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इस गांव में रहते हैं 100 से ज्यादा यौन अपराधी, दुनिया से है बिल्कुल अलग

इस गांव में ज्यादातर उन अपराधियों को रखा जाता है जिनपर किसी न किसी तरह के चाइल्ड सेक्स या रेप के आरोप हों।

Dainik Bhaskar

Jan 17, 2018, 11:09 AM IST
इस गांव में रहने वाला यह समुदाय आत्मनिर्भर है। इस गांव में रहने वाला यह समुदाय आत्मनिर्भर है।

अमेरिका के फ्लोरिडा में एक एक ऐसा गांव है जहां सिर्फ बलात्कारी या यौन अपराध करने वाले लोग रहते हैं। जी हां, इस गांव का नाम है मिरेकल विलेज। फ्लोरिडा से 2 मिल दूर स्थित इस गांव में लगभग 200 लोग रहते है। ये सभी लोग अपराधी है। इन पर यौन उत्पीडन का आरोप है। चाइल्ड सेक्स के अपराधी हैं यहां...

- इस गांव में ज्यादातर उन अपराधियों को रखा जाता है जिनपर किसी न किसी तरह के चाइल्ड सेक्स या रेप के आरोप हों। असल में फ्लोरिडा के कानून के मुताबिक सजा काटने के बाद भी यौन अपराधियों को आम रिहायशी इलाको से दूर रखा जाता है।

इन जगहों से रखा जाता है दूर
- कानून के मुताबिक बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न करने वालों को सजा काटने के बाद बच्चों के स्कूल, कॉलेज, कोचिंग, गेमिंग जोन या ऐसे ही किसी रिहायशी इलाके के 2500 फीट तक रहने नहीं दिया जा सकता।

इस वजह से बना ये गांव
- फ्लोरिडा के इस कानून की वजह से ऐसे लोगों को कोई भी घर रहने के लिए नहीं देता। इसी वजह से कई यौन अपराधी सजा भुगतने के बाद बेघर हो जाते हैं। इसी वजह से फ्लोरिडा के मिनिस्टर Richard Witherow ने इस गांव को बनाया। इसके यौन अपराधियों को रजिस्ट्रेशन के बाद यहां रखा जाने लगा।

घर के सामने लगाते हैं तख्ती
- ये गांव आम दुनिया से बेहद अलग रखा गया है पर सबसे चौंकाने वाली बाद ये है कि यहां जिस भी अपराधी को घर दिया जाता है, उसके घर के सामने उसके नाम की तख्ती लगाई जाती है। जिसपर साफ शब्दों में लिखा रहता है कि इस शख्स पर यौन अपराध के आरोप लग चुके हैं।

बच्चे नहीं रहते यहां
इस वक्त यहां 150 रजिस्टर्ड यौन अपराधी रह रहे हैं। इसके अलावा हर हफ्ते ऐेसे दो दर्जन से ज्यादा लोग यहां रहने के लिए आवेदन करते हैं, जिनकी पृष्ठभूमि हिंसा या ड्रग्स से जुड़ी रही है या फिर वे बच्चों के यौन शोषण के दोषी रहे हैं। इस गांव में बच्चों के साथ रहने की छूट नहीं है।

आगे की स्लाइड्स में देखें, इस गांव से जुड़े कुछ और फैक्ट्स...

यहां गुस्से को काबू करने से लेकर बाइबिल पढ़ने तक तमाम तरह की क्लासेस चलती हैं। यहां गुस्से को काबू करने से लेकर बाइबिल पढ़ने तक तमाम तरह की क्लासेस चलती हैं।
यहां रहने वाले यौन अपराधी रहे क्रिस ने बताया कि वे जब 18 साल के थे तो उन्हें अपनी 14 साल की गर्लफ्रेंड से संबंध बनाने के आरोप में जेल जाना पड़ता था। हालांकि, क्रिस का कहना था कि उसकी गर्लफ्रेंड ने उससे अपनी उम्र छिपाई थी। यहां रहने वाले यौन अपराधी रहे क्रिस ने बताया कि वे जब 18 साल के थे तो उन्हें अपनी 14 साल की गर्लफ्रेंड से संबंध बनाने के आरोप में जेल जाना पड़ता था। हालांकि, क्रिस का कहना था कि उसकी गर्लफ्रेंड ने उससे अपनी उम्र छिपाई थी।
इसके अलावा, यहां रहने वाले बहुत से अपराधी पृष्ठभूमि के लोग मनोवैज्ञानिक उपचार के कार्यक्रमों में भी शामिल होते हैं और नियमित रूप से चर्च जाते हैं। इसके अलावा, यहां रहने वाले बहुत से अपराधी पृष्ठभूमि के लोग मनोवैज्ञानिक उपचार के कार्यक्रमों में भी शामिल होते हैं और नियमित रूप से चर्च जाते हैं।
वहीं, कुछ स्थानीय स्तर पर ही छोटी-मोटी नौकरियां भी करते हैं। वहीं, कुछ स्थानीय स्तर पर ही छोटी-मोटी नौकरियां भी करते हैं।
कुछ ऐसे बोर्ड लगते हैं घरों के सामने कुछ ऐसे बोर्ड लगते हैं घरों के सामने
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इस गांव में रहने वाला यह समुदाय आत्मनिर्भर है।इस गांव में रहने वाला यह समुदाय आत्मनिर्भर है।
यहां गुस्से को काबू करने से लेकर बाइबिल पढ़ने तक तमाम तरह की क्लासेस चलती हैं।यहां गुस्से को काबू करने से लेकर बाइबिल पढ़ने तक तमाम तरह की क्लासेस चलती हैं।
यहां रहने वाले यौन अपराधी रहे क्रिस ने बताया कि वे जब 18 साल के थे तो उन्हें अपनी 14 साल की गर्लफ्रेंड से संबंध बनाने के आरोप में जेल जाना पड़ता था। हालांकि, क्रिस का कहना था कि उसकी गर्लफ्रेंड ने उससे अपनी उम्र छिपाई थी।यहां रहने वाले यौन अपराधी रहे क्रिस ने बताया कि वे जब 18 साल के थे तो उन्हें अपनी 14 साल की गर्लफ्रेंड से संबंध बनाने के आरोप में जेल जाना पड़ता था। हालांकि, क्रिस का कहना था कि उसकी गर्लफ्रेंड ने उससे अपनी उम्र छिपाई थी।
इसके अलावा, यहां रहने वाले बहुत से अपराधी पृष्ठभूमि के लोग मनोवैज्ञानिक उपचार के कार्यक्रमों में भी शामिल होते हैं और नियमित रूप से चर्च जाते हैं।इसके अलावा, यहां रहने वाले बहुत से अपराधी पृष्ठभूमि के लोग मनोवैज्ञानिक उपचार के कार्यक्रमों में भी शामिल होते हैं और नियमित रूप से चर्च जाते हैं।
वहीं, कुछ स्थानीय स्तर पर ही छोटी-मोटी नौकरियां भी करते हैं।वहीं, कुछ स्थानीय स्तर पर ही छोटी-मोटी नौकरियां भी करते हैं।
कुछ ऐसे बोर्ड लगते हैं घरों के सामनेकुछ ऐसे बोर्ड लगते हैं घरों के सामने
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