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कैसे करें दमे को जड़ से खत्म, ये हैं इसके लक्षण और बचने के तरीके

6 वर्ष पहले
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लाइफस्टाइल डेस्कः अगर सुनें कि किसी को अस्थमा हो गया है यानी दमे का रोग, तो अमूमन ऐसी प्रतिक्रिया होती है, मानो जान पर घात आ पड़ी हो। हां, यह मुश्किल हालात की ओर इशारा करता है, लेकिन इसे संभाला जा सकता है।
दमा है क्या?
इसे समझने के लिए फेफड़ों की बनावट को समझना होगा। हम पेड़ को उल्टा खड़ा करने की कल्पना करें यानी जड़ें ऊपर की ओर। अब पेड़ के तने को सांस की वह मुख्य नली यानी विंड पाइप मानें जो गले से उतरकर फेफड़ों तक जाती है। यह मोटे कार्टिलेज की बनी होती है, इसलिए सिकुड़ती नहीं। इस तने से जुड़ी हैं पेड़ की छोटी-बड़ी शाखाएं। ये हैं श्वास नलिकाएं, जिनकी दीवारें पतले कार्टिलेज की बनी होती हैं, इसीलिए सिकुड़ती हैं। इन नलिकाओं में हुए इन्फेक्शन के नतीजतन सूजन और सिकुड़न आती है, जो सांस अवरुद्ध करने लगती है। फेफड़ों तक साफ हवा पहुंचाने वाली नलिकाएं पतली हो जाएंगी, तो दम फूलेगा और इंसान सांस लेने की कोशिश में तड़पने लगेगा। यही है दमा यानी अस्थमा।
उपचार असल में प्रबंधन होता है
दमे को जड़ से खत्म करना मुमकिन नहीं। इसको नियंत्रण में रखा जा सकता है, वह भी लंबे समय तक और आसानी से। दवाइयों को सही समय पर लें और ट्रिगर्स से बचकर रहें। दवाएं दो तरह की हैं - रिलीफ और दूसरी एंटी इनफ्लेमेशन दवाएं। ये दोनों पम्प (पफ) के सहारे बेहतर काम करती हैं। रिलीफ, जैसा कि नाम से ज़ाहिर है, राहत देने वाली दवा है। अगर किसी एलर्जन के माहौल में जाने से खांसी आने लगे, तो रिलीवर पम्प के 8 पफ्स ले लीजिए। इसका इस्तेमाल हफ्ते में दो-तीन बार कर सकते हैं। तीन बार से ज़्यादा कर रहे हैं, तो मान लीजिए कि सांस की नली में सूजन बढ़ रही है और अब रिलीवर कारगर नहीं होगा। अब बारी आती है एंटी इनफ्लेमेशन दवाओं की। एलोपैथी में सबसे कारगर और शक्तिशाली दवाएं हैं स्टेरॉयड्स। दमे का उपचार इनसे सबसे अच्छी तरह से होता है, लेकिन ढेर सारी शंकाएं भी रही हैं कि इनके साइड इफेक्ट्स खतरनाक होते हैं। पिछले 20-25 सालों में हालात बदले हैं। अब इनकी मात्रा का चालीस गुना से भी कम इनहेलर में डालकर लिया जाना दमे का कारगर प्रबंधन करता है। दवाओं का इतना कम डोज़ छोटे बच्चों के साथ-साथ गर्भवती स्त्रियों तक के लिए पूरी तरह सुरक्षित पाया गया है।
लक्षण कैसे पहचानें
सदा कफ बना रहे, सफेद गाढ़ा बलगम आता हो, सांस लेने पर घर्र- घर्र की आवाज़ तथा सीने पर किसी ने कसकर कपड़ा बांध दिया हो, ऐसा अहसास दमे के मुख्य लक्षणों में से है।
आगे की स्लाइड्स पर क्लिक करके जानें कैसे और क्यों होता है दमा ?
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