भारतीय संस्कृति के अनुसार विवाह कोई शारीरिक या सामाजिक अनुबंध मात्र नहीं है, यहां दाम्पत्य को एक श्रेष्ठ आध्यात्मिक साधना का भी रूप दिया गया है। लेकिन नई पीढ़ी इसे नहीं समझ पा रही है।
हिंदू धर्म में विवाह को सोलह संस्कारों में से एक संस्कार माना गया है। यहां पति और पत्नी के बीच शारीरिक संबंध से अधिक आत्मिक संबंध होता है। विवाह दो आत्माओं का पवित्र बंधन है। फिर भी ये अटूट बंधन आज खुद के अस्तित्व को बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है।
मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि जीवन में कई बार ऐसी घटनाएं होती है, जो संकेत है कि शादीशुदा जोड़ें कब तलाक लेंगे।
आगे की स्लाइडों में डालिए तस्वीरों की जरिए इन चार संकेतों पर एक नजर...।