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कहीं आप तो नहीं चला रहे फेक WhatsApp? 10 लाख लोग कर चुके हैं install

कहीं आप भी फेक WhatsApp तो नहीं चला रहे। 10 लाख लोग गूगल प्ले स्टोर से फेक WhatsApp ऐप को डाउनलोड कर यूज कर रहे हैं।

Danik Bhaskar | Nov 06, 2017, 04:19 PM IST
WhatsApp ऐप प्ले स्टोर पर WhatsApp Inc डेवलपर नाम से है। WhatsApp का फर्जी ऐप भी गूगल प्ले स्टोर पर WhatsApp Inc डेवलपर नाम से ही मौजूद था। (सिम्बॉलिक) WhatsApp ऐप प्ले स्टोर पर WhatsApp Inc डेवलपर नाम से है। WhatsApp का फर्जी ऐप भी गूगल प्ले स्टोर पर WhatsApp Inc डेवलपर नाम से ही मौजूद था। (सिम्बॉलिक)
गैजेट डेस्क। कहीं आप भी फेक WhatsApp तो नहीं चला रहे। दरअसल 10 लाख लोग गूगल प्ले स्टोर से फेक WhatsApp को डाउनलोड कर यूज कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गूगल प्ले स्टोर पर Update WhatsApp नाम से एक ऐप मौजूद था। इसे काफी दिनों तक लोग डाउनलोड भी करते रहे। WhatsApp ऐप प्ले स्टोर पर WhatsApp Inc डेवलपर नाम से है। WhatsApp का फर्जी ऐप भी गूगल प्ले स्टोर पर WhatsApp Inc डेवलपर नाम से ही मौजूद था। ऐसे में लोगों के लिए इसे सही या गलत समझने का कोई दूसरा ऑप्शन नहीं मिला और इसे 10 लाख लोगों ने डाउनलोड कर लिया। इस फेक ऐप की खास बात ये है कि यह इंस्टॉल होने पर मिनिमम परमिशन मांग रहा था। यह फेक ऐप WhatsApp+Inc%C2%A0.” कोडिंग के साथ मौजूद था। हालांकि अब इस फेक ऐप को प्ले स्टोर से हटा लिया गया है।

रेडिट यूजर ने ढूंढा Fake ऐप

- एक रेडिट यूजर ने के मुताबिक, WhatsApp के इस ऐप ने उन लोगों का नुकसान किया है, जिन्होंने इसे अपने मोबाइल में इंस्टॉल किया है।
- आमतौर पर फर्जी ऐप की पहचान करने के लिए लोग डेवलपर का नाम पढ़ते हैं ताकि ये पता लगा सकें कि ऐप कौन से पब्लिशर का है और जिस डेवलपर का है वो सही है या नहीं। लेकिन यहां नाम एक ही होने से ऐसा कुछ नहीं हो पाया।
- गूगल ने कहा है कि वो इस मामले को गंभीरता से देख रहा है।
पहले भी हो चुका है ऐसा
- ऐसा पहली बार नहीं है जब गूगल प्ले स्टोर पर कोई फर्जी ऐप पकड़ा गया हो। इससे पहले भी गूगल प्ले स्टोर पर कई वायरस इंफेक्टेड और फेक ऐप लिस्ट किए गए हैं। हालांकि WhatsApp का फर्जी ऐप मिलना गूगल सिक्युरिटी को बड़ा झटका है। इस ऐप को करोड़ों लोग यूज करते हैं।
- ऐसा दावा किया जा रहा है कि हैकर्स ने डेवलपर नेम की जगह WhatsApp Inc दिखाने के लिए किसी ट्रिक का यूज किया। ये ट्रिक यूनिकोड हो सकता है।
- ऐसा पहले भी देखने को मिला है, जब एपल की वेबसाइट किसी यूनिकोड के जरिए खोल कर लोगों को बेवकूफ बनाया गया था क्योंकि एपल का डोमेन apple.com है और यूनिकोड ट्रिक्स के जरिए ऐसे किया गया और ब्राउजर में apple.com ही दिखा। आपको बता दें कि हाल ही में गूगल ने प्ले स्टोर से Zombie Apps को हटाया था जिनमें वायरस थे।
आगे की स्लाइड्स में जानिए WhatsApp क्रैश के बारे में...
ऐसा दावा किया जा रहा है कि हैकर्स ने डेवलपर नेम की जगह WhatsApp Inc दिखाने के लिए किसी ट्रिक का यूज किया। ये ट्रिक यूनिकोड हो सकता है। (सिम्बॉलिक) ऐसा दावा किया जा रहा है कि हैकर्स ने डेवलपर नेम की जगह WhatsApp Inc दिखाने के लिए किसी ट्रिक का यूज किया। ये ट्रिक यूनिकोड हो सकता है। (सिम्बॉलिक)
जब क्रैश हो गया WhatsApp
 
- 3 नंवबर को अचानक WhatsApp ने काम करना बंद कर दिया। इसे ग्लोबली WhatsApp क्रैश का नाम दिया गया।
- करीब 1 घंटे के बंद रहने के बाद WhatsApp ने काम करना शुरू किया। WhatsApp ने भी इस बात की पुष्टि की थी।
- बयान में कहा गया, "WhatsApp कुछ समय के लिए बंद था। जल्दी ही हमने इस प्रॉब्लम को ठीक कर लिया गया। इस दौरान यूजर्स न तो मैसेज भेज पाए, न ही रिसीव कर पाए।"