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डाउनलोड करेंलाइफस्टाइल डेस्क: पुरुषों की बेवफाई के किस्से कोई नए नहीं हैं। पुराने जमाने से ही यह देखा जाता रहा है कि पुरुष कभी भी एक स्त्री के साथ संतुष्ट नहीं रहे। दुनिया की तमाम प्राचीन सभ्यताओं में बहुपत्नी प्रथा अस्तित्व में रही है। भारत जैसे परंपरागत देश में तो यह प्रथा हाल-फिलहाल तक जारी रही। जहां तक राजे-रजवाड़ों और अभिजात वर्ग का सवाल है, वहां तो राजाओं, राजकुमारों, अमीर-उमरा और रईसजादों की कई बीवीयां तो होती ही थीं, साथ ही उनकी प्रेमिकाएं भी होती थीं, जिनका दर्जा उपपत्नी वाला होता था।
एक पत्नी का होना आधुनिक जमाने की बात है। फिर भी कुछ समुदायों और जातियों में बहुपत्नी प्रथा का प्रचलन कमोबेश जारी है। अगर कुछ अपवादों को छोड़ दिया जाए तो प्राय: पुरुष शादीशुदा होने के बावजूद दूसरी स्त्रियों में रुचि लेने लगते हैं। कई बार यह विवाहेत्तर संबंधों का कारण बन जाता है तो कई बार पराई स्त्री के चक्कर में पुरुष अपनी पत्नी को तलाक तक दे देते हैं।
इस तरह के संबंधों का हश्र कभी-कभी तो बहुत ही दर्दनाक होता है। अक्सर यह देखा गया है कि कुछ समय के बाद पुरुष अपनी नई प्रेमिका के अलावा फिर से दूसरी लड़कियों के प्रति आकर्षित हो जाते हैं और उनसे संबंध बनाने की कोशिश करते हैं। कई बार ये संबंध सिर्फ भावनात्मक स्तर पर होते हैं तो कई बार ये इतने आगे बढ़ जाते हैं कि इनकी परिणति शारीरिक संबंधों में होती है। यह स्थिति व्यक्ति की पत्नी अथवा प्रेमिका के लिए बहुत ही दुखद होती है, जिसके साथ-साथ रहते हुए व्यक्ति अलग संबंधों की तलाश में भटकता है।
अभी हाल में ही राजनेता और लेखक शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। कहा जा रहा है कि उन्होंने आत्महत्या की और इसके पीछे कारण रहा शशि थरूर की किसी अन्य महिला से बढ़ती नजदीकियां।
आगे की स्लाइड में जानें आखिर क्यों पुरुष पत्नी के होते हुए भी पराई स्त्रियों में रुचि लेते हैं और उनके साथ संबंध बनाना चाहते हैं...
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