क्या आपको पता है?

--Advertisement--

इस रेस्टोरेंट में जितना मर्जी खाएं, जितना मर्जी हो बिल चुकाएं, वरना ना चुकाएं

यहां आपको इस बात की कोई टेंशन नहीं होगी कि खाने के बाद बिल कितना आएगा?

Danik Bhaskar

Mar 13, 2018, 03:06 PM IST

केरल के Alappuzha में एक रेस्टोरेंट ऐसा खुला है, जहां आपको पैसे चुकाने की जरूरत नहीं है। जी हां चौंकिए मत...केरल के इस रेस्टोरेंट में आप अपनी मर्जी से, अपनी इच्छानुसार जितना चाहे खा सकते हैं। यहां आपको इस बात की कोई टेंशन नहीं होगी कि खाने के बाद बिल कितना आएगा? दरअसल इस रेस्टोरेंट में कोई बिलिंग काउंटर नहीं है, कोई कैशियर नहीं है और न ही कोई वेटर आपको बिल नहीं थमाएगा।

जितना मर्जी खाएं और जितना मर्जी हो उतना बिल चुकाएं

आप सोच रहे होंगे कि ऐसा कैसे संभव है? इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट और केरल के वित्त मंत्री थॉमस इसाक की फेसबुक पोस्ट के मुताबिक केरल के अलाप्पुझा में चेरथला राष्ट्रीय राजमार्ग, पाथीराप्पल्ली के पास ये अनोखा रेस्टोरेंट खुला है, जहां आपको अपनी मर्जी से खाने और अपनी मर्जी से बिल चुकाने की आजादी मिल रही है। थॉमस इसाक के पोस्ट के मुताबिक रेस्टोरेंट में कोई कैशियर नहीं है, जो आपसे बिल मांगेगा।

आपकी चेतना और आपकी स्वेच्छा ही आपका कैशियर है। आप अपनी इच्छा से जितना चाहे रेस्टोरेंट के काउंटर पर रखे बॉक्स में डाल सकते हैं। अगर आपने बॉक्स में कुछ नहीं भी डाला तो भी कोई आपको टोकने नहीं आएगा। वित्तमंत्री इसाक के पोस्ट के मुताबिक 'जनकीय भक्षणशाला' यानि जनता भोजनालय का उद्देश्य 'Eat as much as you want, give as much as you can.' है यानी जितना चाहें उतना खाएं, जितनी मर्जी उतना भुगतान करें।

हर दिन बनता है 2000 लोगों का खाना

इस रेस्टोरेंट में रोजाना करीब 2000 लोगों के लिए खाना तैयार किया जाता है, जिसकी लागत करीब 11.25 लाख रुपए आती है। केरल के IRTC की मदद से वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए यहां 6 लाख रुपए की लागत से प्लांट सेटअप किया गया है। दो फ्लोर में बना ये रेस्टोरेंट लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। ग्राउंड फ्लोर पर रेस्टोरेंट का किचन बना है और फर्स्ट फ्लोर पर खाने की व्यवस्था की गई है। रेस्टोरेंट का संचालन केरल स्टेट फाइनेंशियल एंटरप्राइजेज के सीएसआर फंड से किया जाता है। थॉमस की पोस्ट के मुताबिक 1576 वॉलंटियर्स ने 10 गांवों में घूम-घूम 22 लाख 76 हजार रुपए का फंड इक्ट्ठा किया। इसी फंड से इस अनोखे रेस्टोरेंट की स्थापना और उसका मैनेंजमेंट किया जाता है।

आपकी चेतना ही आपका कैशियर

3 मार्च को शुरू करने वाले इस रेस्टोरेंट को स्नेहजलकम समूह के लोग संभाल रहे हैं। जमीन से लेकर रेस्टोरेंट के डिजाइन की सारी जिम्मेदारी इसी ग्रुप ने संभाल रखी है। इस रेस्टोरेंट का लक्ष्य आम जनता के लिए एक तरह से मुफ्त खाने की सेवा शुरू करना है, ताकि कोई भी भूखा न सोए। थॉमस ने अपने पोस्ट पर इस रेस्टोरेंट के बारे में साफ-साफ लिखा है कि 'आपको यदि भूख लगी है तो यहां आएं और अपनी मर्जी से खाना खाएं। यहां के काउंटर पर बिल लेने वाला कोई कैशियर नहीं होगा। आपका अपना मन ही यहां के लिए कैशियर है। आप जो कुछ भी देना चाहते हैं, अगर आपका मन करे तो काउंटर पर रखे बॉक्स में डाल सकते हैं। जिन लोगों के पास पैसा नहीं है, वे भरपेट खाना खाने के बाद ऐसे ही जा सकते हैं। रेस्टोरेंट के लिए 25.5 करोड़ की लागत से ऑर्गेनिक फर्म की स्थापना की गई है। इसी फर्म से रेस्टोरेंट के लिए सब्जियां और फल लाई जाती हैं। आम लोग भी अपने लिए इस फर्म से शुद्ध सब्जियां और फल खरीद सकते हैं।

 

Click to listen..