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डाउनलोड करेंअक्सर समझा जाता है कि अच्छे ग्रेड्स, बेहतर यूनिवर्सिटी में एडमिशन या अच्छा प्रोफाइल एजुकेशन लोन की ब्याज दर को कमकरने में मददगार होंगे। जबकि असलियत कहीं अलग है।
जानिए एजुकेशन लोन से जुड़े कुछ भ्रम और तथ्य।
अच्छी यूनिवर्सिटी में एडमिशन कम ब्याज दर पर लोन दिलाएगा तथ्य -
यह एक आम धारणा है कि अच्छी यूनिवर्सिटी में प्रवेश से कम ब्याज दर पर एजुकेशन लोन हासिल हो जाएगा। असल में ऐसा नहीं है। किसी भी प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में प्रवेश मिलना लोन आसानी से दिलवाने में मदद करेगा, लेकिन हरेक के लिए ब्याज दरें समान ही होती हैं।
अच्छा प्रोफाइल और ग्रेड्स यानी ज्यादा लोन राशि तथ्य -
अच्छे ग्रेड्स और यूनिवर्सिटी आसानी से एजुकेशन लोन लेने में मदद जरूर करेंगे, लेकिन लोन लेने के लिए यह पर्याह्रश्वत नहीं है। बैंक आपकी वित्तीय क्षमताओं को देखेगा, साथ ही ऋण के लिए आपकी संपत्ति का जायजा लेगा। कुछ प्राइवेट लोन कंपनियां (क्रेडिला)अच्छे अंकों और प्रोफाइल वाले छात्रों को प्राथमिकता देती हैं।
मेरे ग्रेड्स कम हैं, तो मुझे एजुकेशन लोन नहीं मिलेगा तथ्य-
देशी-विदेशी यूनिवर्सिटी में प्रवेश के लिए ग्रेड्स महत्वपूर्ण हैं। अगर आपके ग्रेड्स कम हैं तो आपको प्रवेश ही नहीं मिलेगा। एजुकेशन लोन तो बहुत बाद की बात है। ऐसे में खराब ग्रेड्स एजुकेशन लोन के पास होने की प्रक्रिया पर असर नहीं डालते।
महंगा खर्च विदेश से उच्च शिक्षा में रुकावट है -
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपए की गिरती कीमत के चलते यह चर्चा का विषय है। यह सच है कि रुपए की गिरती कीमत की वजह से विदेश से पढ़ाई करने वाले छात्रों को अतिरिक्त पैसा खर्च करना पड़ता है, लेकिन इससे उनके फैसले पर फर्क नहीं पड़ा है। असल में उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने वाले छात्रों की दो श्रेणियां होती हैं। आर्थिक रूप से सक्षम छात्र और अकादमिक रूप से क्वालिफाइड छात्र। वित्तीय रूप से सक्षम छात्रों पर आर्थिक उतार-चढ़ावों का असर नहीं होता। प्रतिभावान छात्र अपने लक्ष्य तय करके चलते हैं। वे विकल्पों और अवसरों के बारे में पूरी रिसर्च पहले ही कर लेते हैं और उसी के अनुसार अपनी रणनीति तय कर लेते हैं।
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