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कभी 17 हजार विजिटर्स हुए थे इस शो में शामिल, अब पहुंचते हैं 7 लाख से भी ज्यादा

दुनिया का पहला ऑटो शो ‘पेरिस मोटर शो’ 1898 में हुआ था। इसके बाद 2 शो और हुए। 1905 में जिनेवा मोटर शो की शुरुआत हुई।

Danik Bhaskar | Mar 07, 2018, 10:20 AM IST

यूटिलिटी डेस्क। दुनिया का पहला ऑटो शो ‘पेरिस मोटर शो’ 1898 में हुआ था। इसके बाद 2 शो और हुए। 1905 में जिनेवा मोटर शो की शुरुआत हुई। आज यह दुनिया का सबसे बड़ा ऑटो इवेंट बन गया है। शो के 113 साल के सफर में कई ट्रेंडसेटिंग कारें लॉन्च हुईं। ऐसे में हम इस शो के बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

1905 : 17 हजार विजिटर पहुंचे थे पहले जिनेवा मोटर शो में, स्टीम पावर्ड कारें दिखी

जिनेवा में पहला मोटर शो आयोजित हुआ था। 29 अप्रैल से 7 मई 1905 तक चला था। ऑटोमोबाइल इतिहास में सभी प्रमुख कारों की लॉन्चिंग का यह गवाह रहा है। पहले शो में 17,000 विजिटर्स पहुंचे थे। इसमें स्टीम पावर्ड कारें दिखाई गईं थी। कार और टू-व्हीलर के लिए 37 एक्जिबिशन स्टैंड रखे गए थे।

1923-47 : मर्सिडीज एसएसके लॉन्च, कंपनी का वर्चस्व सभी ऑटो शो में बढ़ता गया

पहले विश्वयुद्ध के कारण 1908-22 तक शो नहीं हुआ। 1929 में मर्सिडीज एसएसके की लॉन्चिंग हुई। 1930 तक सभी शो में मर्सिडीज की कारें हावी रहने लगीं। 1940-47 तक शो फिर बंद रहा। 1948 में इस शो में 2.10 लाख लोग पहुंचे जो रिकॉर्ड था।

आगे की स्लाइड्स पर जानिए जिनेवा मोटर शो से जुड़े इतिहास के बारे में...

1950-68 : जगुआर एक्सके के बाद ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को मिली तेज स्पीड

 

जनरल मोटर्स, पैकार्ड, फोर्ड और हडसन के मॉ़डल पसंदीदा रहे। 1951 में छह सिलेंडर और ट्विन ओवरहेड कैम्पशॉफ्ट इंजन वाली जगुआर एक्सके ने इंडस्ट्री को स्पीड से रूबरू करवाया। इसने रेस, ट्रैक्स और रैलियों में बेहतरीन प्रदर्शन किया। शो में विजिटर्स की संख्या 5 लाख पार कर गई थी। 

 

 

1979-93 : फोर्ड मोन्डेओ से फैमिली सेगमेंट की कारों पर ध्यान दिया जाने लगा

 

सहारा 4X4 को पहली बार पेश किया गया। मिलिट्री 230 एम मॉडल ने भविष्य में हमर और ऑल टैरेन मर्सिडीज के लिए रास्ते खोल दिए। 1993 में फोर्ड मोन्डेओ 5 डोर वाली हैचबैक ने फैमिली कार सेगमेंट में अलग जगह बनाई। मोन्डेओ मूल रूप से लैटिन वर्ड है, इसका मतलब ‘दुनिया’ होता है।

 

 

2003-17 : रोड के साथ आसमान में उड़ने वाली कारों के कंसेप्ट शोकेस होने लगा

 

2003 में लैंबर्गिनी की गैलारेडो आई। इसकी टॉप स्पीड 309 किमी थी। 2017 में इटेल्डिजाइन पॉपअप आई। कार्बन फाइबर कैबिन वाली इस कार में 2 लोग बैठ सकते हैं। ग्राउंड या एयर मॉड्यूल से जुड़ी होती है। यानी उड़ भी सकती है। ग्राउंड और एयर दोनों मॉड्यूल के कंसेप्ट पर इंडस्ट्री का फोकस हुआ।