(तस्वीरों का इस्तेमाल प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।)
लाइफस्टाइल डेस्क: बरगद भारत का राष्ट्रीय वृक्ष है। बरगद को अक्षय वट भी कहा जाता है, क्योंकि यह पेड़ कभी नष्ट नहीं होता है। बरगद का वृक्ष घना एवं फैला हुआ होता है। इसकी शाखाओं से जड़ें निकलकर हवा में लटकती हैं तथा बढ़ते हुए जमीन के अंदर घुस जाती हैं एवं स्तंभ बन जाती हैं। बरगद का वानस्पतिक नाम फाइकस बेंघालेंसिस है। बरगद के वृक्ष की शाखाएं और जड़ें एक बड़े हिस्से में एक नए पेड़ के समान लगने लगती हैं। इस विशेषता और लंबे जीवन के कारण इस पेड़ को अनश्वर माना जाता है।
बरगद के संदर्भ में रोचक जानकारियों और परंपरागत हर्बल ज्ञान का जिक्र कर रहे हैं डॉ. दीपक आचार्य (डायरेक्टर-अभुमका हर्बल प्रा. लि. अहमदाबाद)। डॉ. आचार्य पिछले 15 सालों से अधिक समय से भारत के सुदूर आदिवासी अंचलों जैसे पातालकोट (मध्य प्रदेश), डांग (गुजरात) और अरावली (राजस्थान) से आदिवासियों के पारंपरिक ज्ञान को एकत्रित कर उन्हें आधुनिक विज्ञान की मदद से प्रमाणित करने का कार्य कर रहे हैं।
1-फटी एड़ियों को बनाए मुलायमपैरों की फटी पड़ी एड़ियों पर बरगद का दूध लगाने से कुछ ही दिनों में फटी एड़ियां सामान्य और नरम हो जाती हैं। डांग- गुजरात के आदिवासियों के अनुसार, प्रतिदिन रात में सोने से पहले बरगद के दूध को एड़ियों पर लगाना चाहिए।
बरगद के पेड़ में है औषधीय गुण, जानने के लिए क्लिक कीजिए आगे की स्लाइड्स पर...