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ये रहे 2017 के सबसे कॉन्ट्रोवर्शियल Apps, तो इस गेम ने ली कईयों की जान

इस साल कॉन्ट्रोवर्शियल गेम ब्लू व्हेल की चर्चा भी लगातार होती रही।

Danik Bhaskar | Dec 25, 2017, 12:02 AM IST

यूटिलिटी डेस्क। साल 2017 कॉन्ट्रोवर्शियल ऐप्स के लिए भी हमेशा याद रहेगा। इस साल गूगल से लेकर इंडियन गवर्नमेंट ने कई चीनी ऐप्स पर बैन लगाया। जिन ऐप्स को बैन किया या हटाया गया उन पर यूजर का डाटा चुराने का आरोप लगा था। इसके साथ, इस साल कॉन्ट्रोवर्शियल गेम ब्लू व्हेल की चर्चा भी लगातार होती रही। ऐसा कहा जाता है कि इस गेम को खेलने वाले कई यूजर ने सुसाइड की है। हम यहां पर साल के ऐसे ही ऐप्स और कॉन्ट्रोवर्सी के बारे में बता रहे हैं।

# ब्लू व्हेल गेम

ब्लू व्हेल गेम शायद इस नाम को आपने साल में कई बार सुना होगा। ये ऐसा गेम था जिसने दुनियाभर में 250 से ज्यादा लोग सुसाइड कर चुके थे। ये गेम गूगल प्ले स्टोर पर नहीं था, लेकिन इसे APK फाइल की मदद से इन्स्टॉल किया जा सकता था। ऐसी कई बेवसाइट हैं जो ऐप्स का APK फॉर्मेट का सेटअप देती हैं। हालांकि, एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम इन्हें इन्स्टॉल करने की इजाजत नहीं देता। इसके बाद भी यूजर ने फोन की सेटिंग को चेंज करके इस गेम को फोन में इन्स्टॉल किया। इस गेम यूजर को डेली कुछ टास्क दिए जाते थे और आखिरी टास्क में सुसाइड करने के लिए कहा जाता था।

आगे की स्लाइड्स पर जानिए ऐसे ही अन्य टेक और ऐप कॉन्ट्रोवर्सी...

# UC ब्राउजर हुआ बैन

 

अलीबाबा ग्रुप के UC ब्राउजर को गूगल ने अपने प्ले स्टोर से हटा 30 दिन के लिए हटा दिया था। गूगल का ऐसा मानना है कि UC ब्राउजर भारतीय यूजर्स का पर्सनल डाटा चीन स्थित अपने सर्वर पर भेज रहा है। साथ ही, यदि यूजर इस ब्राउजर को फोन से अनइन्स्टॉल कर देते हैं तब भी ये आपको डिवाइस को कंट्रोल कर सकता है। ये ब्राउजर भारत में काफी लोकप्रिय है। इसे स्मार्ट फोन पर करीब 55 प्रतिशत लोग यूज करते हैं।

 

# Truecaller सरकार के निशाने पर

 

साल के आखिरी महीने यानी दिसंबर में सरकार ने एक एडवाइजरी जारी की जिसमें LAC लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर तैनात जवानों को कुछ चीनी मोबाइल ऐप हटाने के बारे में कहा गया। ऐप हटाने के साथ ही फोन को रिफॉर्मेट करने की एडवाइस भी दी गई थी। एडवाइजरी के मुताबिक विदेशी खुफिया एजेंसियां स्पेशली चीन और पाकिस्तान इन App का यूज कर डाटा चोरी कर रहे थे। होम मिनिस्टरी ने इसमें 42 ऐप्स को शामिल किया था। इसमें मोस्टली यूज होने वाला ऐप Truecaller भी शामिल था। इस ऐप को 50 करोड़ से ज्यादा यूजर्स यूज करते हैं।

 

 

# SHAREit पर भी सवाल उठे

 

इस साल इंडियन गवर्नमेंट ने जिन ऐप्स की क्रेडिबिलिटी पर सवाल उठाए थे, उनमें SHAREit भी शामिल रहा। डाटा ट्रांसफर करने वाले इस चीनी ऐप को 100 करोड़ से भी ज्यादा यूजर्स इस्तेमाल करते हैं। सरकार ने इस ऐप के बारे में कहा था कि ये यूजर के पर्सनल डाटा को चुरा रहा है। साथ ही, यूजर की लोकेशन और दूसरी चीजें भी फोन से चुराई जा रही हैं। सरकार ने भारतीय जवानों से इस ऐप को हटाने के लिए खासतौर पर कहा था।

 

 

# गूगल ने एक साथ 20 ऐप्स हटाए

 

इस साल सितंबर के महीने में गूगल ने एक साथ 20 चीनी ऐप्स को बैन करते हुए प्ले स्टोर से हमेशा के लिए हटा दिया। साथ ही, सभी एंड्रॉइड यूजर्स को ये ऐप्स अपने स्मार्टफोन से हटाने की सलाह भी दी थी। गूगल के मुताबिक इन ऐप्स से स्मार्टफोन में वायरस अटैक हो सकता है। साथ ही, इन ऐप्स में कई लूपहोल्स थे जिनकी मदद से हैकर्स आपके स्मार्टफोन तक पहुंच सकते हैं। यानी वो आपके फोन की जरूरी डिटेल चोरी कर सकते हैं। गूगल की सिक्युरिटी कंपनी ने Dubbed Judy नाम के ऐप्स में मालवेयर फाउंड किया था। ये सभी गेमिंग ऐप्स थे जिनमें कुछ तो 5 मिलियन तक डाउनलोड किए गए थे।