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किडनी स्टोन से हार्ट डिजीज तक, इस एसिड से हो सकती हैं ये 5 प्रॉब्लम

यूरिक एसिड की वजह से हॉस्पिटेलाइज होने की नौबत भी आ सकती है। हेल्थ इंश्योरेंस होगा तो खर्च की चिंता नहीं होगी।

Danik Bhaskar | Dec 21, 2017, 06:24 PM IST

हेल्थ डेस्क। मैयो क्लीनिक की एक स्टडी के अनुसार दुनिया में हर 5 में से एक व्यक्ति में यूरिक एसिड का लेवल हाई होता है। लेकिन इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता। परंतु इसके हेल्थ पर इम्पैक्ट काफी सीरियस होते हैं जिससे मरीजों को हॉस्पिटल में एडमिट करवाने तक की नौबत आ जाती है। इसलिए एक्सपर्ट प्रीकाशन रखने के साथ-साथ हेल्थ इंश्योरेंस लेने की भी सलाह देते हैं।

क्या है यूरिक एसिड?

यह एसिड हाई प्रोटीन वाले फूड्स में मौजूद प्यूरीन से बनता है। महिलाओं में यूरिक एसिड का नॉर्मल लेवल 2.4 से 6.0 mg/dL और पुरुषों में 3.4 से 7.0 mg/dL होना चाहिए। इसका बनना इतना खतरनाक नहीं है। आमतौर पर हर व्यक्ति में यह कम या ज्यादा बनता है और यूरिन के जरिए बाहर निकल जाता है। यह खतरनाक तब साबित होता है, जब बॉडी में रुकने लगता है और यूरिन के जरिए बाहर नहीं निकल पाता है। ऐसी स्थिति में यूरिक एसिड क्रिस्टल्स के रूप में बॉडी में जमा होने लगता है।


यूरिक एसिड बढ़ने पर हो सकती हैं ये बीमारियां :

किडनी स्टोन : यूरिक एसिड के क्रिस्टल्स यूरिन की नली में जमा होकर किडनी स्टोन्स बन जाते हैं। कई बार यह प्राब्लम इतनी सीरियस हो जाती है कि मरीज को हॉस्पिटल में भर्ती करवाना पड़ता है।

हार्ट डिजीज : स्टडीज के मुताबिक हाई यूरिक एसिड के कारण हाई बीपी की प्रॉब्लम बढ़ सकती है। हाई बीपी कई बार हार्ट डिजीज की वजह भी बन जाता है।

डायबिटीज : ब्लड में यूरिक एसिड बढ़ने से इन्सुलिन का बैलेंस बिगड़ जाता है। इससे डायबिटीज की आशंका बढ़ जाती है। अगर किसी व्यक्ति को पहले से डायबिटीज है तो यूरिक एसिड बढ़ने से हॉस्पिटलाइज होने की नौबत भी आ सकती है।

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आगे की स्लाइड्स में जानिए यूरिक एसिड बढ़ने से और क्या प्राब्लम हो सकती है?

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