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काम की खबर: आज से कार, मोबाइल सहित ये 30 चीजें हो जाएंगी महंगी, देखें पूरी लिस्ट

सरकार ने बजट में मेक इन इंडि‍या को बढ़ावा देने के लि‍ए चुनिंदा चीजों पर कस्‍टम ड्यूटी और सोशल वेलफेयर सरचार्ज बढ़ाया।

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 01:28 AM IST

यूटिलिटी डेस्क. वित्त मंत्री अरूण जेटली ने 2018 के आम बजट में कई चीजें सस्ती की थी तो कई पर टैक्स बढ़ाकर उसे महंगा कर दिया था। बजट में हुए ये बदलाव 1 अप्रैल से लागू हो रहे हैं। यानी आज से टीवी, मोबाइल समेत इलेक्ट्रॉनिक्स, लग्जरी कारें और कुछ खाने-पीने की चीजें समेत कुल 30 आइटम महंगे होंगे। वहीं, काजू, मोबाइल चार्जर जैसी कुछ चीजें सस्ती भी होंगी। ये सारी चीजों की कीमतों में आज से हुआ बदलाव सीधे आपकी जेब पर असर डालेगा।

# ये सामान हुए महंगे

1. इलेक्ट्रॉनिक्स

- इंपोर्टेड मोबाइल, स्मार्ट वॉच/वियरेबल डिवाइस, फ्रिज, एलसीडी/एलईडी, एसी, वाॅशिंग मशीन।

क्यों हुआ- टीवी पर कस्टम ड्यूटी 7.5 से बढ़कर 15% हुई। मोबाइल पर 5% बढ़ाई गई। इनके पार्ट्स पर ड्यूटी 15% बढ़ी।

2. खाने-पीने की चीजें

- कुकिंग ऑयल (खाद्य तेल), इंपोर्टेड फ्रूट जूस।

क्यों हुआ- कस्टम ड्यूटी 12.5 से बढ़ाकर 30% और रिफाइंड ऑयल पर ड्यूटी 20 से 35% हुई।

3. ऑटोमोबाइल

- लग्जरी कारें डेढ़ से 10 लाख रुपए तक महंगी। बाइक और ट्रक-बसों के रेडि‍अल टायर।

क्यों हुआ- इंपोर्ट ड्यूटी बढ़कर 15% हुई। ऑटोपार्ट्स पर भी कस्टम ड्यूटी 7.5 से बढ़कर 15% हुई। सोशल वेलफेयर सरचार्ज भी लगेगा।

4. घरेलू सामान

- फर्नीचर, हार्डवेयर, मैट्रेसेज, लैंप, खिलौने, लाइटर, कैंडल, सिगरेट, पान मसाला, तंबाकू।

क्यों हुआ- कस्टम ड्यूटी बढ़ने से 5% तक दाम महंगे होंगे।

5. शौक पूरा करने वाली चीजें

- सनलाग्सेज, परफ्यूम-डिओ, शेविंग किट, सि‍ल्‍क फैब्रि‍क, जूते, जेम स्टोन, वीडि‍यो गेम कंसोल।

क्यों हुआ- लग्जरी आइटम पर भी कस्टम ड्यूटी बढ़ी।

6. ज्वैलरी

- सोना और चांदी, इंपोर्टेड डायमंड।

क्यों हुआ- गोल्ड पर 3% सोशल वेलफेयर सरचार्ज लगेगा। इंपोर्टेड डायमंड्स पर कस्‍टम ड्यूटी 2.5 से 5% हुई।

# क्‍या सस्‍ता हुआ

- काजू, मोबाइल चार्जर, सोलर पैनल बनाने में इस्तेमाल होने वाला टैंपर्ड ग्लास, एलएनजी, टाइल्स, नि‍केल, इम्प्लांट्स में काम आने वाली चुनिंदा एसेसरी।

क्यों हुआ- बजट में सोलर ग्लास और निकेल पर कस्टम ड्यूटी शून्य की गई।

आगे की स्लाइड्स में देखें इनकम टैक्स सहित और कौन से 11 नियम आज से बदल जाएंगे पूरी तरह से...

1. मेडिकल री-इंबर्समेंट की सुविधा खत्म होगी
वेतनभोगियों और पेंशनभोगियों को 40,000 रुपए स्टैंडर्ड डिडक्शन का लाभ मिलेगा। 15,000 रुपए मेडिकल री-इम्बर्समेंट और 19,200 रुपए ट्रांसपोर्ट अलाउंस सुविधा वापस ले ली गई है।

2. इनकम टैक्स पर 3% की जगह 4% सेस


इनकम टैक्स पर 3% की जगह 4% हेल्थ और एजुकेशन सेस लगेगा। टैक्सेबल इनकम 5 लाख रु. है, तो सेस 125 रु. ज्यादा लगेगा। 15 लाख की टैक्सेबल इनकम पर देनदारी 2,625 रुपए बढ़ेगी।

 

3. इंश्योरेंस


सिंगल प्रीमियम वाली पॉलिसी अगर एक साल से अधिक के लिए है तो हर साल समान अनुपात में प्रीमियम पर टैक्स छूट ले सकते हैं। उदाहरण के लिए दो साल के बीमा कवर के लिए 40,000 रुपए प्रीमियम दिया तो दो साल 20-20 हजार रुपए पर टैक्स छूट ले सकेंगे। अभी 25,000 रुपए की सीमा है।

 

4. इन्वेस्टमेंट


10% लगेगा लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स: एक साल से ज्यादा के निवेश में मुनाफे पर 10% टैक्स और इस पर 4% सेस लगेगा। अभी तक लॉन्ग टर्म निवेश पर टैक्स नहीं था। एक साल में कैपिटल गेन एक लाख रुपए तक है तो टैक्स नहीं लगेगा।

 

डिविडेंड आय पर भी 10% टैक्स लगेगा: इक्विटी म्यूचुअल फंड्स के डिविडेंड पर 10% की दर से टैक्स लगेगा। म्यूचुअल फंड कंपनी निवेशक को डिविडेंड देते समय ही टैक्स की रकम काटेगी। टैक्स जमा करने की जिम्मेदारी निवेशक की नहीं होगी।

 

50,000 रुपए तक का ब्याज टैक्स फ्री: सीनियर सिटीजंस के लिए बैंक और पोस्ट ऑफिस जमा (एफडी, रेकरिंग) पर 50,000 रुपए तक का ब्याज टैक्स-फ्री होगा। अभी तक 10,000 रुपए तक का ब्याज टैक्स-फ्री था।

 

वय वंदना योजना में निवेश सीमा दोगुनी: प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के तहत निवेश सीमा 7.5 लाख से बढ़ाकर 15 लाख रुपए कर दी गई है। इस योजना को 31 मार्च 2020 तक बढ़ाया गया है। इस योजना में जमा पर 8% का निश्चित ब्याज मिलता है।

 

5. ई-वे बिल


एक राज्य से दूसरे राज्य में माल ले जाने के लिए ई-वे बिल जरूरी होगा। गाड़ी में रखे माल की कीमत 50,000 रुपए से कम है तो बिल नहीं चाहिए। टैक्स से छूट वाली वस्तुओं की कीमत इसमें नहीं जुड़ेगी। सप्लायर के अलावा ट्रांसपोर्टर, कूरियर एजेंसी और ई-कॉमर्स ऑपरेटर भी बिल जेनरेट कर सकते हैं।

 

6. नए अकाउंटिंग स्टैंडर्ड


नए साल से नए अकाउंटिंग स्टैंडर्ड 115 भी लागू होंगे। इससे रेवेन्यू की अकाउंटिंग ज्यादा पारदर्शी होगी। इसी के साथ पुराने दो स्टैंडर्ड 18 और 11 खत्म हो जाएंगे।

 

7. इलाज के खर्च पर टैक्स छूट की सीमा बढ़ी


यह एक लाख रुपए हो गई है। अभी 60 साल से अधिक वालों के लिए 60,000 और 80 साल से ज्यादा के लिए के लिए 80,000 रुपए थी।

 

8. एसबीआई: मिनिमम बैलेंस चार्ज कम लगेगा


एसबीआई ने बैंक खाते में एवरेज मंथली बैलेंस न होने पर लगने वाला चार्ज कम किया है। नई दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी। शहरी क्षेत्रों में शुल्क 50 रु. की जगह 15 रु., अर्धशहरी क्षेत्रों में 40 की जगह 12 रु. और गांव-कस्बों में 40 की जगह 10 रु. होगा। इस शुल्क पर 18% जीएसटी भी लगेगा।

 

9. बेस रेट पर लोन लेने वालों को एमसीएलआर का लाभ


बेस रेट आधारित लोन की पुरानी व्यवस्था 1 अप्रैल से एमसीएलआर से जुड़ जाएगी। बैंक हर महीने एमसीएलआर में संशोधन करते हैं। इस तरह बेस रेट पर लिए गए लोन की ईएमआई में भी बदलाव होगा।

 

10. सेल्फ-एंप्लॉयड की एनपीएस निकासी पर छूट


सेल्फ-एंप्लॉयड लोग एनपीएस से पैसे निकालेंगे तो 40% हिस्से पर टैक्स नहीं लगेगा। अभी तक यह सुविधा वेतनभोगियों के लिए थी।

 

11. कार पर थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के प्रीमियम में कमी

 

प्राइवेट कार
क्षमता  पुरानी दर  नई दर
1,000 सीसी  2,055 रुपए 1,850 रुपए
1000-1,500 3,132 रुपए  2,863 रुपए
1,500 से ज्यादा  8,630 रुपए 7,890 रुपए
दोपहिया वाहन
क्षमता पुरानी दर नई दर
75 सीसी  569 रुपए  427 रुपए
75-150 सीसी  720 रुपए 720 रुपए
150-350   970 रुपए  985 रुपए
350 से ज्यादा  1,114 रुपए  2,323 रुपए