मेडिकल साइंस की नई खोजों ने कैंसर, अल्जीमर्स और कई लाइलाज रोगों के उपचार की दिशा में चमत्कारिक नतीजों की उम्मीद पैदा की है। मानव शरीर में मौजूद लाखों प्रोटीन्स की पहचान से रोगों के इलाज का नया रास्ता मिला है। डायबिटीज मरीजों को इंसुलिन से छुटकारा मिलने के आसार उजले हुए हैं।
बिल सेपोरिटो . वैज्ञानिकों ने इस बात का पता लगा लिया है कि डीएनए हमें कई बीमारियों के खतरे से आगाह कर सकते हैं। 2003 में जीन्स के समूह-जीनोम की सूची बनने के बाद यह पता लगाना संभव हो गया है कि जीन्स में किस तरह के बदलाव से कौन सी बीमारी हो सकती है। गिनती करने के साधन बेहतर होने से 19599 जीन्स को सूचीबद्ध कर लिया गया है। इससे बनने वाले डीएनए नक्शे के जरिए दवा कंपनियां मरीजों के जीन्स में खास बदलाव को ध्यान में रखकर दवाइयां तैयार कर सकती हैं।
इलाज में नई खोज
बनावटी पेनक्रियास : पेनक्रियाटिक सैल को ट्रांसप्लांट करके टाइप-1 डायबिटीज का इलाज किया जा सकता है।
फैट पर रोक : मांसपेशियों में चर्बी जमा होने से कोशिकाएं इन्सुलिन पर प्रतिक्रिया नहीं कर पाती हैं।
शोधकर्ताओं के अंतरराष्ट्रीय ग्रुप का कहना है कि वीईजीएफ- बी नामक प्रोटीन टाइप- 2 डायबिटीज को रोक सकता है।
गट एंजाइम : वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक आंत के एक एंजाइम पर रिसर्च कर रहे हैं। यह शुगर के प्रभाव को खत्म करता है। इससे टाइप- 2 डायबिटीज पीड़ितों को फायदा होगा।
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