--Advertisement--

मच्छर के काटने से क्यों नहीं हो सकता एड्स? यह है वजह

अक्सर ये सवाल उठता है कि जब इन्फेक्टेड इंजेक्शन के जरिए एचआईवी फैल सकता है तो मच्छरों के जरिए क्यों नहीं?

Danik Bhaskar | Feb 09, 2018, 01:13 PM IST

हेल्थ डेस्क। मलेरिया और डेंगू जैसी कई बीमारियां एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक मच्छरों के काटने से फैलती हैं। इसलिए इन्हें वेक्टर बॉर्न डिजीज कहा जाता है। हालांकि एचआईवी/एड्स मच्छरों के जरिए नहीं फैल सकता। ऐसे में अक्सर यह सवाल उठता है कि जब इन्फेक्टेड इंजेक्शन के जरिए एचआईवी फैल सकता है तो मच्छरों के जरिए क्यों नहीं?

इस बारे में क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

एंडोमोलॉजिस्ट डॉ. एम.एम. महोबिया का कहना है कि हर मच्छर हर तरह के वायरस का करियर नहीं होता। जैसे कि मादा एनाफिलीज मच्छर सिर्फ मलेरिया फैलाती है लेकिन डेंगू और चिकनगुनिया नहीं। उसी तरह डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर मलेरिया नहीं फैलाता। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हर मच्छर के भीतर हर तरह के वायरस सरवाइव नहीं कर पाते। एड्स के वायरस का नेचर ऐसा होता है कि वह मच्छरों के पेट में जिंदा नहीं रह पाता। इसलिए अगर कोई मच्छर किसी एचआईवी इन्फेक्टेड व्यक्ति को काटकर किसी हेल्दी व्यक्ति को काटता भी है तो उससे एचआईवी इन्फेक्शन नहीं फैल सकता।

आखिर क्यों नहीं फैलता एचआईवी?

- इंसानों में मौजूद T सेल्स के साथ मिलकर एचआईवी वायरस तेजी से बढ़ने लगता है। मच्छरों के भीतर T सेल्स नहीं होते। इसलिए वायरस को बढ़ने के चांस नहीं मिल पाते। मच्छर के पेट में खून के साथ ही एचआईवी वायरस भी डायजेस्ट हो जाते हैं। इस तरह एचआईवी वायरस पूरी तरह खत्म हो जाते हैं।

- गलती से मच्छर को निगल लेने पर भी किसी व्यक्ति को एचआईवी इन्फेक्शन नहीं हो सकता क्योंकि मच्छर के भीतर इतनी मात्रा में वायरस नहीं हो सकते, जिससे किसी को इन्फेक्शन हो सके।