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कैसे बनते हैं CID ऑफिसर? जानिए इसका पूरा प्रॉसेस

सही डायरेक्शन न मिलने के कारण कई कैंडीडेट इस एग्जाम को क्रेक नहीं कर पाते।

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 12:02 AM IST

यूटिलिटी डेस्क। क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) ज्वॉइन करने का कई युवाओं का सपना होता है लेकिन सही डायरेक्शन न मिलने के कारण कई कैंडीडेट इस एग्जाम को क्रेक नहीं कर पाते। दरअसल CID पुलिस फोर्स की एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन और इंटेलीजेंस विंग होती है। इस डिपार्टमेंट को एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (ADGP) या फिर इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (IGP) रैंक के ऑफिसर लीड करते हैं। कौटिल्य एकेडमी के डायरेक्टर आश्रेंद्र मिश्रा बता रहे हैं कि आप CID कैसे ज्वॉइन कर सकते हैं। इसकी मिनिमम एलिजिबिलिटी क्या होती हैं और इस एग्जाम को कैसे क्रेक किया जा सकता है।

CID में रैंक क्या होती हैं....

एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (ADGP)
इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (IGP)
डीआईजी
एसपी
डीएसपी
इंस्पेक्टर
सुपरिंटेंडेंट
सब इंस्पेक्टर
असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर
कॉन्स्टेबल

क्या होती है एलिजिबिलिटी, देखिए अगली स्लाइड में...

क्या होती है एलिजिबिलिटी


> सीआईडी में अलग-अलग पोस्ट पर रिक्रूटमेंट होती हैं क्वालिफिकेशन के हिसाब से लेवल तय होता है। यदि कोई कैंडीडेट सब-इंस्पेक्टर के पद पर ज्वॉइन करना 

चाहता है तो उसे कम से कम ग्रैजुएट होना जरूरी है। ग्रैजुएशन ऑफिसर लेवल की पोस्ट के लिए पहली रिक्वायरमेंट है।

 

> क्रिमिनोलॉजी का कोर्स यदि किसी ने किया है तो उसे एक्स्ट्रा बेनिफिट मिल जाता है। इंडिया की कई ऐसी यूनिवर्सिटीज हैं जो क्रिमिनोलॉजी का कोर्स ऑफर कर रही हैं। इस कोर्स को करने के लिए 

साइंस या आर्ट्स से 12वीं होना जरूरी है। लॉ बैंकग्राउंड वाले स्टूडेंट्स के लिए क्रिमिनोलॉजी में स्पेशल कोर्सेस अवेलेबल हैं। शार्प आई, एक्सीलेंट मेमोरी, गुड 

जजमेंट ऐसे कुछ कैरेक्टर हैं जो एक ऑफिसर में देखे जाते हैं।

रिक्रूटमेंट कैसे होती है


> क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट में एंटर करने के लिए दो रास्ते हैं। पहला तरीका डायरेक्टर रिक्रूटमेंट का है। इसमें स्टेट पुलिस फोर्स के जरिए प्रमोशन पाकर 

सीआईडी में एंट्री होती है। इसमें ट्रैक रिकॉर्ड और सिनियरटी के हिसाब से संबंधित अधिकारी को प्रमोट किया जाता है। कोई भी यूनिफॉर्म्ड ऑफिसर दो साल के एक्सपीरियंस के बाद सीआईडी में एंट्री के लिए अप्लाई कर सकता है। सीआईडी में एंट्री के बाद स्पेशल ट्रेनिंग दी जाती है। ट्रेनिंग 2 सालों की होती है। 

 

 

> एंट्री का दूसरा तरीका ये है कि इंडियन सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन को क्रेक किया जाए। यह एग्जाम यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) द्वारा कंडक्ट करवाई जाती है। एग्जाम का नोटिफिकेशन यूपीएससी की वेबसाइट पर आता है। इसमें रिटन एग्जाम, इंटरव्यू और फिजिकल टेस्ट के आधार पर कैंडीडेट्स को 

सिलेक्ट किया जाता है। कैंडीडेट्स को यह एग्जाम क्रेक करने के लिए करेंट हेपनिंग से जुड़ा रहना काफी जरूरी है। एसएससी क्रेक करके भी इंस्पेक्टर लेवल पर सीआईडी में एंट्री ली जा सकती है।