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बालों के झड़ने पर रोकथाम का नया तरीका, क्या है पीआरपी थेरेपी

पीआरपी ट्रीटमेंट से बनाएं बालों को घना और मजबूत

Danik Bhaskar | May 07, 2015, 12:01 AM IST

लाइफस्टाइल डेस्कः धूप, धूल, प्रदूषण, गलत खानपान की वजह से महिला हो या पुरुष, दोनों में बालों के झड़ने की समस्या आम बात हो गई है। इसके साथ ही आनुवंशिक, तनाव, बालों की अच्छे से देखभाल न करना, कई प्रकार की दवाएं और उनका ट्रीटमेंट भी हेयर फॉल के कारण हो सकते हैं। वैसे तो इस समस्या को रोकने के लिए बहुत सारे ऑप्शन्स मौजूद हैं, लेकिन पीआरपी ट्रीटमेंट हाल ही में इस समस्या से निपटने का नया तरीका है, जिसे विदेशों में ही नहीं अब इंडिया में भी इस्तेमाल किया जाने लगा है। इसकी सबसे अच्छी बात है कि इसमें किसी प्रकार की कोई सर्जरी नहीं होती। इसके चलते साइड इफेक्ट का भी कोई खतरा नहीं होता।

क्या है पीआरपी

पीआरपी ट्रीटमेंट को प्लेटलेट्स रिच प्लाज्मा ट्रीटमेंट के तौर पर जाना जाता है। इसके लिए जिस व्यक्ति का इलाज किया जाता है, उसका ही ब्लड उपयोग में लाया जाता है। इसे कुछ समय के लिए रखा जाता है जिससे प्लेटलेट्स के साथ प्लाज्मा ट्यूब में इकट्ठा हो जाए। इसमें ग्रोथ फैक्टर्स की मात्रा बहुत ज्यादा होती है जिसे टिश्यू के बनने, पुराने खराब टिश्यू को ठीक करने में उपयोग किया जाता है। पीआरपी में नॉर्मल ब्लड की तुलना में 5 गुना अधिक प्लाज्मा होता है।

ट्रीटमेंट को प्लेटलेट्स द्वारा घावों के भरने में किया जाता है, इसलिए इनका इस्तेमाल झड़ते बालों के लिए किया जाता है। एक बार में 20 एमएल ब्लड लिया जाता है जिसमें से प्लेटलेट्स को अलग करने के बाद एक्टिवेटर मिलाया जाता है, जो प्लेटलेट्स को एक्टिवेट करने का काम करते हैं। जिससे जहां हेयर लॉस हो रहा है, वहां ये बेहतर तरीके से काम कर सके।

आगे की स्लाइड्स पर क्लिक करके इस ट्रीटमेंट के लाभ, कार्य और साइड इफेक्ट्स के बारे में विस्तार से जानिए...

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कार्य
सबसे पहले इफेक्टेड एरिया को ऐनेस्थीसिया देकर सुन्न किया जाता है, फिर स्पेशल माइक्रो सुई की सहायता से पीआरपी को पूरी खोपड़ी, भौं या दाढ़ी के उन एरिया में इंजेक्ट करते हैं जहां ट्रीटमेंट करना है। पीआरपी को इस एरिया में डर्मारोलर द्वारा भी इन्फ्यूज किया जा सकता है। डर्मारोलर का उपयोग करने से पहले स्किन पर सुन्न करने वाली सामान्य क्रीम लगा दी जाती है। 1-1 महीने बाद 4-6 सिटिंग्स की जरूरत होती है। 6 महीने से लेकर 1 साल तक एक बूस्टर सेक्शन होता है।
ये ट्रीटमेंट न सिर्फ बालों की ग्रोथ बढ़ाता है, बल्कि हेयर फॉलिकल को भी मजबूत करता है। सुइयां चुभाने और ब्लड निकालने की बात से यह दर्दनाक लग सकता है, लेकिन इस ट्रीटमेंट के दौरान पूरा एरिया सुन्न कर दिया जाता है जिससे किसी प्रकार का कोई दर्द नहीं होता। इसमें कई इंजेक्शन लगाए जाते हैं।
साइड इफेक्ट्स
इस ट्रीटमेंट में किसी भी बाहरी पदार्थ को शामिल नहीं किया जाता जिसके कारण किसी भी प्रकार के साइड इफेक्ट का कोई खतरा नहीं होता। न ही किसी प्रकार की कोई एलर्जी होती है। पीआरपी में व्हाइट ब्लड कॉर्पसल्स(कणिकाओं) की भी काफी मात्रा होती है जो इन्फेक्शन से बचाती है। 99 प्रतिशत लोगों को बिल्कुल भी दर्द नहीं होता, लेकिन 1 प्रतिशत लोगों में इंजेक्शन लगाने के कारण थोड़ी जलन जरूर हो सकती है।
 
पीआरपी ट्रीटमेंट के लाभ
झड़ते बालों को रोकने के लिए बहुत ही अच्छा ट्रीटमेंट है, क्योंकि इसमें किसी प्रकार की कोई सर्जरी नहीं करनी पड़ती। इसे बायोमेट्रिक्स तकनीक द्वारा खराब हो चुके टिश्यूज को ठीक किया जाता है और नए टिश्यूज बनाए जाते हैं। जिससे पतले पड़ चुके बालों के हेयर फॉलिकल को मजबूत कर उन्हें घना बनाते हैं। जो महिलाओं और पुरुषों दोनों के ही लिए जरूरी है।
इनके लिए है ये ट्रीटमेंट
 
1. जिनके बाल अधिक मात्रा में झड़ रहे हों।
2. जिनके बालों की ग्रोथ बहुत ही धीमी हो।
3. गर्भावस्था के बाद ज्यादा बाल झड़ने की समस्या होने पर।
4. हेयर ड्राय या बालों को सीधा करवाने की प्रक्रिया से बालों के तेजी से झड़ने को रोकने के लिए।
बालों के ट्रांसप्लांट के बाद भी इस ट्रीटमेंट का उपयोग उन्हें मजबूती देने के लिए किया जा रहा है।