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अल्फाबेटिकल ऑर्डर में क्यों नहीं होते की-बोर्ड के बटन, F और J में क्यों होता है उभार

की-बोर्ड से जुड़े कुछ इंट्रेस्टिंग फैक्ट्स।

DainikBhsakar.com | Last Modified - Feb 02, 2018, 12:34 PM IST

अल्फाबेटिकल ऑर्डर में क्यों नहीं होते की-बोर्ड के बटन, F और J में क्यों होता है उभार

हटके डेस्क. कभी आपने सोचा है कि की-बोर्ड के बटन अल्फाबेटिकल ऑर्डर में क्यों नहीं होते हैं। की-बोर्ड की शुरुआत Q,W,E,R,T से ही क्यों होती है। की-बोर्ड में F और J वाली बटनों पर उभार क्यों होता है। अगर नहीं जानते हैं तो फिर आज आपको की-बोर्ड से जुड़े ऐसे ही फैक्ट्स बताते हैं। सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले बटन...

पहले अल्फाबेटिकल ऑर्डर में थे बटन
की-बोर्ड को टाइप राइटर की नकल करके बनाया गया है। 1868 में क्रिस्टोफर लैथम शोल्स ने पहला टाइपराइटर बनाया। जिसमें शोल्स ने बटन को अल्फाबेटिकल ऑर्डर में ही रखा था। लेकिन अल्फाबेटिकल ऑर्डर में रखने से कुछ दिक्कतें आने लगी। मसलन टाइप करते वक्त बटन जाम हो जाया करते थे।

अक्षरों के सीरीज में होने की वजह से बटन प्रेस करने में परेशानी आती थी। टाइपिंग में काफी गलतियां भी होती थी।

1873 में शोल्स ने नए तरीके से बटनों को टाइपराइटर में लगाया। इसमें उन्होंने सबसे पहले ज्यादा यूज होने वाले अक्षरों का चयन किया। सबसे ज्यादा यूज होने वाले अक्षरों को ऊंगली की पहुंच के हिसाब से सबसे करीब रखा। जिसके बाद की-बोर्ड का एक नया फॉर्मेट सामने आया जिसमें Q,W,E,R,T,Y अक्षर पहली लाइन में थे इसलिए की-बोर्ड का नाम क्वेर्टी दिया गया।

शोल्स के क्वेर्टी मॉडल को बाद में रेमिंग्टन एंड संस ने खरीद लिया। इसके बाद 1874 में रेमिंग्टन ने बाजार ने कई की-बोर्ड उतारे।

क्यों उभरे होते हैं F और J के बटन
कभी की-बोर्ड को ध्यान से देखें तो पता चलेगा कि F और J बटन में हल्का सा उभार है। ऐसा टाइपिंग को आसान करने के लिए किया जाता है। दरअसल की-बोर्ड में बीच वाली लाइन को होम रो करते हैं। जब कोई टाइपिंग सीखता है तो उसकी ऊंगलियां बीच की रो में रहती हैं। टाइपिंग करते वक्त बाएं हाथ की ऊंगली F और दाएं हाथ की ऊंगली J पर होती है। ऐसे में टाइप करते वक्त निगाहें स्क्रिन पर होती है तो F और J बटन के उभार से पता चल जाता है कि ऊंगली किस बटन पर है और धीरे-धीरे प्रैक्टिस से F और J बटन के पास कौन से बटन हैं उन्हें भी पता कर लिया जाता है। F और J बटन पर लकीरनुमा उभार भी टाइपिंग को आसान करने की वजह से होता है।

सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले बटन
की-बोर्ड में सबसे ज्यादा स्पेस बार का यूज किया जाता है। इसके बाद E की का यूज होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि अंग्रेजी में अधिकतर शब्दों में यह अक्षर मौजूद होता है। तीसरे नंबर पर आई है बैकस्पेस। बैकस्पेस का इस्तेमाल टाइपिंग करते वक्त गलतियों को मिटाने में होता है।

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