(तस्वीरों का इस्तेमाल प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।)
लाइफस्टाइल डेस्क:अक्सर बच्चे झूठ बोलते हैं। झूठ तो बड़े भी बोलते हैं, पर बच्चों को झठ बोलने पर सजा मिलती है। पेरेंट्स सोचते हैं कि डांट-फटकार और पिटाई के डर से बच्चे झूठ बोलना बंद कर देंगे, पर ऐसा होता नहीं। सवाल ये है कि बच्चे आख़िर झूठ क्यों बोलते हैं और झूठ बोलना कैसे सीखते हैं। यह वह अपनी फैमिली और आसपास के माहौल में ही सीखते हैं।आज हम आपको बच्चों के झूठ बोलने के कारणों के बारे में बता रहे हैं।
1-पेरेंट्स ध्यान दें बच्चों पर
बच्चे जिन बातों के ग़लत मानते हैं और वैसा उन्होंने किया हो, तो झूठ बोल देते हैं। कई बार बच्चे कुछ ग़लत नहीं करने पर भी झूठ बोलने लगते हैं, क्योंकि उन्हें ये शक होता है कि कहीं उन्हें ग़लत न माना जाए। यहां पेरेंट्स को समझने की कोशिश करनी चाहिए कि बच्चा झूठ क्यों बोलता है। उन्हें यह भी देखना चाहिए कि कहीं उन्होंने बच्चे के सामने झूठ तो नहीं बोला। आमतौर पर बच्चे मासूम होते हैं और वो ख़ुद से झूठ नहीं बोल सकते। बहुत से बच्चों को झूठ बोलने के बाद पश्चाताप भी होता है। जो भी हो, पेरेंट्स को एक बात समझ लेनी चाहिए कि बच्चा अगर झूठ बोल रहा है तो कभी भी उसे इसके लिए डांटें-फटकारें नहीं। पिटाई तो हर्गिज नहीं करें। इससे बच्चे की पर्सनैलिटी पर बहुत नेगेटिव असर होता है।
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