, पर ये सच है। कुत्तों में सूंघने की ऐसी शक्ति होती है जिससे वे इंसानों को होने वाली बीमारियाें को भी आसानी पता कर लेते हैं। ऐसे में अगर आप नोटिस करें कि आपका कुत्ता आपसे दूरी बना ले या अजीब व्यवहार करने लगे तो समझ जाएं कि आप बीमार होने वाले हैं और इसी वजह से वो आपसे दूरी बना रहा है। आज हम आपको बता रहे हैं डॉग्स के बारे में कुछ ऐसी बातें, जो शायद नहीं जानते होंगे आप। आगे की स्लाइड्स में देखें, ऐसे ही सिर चकरा देने वाले Facts...
डॉग्स के सुनने की शक्ति भी हमसे कई गुना ज्यादा होती है।  वे अल्ट्रांसाउंड फ्रीक्वेंसी सुनने में भी माहिर होते हैं। इसी वजह से उन्हें कुछ ऐसी चीजें दिखाई व सुनाई देती हैं, जो इंसानों के बस की बात नहीं। डॉग्स के सुनने की शक्ति भी हमसे कई गुना ज्यादा होती है। वे अल्ट्रांसाउंड फ्रीक्वेंसी सुनने में भी माहिर होते हैं। इसी वजह से उन्हें कुछ ऐसी चीजें दिखाई व सुनाई देती हैं, जो इंसानों के बस की बात नहीं।
डॉग्स ठीक इंसानों की तरह सपने देखते हैं। इनमें उन्हें इंसानों की तरह चाहत या किसी चीज को पाने की चाह भी नजर आती है। डॉग्स ठीक इंसानों की तरह सपने देखते हैं। इनमें उन्हें इंसानों की तरह चाहत या किसी चीज को पाने की चाह भी नजर आती है।
डॉग्स का नाइट विजन काफी स्ट्रॉन्ग होता है। उनकी आंखों की पुतलियां इंसानों के मुकाबले ज्यादा खुलती हैं, ठीक किसी कैमरे के अपर्चर की तरह। इसकी वजह से वे इंसानों ज्यादा साफ और दूर तक देख सकते हैं। डॉग्स का नाइट विजन काफी स्ट्रॉन्ग होता है। उनकी आंखों की पुतलियां इंसानों के मुकाबले ज्यादा खुलती हैं, ठीक किसी कैमरे के अपर्चर की तरह। इसकी वजह से वे इंसानों ज्यादा साफ और दूर तक देख सकते हैं।
गीला होने के बाद डॉग अपने शरीर को 70 प्रतिशत पानी सिर्फ झटककर ही साफ कर सकता है। इस प्रकृिया में वो इतना जी फोर्स पैदा करता है, जितना एक फॉर्मूला वन कार के ड्राइवर को तीखे मोड़ पर महसूस होता है। गीला होने के बाद डॉग अपने शरीर को 70 प्रतिशत पानी सिर्फ झटककर ही साफ कर सकता है। इस प्रकृिया में वो इतना जी फोर्स पैदा करता है, जितना एक फॉर्मूला वन कार के ड्राइवर को तीखे मोड़ पर महसूस होता है।
अब आपने सुना होगा कि डॉग्स रंग नहीं देख पाते हैं। पर ये पूरी तरह सच नहीं है। डॉग्स रंग देख पाते हैं सिर्फ उन्हें हरे और लाल रंग में फर्क समझ नहीं आता है, इसका कारण उनकी आंखों में कोन सेल्स का कम होना है। अब आपने सुना होगा कि डॉग्स रंग नहीं देख पाते हैं। पर ये पूरी तरह सच नहीं है। डॉग्स रंग देख पाते हैं सिर्फ उन्हें हरे और लाल रंग में फर्क समझ नहीं आता है, इसका कारण उनकी आंखों में कोन सेल्स का कम होना है।
समझदारी के मामले में भी ये किसी से कम नहीं हैं। ये इंसानों द्वारा बोले गए 250 शब्द तक समझ और याद कर सकते हैं। समझदारी के मामले में भी ये किसी से कम नहीं हैं। ये इंसानों द्वारा बोले गए 250 शब्द तक समझ और याद कर सकते हैं।
आपको जानकर हैरानी होगी कि डॉग्स अपने शरीर का ज्यादातर पसीना पैर के पंजों से बहाते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि डॉग्स अपने शरीर का ज्यादातर पसीना पैर के पंजों से बहाते हैं।
इंसानों की तरह ही डॉग्स में प्यार करने की भावनाएं होती हैं। इंसानों की तरह ही डॉग्स में प्यार करने की भावनाएं होती हैं।
डॉग्स को जगह-जगह यूरिन करने की आदत होती है, लेकिन इनकी यूरिन से लोहे पर जंग भी लग सकता है। डॉग्स को जगह-जगह यूरिन करने की आदत होती है, लेकिन इनकी यूरिन से लोहे पर जंग भी लग सकता है।
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Dog Knows That You Are Getting Ill, Shocking Things You Dont Know About Them
डॉग्स के सुनने की शक्ति भी हमसे कई गुना ज्यादा होती है।  वे अल्ट्रांसाउंड फ्रीक्वेंसी सुनने में भी माहिर होते हैं। इसी वजह से उन्हें कुछ ऐसी चीजें दिखाई व सुनाई देती हैं, जो इंसानों के बस की बात नहीं।डॉग्स के सुनने की शक्ति भी हमसे कई गुना ज्यादा होती है। वे अल्ट्रांसाउंड फ्रीक्वेंसी सुनने में भी माहिर होते हैं। इसी वजह से उन्हें कुछ ऐसी चीजें दिखाई व सुनाई देती हैं, जो इंसानों के बस की बात नहीं।
डॉग्स ठीक इंसानों की तरह सपने देखते हैं। इनमें उन्हें इंसानों की तरह चाहत या किसी चीज को पाने की चाह भी नजर आती है।डॉग्स ठीक इंसानों की तरह सपने देखते हैं। इनमें उन्हें इंसानों की तरह चाहत या किसी चीज को पाने की चाह भी नजर आती है।
डॉग्स का नाइट विजन काफी स्ट्रॉन्ग होता है। उनकी आंखों की पुतलियां इंसानों के मुकाबले ज्यादा खुलती हैं, ठीक किसी कैमरे के अपर्चर की तरह। इसकी वजह से वे इंसानों ज्यादा साफ और दूर तक देख सकते हैं।डॉग्स का नाइट विजन काफी स्ट्रॉन्ग होता है। उनकी आंखों की पुतलियां इंसानों के मुकाबले ज्यादा खुलती हैं, ठीक किसी कैमरे के अपर्चर की तरह। इसकी वजह से वे इंसानों ज्यादा साफ और दूर तक देख सकते हैं।
गीला होने के बाद डॉग अपने शरीर को 70 प्रतिशत पानी सिर्फ झटककर ही साफ कर सकता है। इस प्रकृिया में वो इतना जी फोर्स पैदा करता है, जितना एक फॉर्मूला वन कार के ड्राइवर को तीखे मोड़ पर महसूस होता है।गीला होने के बाद डॉग अपने शरीर को 70 प्रतिशत पानी सिर्फ झटककर ही साफ कर सकता है। इस प्रकृिया में वो इतना जी फोर्स पैदा करता है, जितना एक फॉर्मूला वन कार के ड्राइवर को तीखे मोड़ पर महसूस होता है।
अब आपने सुना होगा कि डॉग्स रंग नहीं देख पाते हैं। पर ये पूरी तरह सच नहीं है। डॉग्स रंग देख पाते हैं सिर्फ उन्हें हरे और लाल रंग में फर्क समझ नहीं आता है, इसका कारण उनकी आंखों में कोन सेल्स का कम होना है।अब आपने सुना होगा कि डॉग्स रंग नहीं देख पाते हैं। पर ये पूरी तरह सच नहीं है। डॉग्स रंग देख पाते हैं सिर्फ उन्हें हरे और लाल रंग में फर्क समझ नहीं आता है, इसका कारण उनकी आंखों में कोन सेल्स का कम होना है।
समझदारी के मामले में भी ये किसी से कम नहीं हैं। ये इंसानों द्वारा बोले गए 250 शब्द तक समझ और याद कर सकते हैं।समझदारी के मामले में भी ये किसी से कम नहीं हैं। ये इंसानों द्वारा बोले गए 250 शब्द तक समझ और याद कर सकते हैं।
आपको जानकर हैरानी होगी कि डॉग्स अपने शरीर का ज्यादातर पसीना पैर के पंजों से बहाते हैं।आपको जानकर हैरानी होगी कि डॉग्स अपने शरीर का ज्यादातर पसीना पैर के पंजों से बहाते हैं।
इंसानों की तरह ही डॉग्स में प्यार करने की भावनाएं होती हैं।इंसानों की तरह ही डॉग्स में प्यार करने की भावनाएं होती हैं।
डॉग्स को जगह-जगह यूरिन करने की आदत होती है, लेकिन इनकी यूरिन से लोहे पर जंग भी लग सकता है।डॉग्स को जगह-जगह यूरिन करने की आदत होती है, लेकिन इनकी यूरिन से लोहे पर जंग भी लग सकता है।
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