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मच्छरों के काटने से होती हैं ये 5 बीमारियां, हो सकती है मौत भी

इस पैकेज में हम बता रहे हैं कि मच्छरों के काटने से कौन-सी 5 बीमारियां हो सकती हैं।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Jan 18, 2018, 06:11 PM IST

मच्छरों के काटने से होती हैं ये 5 बीमारियां, हो सकती है मौत भी

हेल्थ डेस्क।मच्छर दिखने में भले ही छोटा होता है, लेकिन इन दिनों यह कई गंभीर बीमारियों की वजह बन रहा है। पहले मच्छर आमतौर पर बरसात के बाद ही नजर आते थे, लेकिन अब तो यह हर मौसम में दिखाई देने लगे हैं। मच्छरों से होने वाली बीमारियां खासकर मलेरिया तो कैरेबियाई देशों में महामारी बन गई हैं। इंडिया में भी लाखों लोग मलेरिया और अन्य मच्छर जनित बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। इस पैकेज में हम बता रहे हैं कि मच्छरों के काटने से कौन-सी 5 बीमारियां हो सकती हैं।

1. मलेरिया
यह मादा 'एनाफिलीज' मच्छर के काटने से होता है। ये मच्छर आमतौर पर सूर्य ढलने के बाद काटते हैं। मलेरिया में यूजवली एक दिन छोड़कर बुखार आता है। पेशेंट को बुखार के साथ कंपकंपी भी लगती है। इसके अलावा इस बीमारी में कमजोरी भी महसूस होती है।

2. डेंगू
डेंगू मादा एडिस मच्छर के काटने से होता है। हाल ही में हुई एक रिसर्च के अनुसार दुनिया की आधी आबादी पर डेंगू का खतरा है। इसके मुख्य सिम्टम्स में तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द शामिल होते हैं। इससे बचने के लिए कोई खास दवा नहीं बनी है। इसलिए इसके मरीज को रेस्ट करने और अधिक से अधिक लिक्विड डाइट लेने की सलाह दी जाती है। फीवर कम करने के लिए पैरासिटामोल की गोलियां दी जाती हैं। डेंगू होने पर बोनमैरो में प्लेटलेट्स बननी बंद हो जाती हैं।

3. चिकनगुनिया
इस बीमारी के बारे में सबसे पहले पता तंजानिया में 1952 में चला था। हालांकि यह जानलेवा बीमारी नहीं है, लेकिन इसमें तकलीफ काफी होती है। इसमें तेज बुखार और जोड़ों में दर्द होता है। वैसे यह कमजोर और बुजुर्ग लोगों की मौत की वजह बन सकती है।


4. ला क्रोसे इंसेफलाइटिस
मच्छर से पैदा होने वाले इस वायरस का नाम USA के विस्कॉन्सिन स्टेट के ला क्रोसे शहर के नाम पर पड़ा, जहां पहली बार 1963 में इसके बारे में मालूम चला था। वैसे यह काफी रेयर बीमारी है। इससे पीड़ितों को बुखार, सिरदर्द, उल्टी, थकान और सुस्ती हो सकती है। इसके बहुत अधिक सीरियस होने पर बेहोशी या कोमा और लकवे की प्रॉब्लम भी हो सकती है।

5. येलो फीवर
येलो फीवर या पीत ज्वर एक वायरस से फैलता है जिसे मच्छर कैरी करते हैं। इससे खासकर कैरेबियाई और उप-सहारा देशों में हर साल करीब दो लाख लोग प्रभावित होते हैं। किसी व्यक्ति में इस वायरस के संक्रमण का पता कुछ दिन बाद ही चलता है। इसके करीब 15 फीसदी मरीज दूसरे चरण में पहुंच जाते हैं, जिसमें मृत्युदर 50 प्रतिशत है। इसे येलो फीवर इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसके सिम्पटम्स बहुत कुछ पीलिया से मिलते हैं। इसका सबसे ज्यादा असर लिवर पर पड़ता है।

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