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लड़की को देखकर कमेंट करना ही नहीं गलत इशारे करना भी है कानूनी अपराध

भारतीय कानून ने महिलाओं को कई अधिकार दिए हैं।

Danik Bhaskar | Feb 14, 2018, 12:02 AM IST

यूटिलिटी डेस्क। भारतीय कानून ने महिलाओं को कई अधिकार दिए हैं। यदि कोई व्यक्ति इन्हें तोड़ता है तो उसे कानून अपने शिकंजे में ले सकता है। आज हम बता रहे हैं ऐसी की कुछ कानूनों के बारे में, जो महिलाओं को खास सुरक्षा देते हैं।

> इंडियन पैनल कोड (IPC) के सेक्शन 294 और 509 के तहत किसी लड़की को देखकर अपमानजनक कमेंट करना या गलत इशारा करना अपराध है। कोई इंडिविजुअल या ग्रुप में ऐसी हरकत करता है तो वह कानून के शिकंजे में आ सकता है।

> चाइल्ड मैरिज रिस्ट्रेंट एक्ट 1929 के तहत 18 साल से कम उम्र में लड़की की शादी पर पाबंदी है। यदि कोई ऐसा करता है तो वह सलाखों के पीछे जा सकता है।

आगे की स्लाइड में जानिए ऐसे ही और कानूनों के बारे में...

हर महिला को होना चाहिए इन कानूनों की जानकारी

 

> हाईकोर्ट के निर्देश के मुताबिक हर पुलिस स्टेशन में एक लेडीस ऑफिसर होना ही चाहिए। यह हेड कॉन्स्टेबल से नीचे के पद पर न हो। किसी भी महिला को सिर्फ 

एक लेडी ऑफिसर ही सर्च कर सकती है। लेडी ऑफिसर की मौजूदगी में ही महिला को अरेस्ट किया जा सकता है। 

 

> मिनिमम वेजेस एक्ट 1948 के मुताबिक भारत सरकार ने हर सेक्शन के लिए न्यूनतम मजदूरी तय की है। स्किल्ड, सेमी-स्किल्ड और अनस्किल्ड वर्कर्स के लिए 

भी मिनिमम वेतन तय है। दिल्ली में स्किल्ड वर्कर के लिए मिनिमम मजदूरी 423 रुपए दिन है। फिर चाहे वर्कर पुरुष हो या महिला। इसमें भेदभाव नहीं किया जा 

सकता। 

 

> हिंदु सक्सेशन एक्ट 1956 के मुताबिक संपत्ति में जो भी हिस्सेदार हैं (पुरुष हो या महिला) उसे बिना लैंगिक भेदभाव के अपना हिस्सा पाने का हक है। 

 

> डाउरी प्रोहिबिशन एक्ट 1961 के मुताबिक कोई भी व्यक्ति दहेज लेता है देता है या फिर इस काम में किसी की मदद करता है तो उसे 5 साल की सजा हो सकती है और 15 हजार रुपए जुर्माना लग सकता है।