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मोदी बोले 'नॉर्थ-ईस्ट रखता है मायने': इसलिए घर बनवाते समय यह कोना होता है खास

हम बता रहे हैं कि आखिर क्यों किसी भी घर में नॉर्थ-ईस्ट का कोना सबसे महत्वपूर्ण क्यों होता है।

Danik Bhaskar | Mar 05, 2018, 12:02 AM IST

यूटिलिटी डेस्क। बीजेपी ने त्रिपुरा में वाम दलों का किला ध्वस्त कर दिया है। जीत के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने अपनी स्पीच में नॉर्थ-ईस्ट के इम्पोर्टेंस को लेकर बात की थी। उन्होंने कहा था कि मैंने ऐसा सुना है कि जो वास्तुशास्त्र वाले लोग होते हैं, जो इमारत बनाते हैं वे एक मान्यता रखते हैं, कि वास्तुशास्त्र के हिसाब से जो इमारत की रचना होती है उसमें नॉर्थ-इस्ट का कोना सबसे महत्वपूर्ण होता है और इसीलिए सारा फोकस नॉर्थ-इस्ट को ध्यान में रखकर किया जाता है।यानी एक बार नॉर्थ-ईस्ट ठीक हो गया तो इसका मतलब है कि पूरी इमारत ठीक हो जाती है। पीएम मोदी की इस बात को वास्तुशास्त्री भी पूरी तरह से सही मानते हैं। हम बता रहे हैं कि आखिर क्यों किसी भी घर में नॉर्थ-ईस्ट का कोना सबसे महत्वपूर्ण क्यों होता है।

घर बनाते समय क्यों नॉर्थ-ईस्ट रखता है इतने ज्यादा मायने, देखिए अगली स्लाइड में...

घर बनाते समय क्यों नॉर्थ-ईस्ट रखता है इतने ज्यादा मायने....

 

> उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पंडित अमर डिब्बावाला कहते हैं कि वास्तुशास्त्र के आधार पर देखें तो पूर्व दिशा को उर्जा का कारक एवं देवाताओं की दिशा माना जाता है। 

साथ ही ईशान कोण में भगवान विष्णु का वास होता है।

 

> पौराणिक मान्यता से देखें तो विश्वकर्मा को विष्णु का अंश अवतार बताया गया है, चूंकि वास्तु विश्वकर्मा से संबंधित है और वास्तु पुरूष को पूर्वोत्तर की उर्जा प्राप्त होती है। यही कारण है कि संपूर्ण वास्तुशास्त्र में पूर्व दिशा और ईशान कोण का बड़ा महत्व है। 

 

गृहों की दृष्टि से भी है महत्वपूर्ण, देखिए अगली स्लाइड में....

गृहों की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है....

 

> गृहों की दृष्टि से देखें तो उत्तर दिशा बुध और शुक्र गृह का प्रतिनिधित्व करती है। बुध व्यवसायिक और व्यापारिक उन्नति देता है। वहीं शुक्र को समृद्धि का कारक गृह माना गया है। साथ ही पूर्व दिशा को सूर्य एवं बृहस्पति का सानिध्य प्राप्त है जो उर्जा और ज्ञान से परिपूर्ण करता है। यही चार मुख्य ग्रह हैं जो पूर्वोत्तोर दिशा 

में वास्तु के अंतर्गत विशेष महत्व वाले बताए गए हैं।