Limeroad पर इंडियन फैशन और लाइफस्टाइल प्रोडक्ट्स का सबसे बड़ा कलेक्शन / Limeroad पर इंडियन फैशन और लाइफस्टाइल प्रोडक्ट्स का सबसे बड़ा कलेक्शन

dainikbhaskar.com के स्पेशल इंटरव्यू शो DBSpotlight में आज हम आपकी मुलाकात करा रहे हैं फैशन पोर्टल Limeroad.com की फाउंडर और CEO सुचि मुखर्जी से, जिन्होंने 2012 में इसकी शुरुआत की। प्रीति हून से बातचीत में उन्होंने बताया Limeroad कैसे आज इंडिया का सबसे मशहूर फैशन-लाइफस्टाइल पोर्टल बन गया है।

Sep 02, 2016, 03:55 PM IST
dainikbhaskar.com के स्पेशल इंटरव्यू शो DBSpotlight में आज हम आपकी मुलाकात करा रहे हैं फैशन पोर्टल Limeroad.com की फाउंडर और CEO सुचि मुखर्जी से, जिन्होंने 2012 में इसकी शुरुआत की। सबकुछ नहीं ऑनलाइन...
प्रीति हून से बातचीत में उन्होंने बताया Limeroad कैसे आज इंडिया का सबसे मशहूर फैशन-लाइफस्टाइल पोर्टल बन गया है। सुचि कहती हैं ‘फैशन और लाइफस्टाइल प्रोडक्ट का सिर्फ 1% ही ऑनलाइन है, बाकी इतना बहुत कुछ है जो लोगों तक पहुंच ही नहीं पाता। यहां जरूरत बनती है कि ऐसी जगह की, जहां आप इंडिया में बने उन बेहतरीन प्रोडक्ट्स का कलेक्शन देख सकें। इसी लिए Limeroad का जन्म हुआ, जो इंडिया में खासकर महिलाओं के लिए आज सबसे बड़ा और फेवरेट ऑनलाइन फैशन-लाइफस्टाइल प्लेटफॉर्म है। हाल ही में Menswear Collection भी जुड़ गए हैं।’
Limeroad.com के बारे में-
- यहां 3 मिलियन स्टाइल स्टेटमेंट्स मौजूद हैं पसंद के हिसाब से चुनने के लिए।
- Limeroad से आप कपड़े, एक्सेसरीज, होम फर्निशिंग प्रोडक्ट्स खरीद सकते हैं।
- लाइमरोड में मैट्रिक्स पार्टनर्स इंडिया तथा लाईट स्पीड वैंचर पार्टनर्स ने इन्वेस्ट किया है।
- पोर्टल का दावा है कि उसके 85% ऑर्डर ऑर्गेनिक ट्रैफिक से आते हैं। जबकि 70% ऑर्डर मोबाइल ऐप से आते हैं।
सुचि कहती हैं, आज Limeroad शुरू किए साढ़े तीन साल हो गए है, लेकिन मुझे हर दिन पहले दिन की तरह ही लगता है। हमारे यहां हर महीने 15 मिलियन विजिट्स आते हैं और हमारे इंगेजमेंट्स नंबर इंडिया में सबसे ज्यादा है, तो अच्छा लगता है।
सुचि आज जो कुछ भी हैं, उसका क्रेडिट अपने पैरेंट्स को देती हैं। वे कहती हैं ‘मैं दिल्ली से हूं और मुझे मेरे पैरेंट्स ने वो सब करने दिया, जो सक्सेसफुल बनने के लिए जरूरी थी। उनमें जैसे मुझे हर कुछ सिखाने की लगन थी, जिसके चलते मैं हमेशा आगे रही। और यही वजह है कि कैंब्रिज यूनिवर्सिटी, यूके से इकोनॉमिक्स में बीए करने के बाद कैंब्रिज कॉमनवेल्थ स्कॉलर के रूप में लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से मास्टर्स इन फाइनेंस एंड इकोनॉमिक्स की डिग्री हासिल कर पाई।’
मां चाहती थी मैं इंजीनियर बनूं-
- मुझे जब जो करना था, बस करना था। 12वीं के बाद मैं चाहती थीं कि मैं इंजीनियरिंग करूं लेकिन मुझे इकोनॉमिक्स में काफी इंटरेस्ट था। मैंने कहा, मुझे इकोनॉमिक्स पढ़ना है और पापा ने भी साथ दिया। कुछ लड़ाई-झगड़े और बहस के बाद मैंने इकोनॉमिक्स ही चुना। बाद में मां भी मान गईं।
वीडियो में देखिए- ईबे, वर्जिन मीडिया और स्काइप में काम कर चुकी सुचि क्यों लौटीं इंडिया
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