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आजमाएं ये 9 तरीके, बढ़ जाएंगे प्रेग्नेंसी के चांस

अगर कोई महिला चाहकर भी गर्भवती नहीं हो पा रही हो तो मेडिकल कंडीशन्स के अलावा कई और फैक्टर्स भी जिम्मेदार होते हैं।

Danik Bhaskar | Sep 16, 2017, 12:02 AM IST

हेल्थ डेस्क। प्रेग्नेंट यानी गर्भवती होने के लिए कई चीजों का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है। इन्फर्टिलिटी एक्सपर्ट और गायनोकोलॉजिस्ट डॉ. मोनिका सिंह का कहना है कि अगर कोई महिला चाहकर भी गर्भवती नहीं हो पा रही हो तो मेडिकल कंडीशन्स के अलावा कई और फैक्टर्स भी इसके पीछे जिम्मेदार होते हैं।

कैसे बढ़ाएं प्रजनन क्षमता (Fertility)?


1. शुरु से ध्यान दें-

डॉ. मोनिका सिंह के मुताबिक जब किसी लड़की के पीरियड्स शुरु होते हैं उसी समय से उसे या उसके माता-पिता को ध्यान रखना चाहिए कि कोई कॉम्प्लिकेशन्स न हों।

2. टी.बी. जैसी बीमारी से बचें -

टी.बी. जैसी कोई बीमारी परिवार में किसी को हो तो उसकी समय रहते जांच और ट्रीटमेंट करवाएं।

3. महिला को शुरु से ही हेल्दी डाइट खिलाएं -

महिला की डाइट में आयरन, कैल्शियम और प्रोटीन के अलावा हेल्दी मिनरल्स भरपूर हों। इससे भविष्य में Conceive करने और हेल्दी मां बनने के चांस बढ़ेंगे।

How to Get Pregnant (गर्भवती) होने के लिए क्या करें?


डॉ. मोनिका सिंह का कहना है कि एक स्वस्थ पुरुष और स्वस्थ महिला होने के अलावा भी प्रेग्नेंसी के लिए एज, वजन, टाइमिंग जैसी कई चीजों का सही होना जरूरी होता है। आगे की स्लाइड्स में डॉ. मोनिका बता रही हैं कैसे प्रेग्नेंसी (Pregnancy) के चांस बढ़ाए जा सकते हैं।

आगे की स्लाइड्स में जानिए वह 9 तरीके जिनसे प्रेग्नेंसी के चांस बढ़ाए जा सकते हैं...

प्रेग्नेंसी डिले करने के नुकसान

 
  1. एक्सपर्ट का कहना है कि करियर या पढ़ाई के कारण प्रेग्नेंसी को डिले करने से परेशानी बढ़ जाती है।
  2. जो महिलाएं लेट शादी करती हैं और फिर करियर या अन्य कारणों से प्रेग्नेंसी को डिले करती हैं उन्हें बाद में प्रेग्नेंट होने में परेशानी उठाना पड़ सकती है।
  3. 35 साल की उम्र के बाद महिलाओं में प्रेग्नेंसी के चांस 50% तक कम हो जाते हैं।
  4.  बेहतर है कि 18 से 28 साल की उम्र के दौरान प्रेग्नेंसी प्लान करें। 

पीरियड्स रेग्युलर न होने के नुकसान

 
  1. एक्सपर्ट का कहना है कि महिलाओं को (या उनके माता-पिता को) पहले पीरियड्स के समय से ही ध्यान रखना चाहिए।
  2.  जब पहला पीरियड शुरु होते हैं उसके एक या दो साल बाद से अगर पीरियड्स इररेग्युलर हो रहे हैं तो इसे सीरियसली लेना चाहिए।
  3.  अच्छे गायनोकॉलॉजिस्ट को दिखाना चाहिए।
  4. पीरियड्स इररेग्युलर होने के कई कारण हो सकते हैं। इन्हें ठीक करना चाहिए।
  5. प्रेग्नेंसी प्लान करने से पहले अपने पीरियड्स का रिकॉर्ड रखें और डॉक्टर की सलाह लें। 

प्रेग्नेंसी में कितना इम्पोर्टेंट है ओवुलेशन (Ovulation) ?

 
  1. ये माना जाता है कि जिन महिलाओं के पीरियड्स रेग्युलर होते हैं। उनका Ovulation पीरियड्स के 2 हफ्ते पहले से शुरू हो जाता है।
  2. आज कल Ovulation Prediction Kits भी बाजार में मिलते हैं। जिनसे पता चल जाता है कि कोई महिला कब Ovulate कर रही है।
  3. ओवुलेशन टेस्ट रिजल्ट पॉजिटिव आने के 3 दिन के भीतर कंसीव करने के 60 से 70% चांस होते हैं।
  4. ओवुलेशन के समय महिलाओं का बॉडी टेम्परेचर भी थोड़ा बढ़ जाता है।
  5. ओवुलेशन के एक दो दिन पहले से वेजाइना से ट्रांसपेरेंट चिपचिपा डिस्चार्ज भी होने लगता है। 

प्रेग्नेंसी  (Pregnancy) में कितना जरूरी है वेट मेंटेन ( Weight Maintane) करना?

 
  1. एक्सपर्ट के मुताबिक ज्यादा मोटी और ओवरवेट महिलाओं की ओवरी और फेलोपियन ट्यूब में ब्लॉकेज हो सकती है।
  2. मोटापे के  कारण कंसीव करने में परेशानी हो सकती है। ओबेसिटी के कारण महिलाओं की ओवरी में सिस्ट भी बन सकती है।
  3. कम वजन वाली महिलाओं में आयरन और हीमोग्लोबिन की कमी हो सकती है। इसके कारण कंसीव करने में परेशानी हो सकती है।
  4. अगर कम वजन में कंसीव कर भी लिया तो प्रेग्नेंसी में तकलीफ हो सकती है या प्री मैच्योर डिलीवरी हो सकती है या मिसकैरिज हो सकता है या फिर बच्चा कमजोर पैदा हो सकता है।
  5. रिसर्च में पाया गया है कि जिन महिलाओं का BMI(Body Mass Index) 35 से ज्यादा है उन्हें प्रेग्नेंट होने में एक फिट महिला से दोगुना समय लग सकता है।
  6.  जो महिलाएं काफी दुबली हैं, जिनका BMI रेट 16 या उससे कम है उन्हें फिट महिलाओं की तुलना में प्रेग्नेंट होने में 4 गुना तक ज्यादा समय लग सकता है।