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आज गूगल होम पेज पर छाई हुई है ये महिला, ये है पूरी कहानी

ये हैं रुख्माबाई राउत। इंडिया की पहली महिला डॉक्टर।

Danik Bhaskar | Nov 22, 2017, 07:01 PM IST

गूगल दुनिया भर की महान हस्तियों को सम्मान देते हुए उनका डूडल बनाता है। इसी कड़ी में आज गूगल ने भारत की पहली महिला डॉक्टर रुख्माबाई राउत (Dr. Rakhmabai Rout) के 153वें बर्थडेपर डूडल बनाया। इस डूडल को श्रेया गुप्ता ने बनाया है। ऐसी थी जिंदगी...

रुख्माबाई राउत 22 नवंबर में बॉम्बे में पैदा हुई थीं। वे अपने माता-पिता जनार्धन पांडुरंग और जयंती बाई की एकलौती बेटी थी। 8 साल की उम्र में उनके पिता का देहांत हो गया था। 11 साल की उम्र में उनकी शादी 19 साल के दादाजी भीकाजी राउत से करा दी गई थी। कुछ समय बाद उनकी मां ने शकाराम अर्जुन नाम के व्यक्ति से दूसरी शादी कर ली थी। रुख्माबाई शादी के बाद भी अपनी मां और सौतेले बाप के साथ रहती थी। उन्होंने अपने पति के साथ रहने के लिए मना कर दिया था। इसी कारण 7 साल बाद उनके पति ने साथ रहने के लिए कोर्ट में केस फाइल किया। सालों चले इस केस में जीत उनके पति की हुई।

ये था कोर्ट का फैसला
कोर्ट ने रुख्माबाई को अपने पति के साथ रहने के लिए कहा या फिर 6 महीने की जेल की सजा सुनाई। रुख्माबाई को जेल में रहना मंजूर था लेकिन अपने पति के साथ नहीं। पति से अलग होने के बाद रुख्माबाई आगे की पढ़ाई करने के लिए इंग्लैंड चली गईं थी। वहां उन्होंने वहां डॉक्टरी की पढ़ाई London School of Medicine for Women से की थी। रुख्माबाई 1894 में इंडिया लौटीथी। फिर उन्होंने सूरत, राजकोट और मुंबई में 35 सालों तक डॉक्टरी की थी। 25 सितंबर, 1991 को उनकी डेथ हुई थी।

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