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Alert : अक्सर पेट में होती है गड़बड़, तो आपको हो सकता है ये कैंसर

कोलोन या कोलोरेक्टल कैंसर को बड़ी आंत का कैंसर भी कहते हैं। दुनियाभर में कैंसर की तेजी से फैल रही यह तीसरी किस्म है।

Danik Bhaskar | Jan 22, 2018, 12:33 PM IST

हेल्थ डेस्क। कोलोन या कोलोरेक्टल कैंसर को बड़ी आंत का कैंसर भी कहते हैं। ये कैंसर बड़ी आंत (कोलोन) या रैक्टम (गैस्ट्रो इंटेस्टाइनल का अंतिम भाग) में होता है। दुनियाभर में कैंसर की तेजी से फैल रही यह तीसरी किस्म है। इस कैंसर की शिकायत होने पर पेट से जुड़ी प्रॉब्लम्स जैसे इरीटेबल बाउल सिंड्रोम, बवासीर या कब्ज की प्रॉब्लम होती है।

देर करने पर बढ़ेगी प्रॉब्लम
ज्यादातर लोग इस कैंसर के शुरुआती संकेतों को इग्नोर करने की गलती करते हैं। ऐसे में प्रॉब्लम बढ़ जाने पर इलाज काफी मुश्किल हो जाता है। जबकि वक्त रहते इस कैंसर का इलाज शुरू होने पर इसे कंट्रोल किया जा सकता है। गुड़गांव स्थित फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट के कैंसर स्पेशलिस्ट और सर्जिकल ऑन्कोलॉजी के डायरेक्टर डॉ. वेदांत काबरा बता रहे हैं कोलोन कैंसर के संकेतों के बारे में।

1. स्टूल में ब्लड
कोलोन कैंसर में स्टूल के साथ ब्लड आने या रैक्टम (गैस्ट्रो इंटेस्टाइनल का अंतिम भाग) में ब्लीडिंग होने की प्रॉब्लम होती है। इसलिए स्टूल के साथ ब्लड आए, तो इसे इग्नोर न करें।

2. वजन घटना
डाइट या एक्सरसाइज में बदलाव किए बगैर अचानक वजन घटने लगे, तो यह कोलोन कैंसर हो सकता है।

3. पेट फूलना
कोलोन कैंसर होने पर डाइजेशन सही तरह से नहीं हो पाता। ऐसे में बार-बार पेट फूलने की प्रॉब्लम हो सकती है।

4. पेट दर्द
पेट के निचले हिस्से में अक्सर दर्द या ऐंठन महसूस हो, तो आपको कोलोन कैंसर हो सकता है।

5. कमजोरी
अक्सर कमजोरी फील होना। थोड़ा काम करने पर ही थक जाना कोलोन कैंसर की निशानी हो सकती है।

6. बाउल हैबिट में चेंज
बाउल हैबिट में अचानक बदलाव होना, कब्ज या लूज मोशन की प्रॉब्लम बने रहना कोलोन कैंसर का संकेत हो सकता है।

7. पेट साफ न होना
पेट ठीक तरह से साफ न हो पाए। बार-बार टॉयलेट जाने की जरूरत महसूस हो, तो यह कोलोन कैंसर का संकेत हो सकता है।

8. वॉमिटिंग
बार-बार वॉमिटिंग होना या जी मिचलाना कोलोन कैंसर का संकेत हो सकता है।


(Disclaimer : यहां दिए जा रहे सभी या इनमें से कुछ संकेत उन बीमारियों के भी हो सकते हैं, जो कैंसर नहीं हैं। इसलिए ऐसे संकेत होने पर इसकी सही पहचान करने और प्रॉपर ट्रीटमेंट के लिए एक्सपर्ट से मिलना जरूरी है। )