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गणित के ग्रेजुएट्स के लिए तैयार हैं नई नौकरियां

7 वर्ष पहले
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गणित के नए अवसर उस धारणा को खत्म कर रहे हैं, जिसमें गणित को शिक्षण का पर्याय माना जाता था। इंडस्ट्री की नज़र अब एप्लाइड मैथेमेटिक्स पर है। एनालिटिक्स, कप्यूटर साइंस व फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे डोमेन यह बदलाव लेकर आए हैं। गणित के लिए यह सुनहरा युग है,जहां प्रतिष्ठित संस्थानों से पढ़ाई करने वाले छात्र आने वाले सालों में भारी मांग में होंगे। गणित के ग्रेजुएट्स की रोजगार संभावनाएं बदलाव के दौर से गु़जर रही हैं। बेशक एक दौर में इसे अपनाने वाले बेहतर अकादमिक रिकॉर्ड युक्त उमीदवार या तो टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च, मुंबई जैसे रिसर्च संस्थानों से जुड़ जाते थे या फिर आईआईटी समेत अन्य संस्थानों में पढ़ा सकते थे, लेकिन पिछले कुछ सालों में इस विषय के नए अवसरों ने गणित को नए रूप में परिभाषित किया है। चेन्नई मैथेमेटिकल इंस्टीट्यूट के निदेशक राजीव करंदीकर के अनुसार, पिछले 10 सालों में गणित के छात्रों की मांग में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। लॉजिकल थिंकिंग वाले गणित के डॉक्टरेट उमीदवार अब हेल्थकेयर, मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों, मल्टीनेशनल कंपनियों के रिसर्च लैस, सरकारी नीति निर्माण विभागों, एनालिटिकल फर्स और इंश्योरेंस कंपनियों के द्वारा नियुक्त किए जा रहे हैं।
फाइनेंशियल प्रॉडक्ट्स के लिए चाहिए मैथ्स एक्सपर्ट
फाइनेंशियल सर्विसेज फर्स भी इस क्षेत्र के प्रमुख नियोक्ताओं में शामिल हैं। उन्हें बड़ी संया में फाइनेंशियल प्रॉडक्ट्स को संभालने के लिए विशेषज्ञों की जरूरत होती है। स्टेटिस्टिकल मॉडलिंग और फाइनेंशियल डोमेन नॉलेज इसमें विशेष रूप से मददगार है। नॉलेज प्रोसेस आउटसोर्सिग कंपनियों को भी गणितीय कुशलताओं वाले ग्रेजुएट्स की आवश्यकता है। पारंपरिक रूप से गणित के छात्रों का सबसे बड़ा नियोक्ता मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर है। ग्लोबल कंसल्टिंग फर्स जैसे प्राइसवाटरहाउस कूपर्स केपीएमजी, जेपी मॉर्गन, एंडरसन कंसल्टिंग गणित की पृष्ठभूमि वाले छात्रों को तलाश रही हैं क्योंकि उन्हें सिर्फ सॉटवेयर इंजीनियरों की जरूरत नहीं है, बल्कि ऐसे लोग चाहिए जो तर्कपूर्ण ढंग से सोच सकें और विश्लेषण कर सकें, ये सारी विशिष्टताएं गणित सिखाती है।
कप्यूटेशनल एडवरटाइजिंग है नया प्रोफाइल
एक टेलीकॉम कंपनी अपने मिस्ड कॉल्स के डेटा पर काम कराना चाहती है, वे जानना चाहते हैं कि किस तरह मिस्ड कॉल्स पर शुल्क लगाया जा सकता है। एयरलाइन कंपनी को भी लाइट्स बढ़ाने के लिए गणित के विशेषज्ञों की जरूरत पड़ सकती है। जीव विज्ञान और गणित पहले विपरीत माने जाते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है। इमेज प्रोसेसिंग जैसी मेडिकल प्रक्रियाओं में गणित की एप्लीकेशन का प्रयोग दोनों विषय के संयोजन का अद्भुत उदाहरण है। इसकी मदद से मेडिकल इमेजिंग के डेटा को सरल बनाया जाता है ताकि डॉक्टर उस सूचना को बेहतर ढंग से काम में ले सकें। इसी तरह नेटवर्क ट्रैफिक पर नियंत्रण के लिए क्युइंग थ्यौरी का इस्तेमाल नया है। इसके अलावा ब्रेन सिग्नल्स या ईईजी पैटर्न के विश्लेषण में गणित का उपयोग अद्भुत है। इस तरह की जानकारी लकवाग्रस्त मरीजों के इलाज में मददगार है। प्रोटीन की जटिल रचनाओं के रहस्य खोलने या डीएनए संरचना के डेटा विश्लेषण या फिर बेहतर दवाइयों के निर्माण के लिए आण्विक संरचनाओं के अध्ययन में गणित की एप्लीकेशन का उपयोग अनूठा है। स्टेटिस्टिक्स और प्रोबेबिलिटी थ्योरी का उपयोग जेनेटिक डेटा के विश्लेषण के लिए होता है। कप्यूटेशनल एडवरटाइजिंग भी एक नया प्रोफाइल है, जिसमें मैथेमेटिक्स मॉडलिंग का इस्तेमाल होता है।
एनालिटिक्स के जरिए खुल रहे हैं गूगल, माइक्रोसॉट के दरवाजे
इंडस्ट्री की नजर अब एप्लाइड मैथेमेटिक्स पर है। गणित की डिग्री रिसर्च, शिक्षण, कप्यूटेशन के अलावा मैनेजमेंट, इंश्योरेंस, बैंकिंग, स्टेटिस्टिक्स और ऑपरेशन रिसर्च के क्षेत्र में स्प्रिंगबोर्ड की तरह काम कर रही है। होटल मैनेजमेंट, टूरिज्म, एक्चूरिअल साइंस जैसे विकल्प गणित के छात्रों के लिए खुले हैं।बायो-टेक्नोलॉजी लैस से लेकर फाइनेंस फर्स, रक्षा संस्थान और सॉटवेयर कंपनियों में गणित के उमीदवारों की तलाश है। टीमलीज के हैड अशोक रेड्डी के अनुसार, एनालिटिक्स ने इस क्षेत्र को विशेष बनाया है। अमेजन, ईबे से लेकर गूगल, माइक्रोसॉट में इन हाउस एनालिटिक्स डिवीजन हैं, जहां गणित के विशेषज्ञों की जरूरत है। गूगल, आईबीएम, फेसबुक और माइक्रोसॉट गणितज्ञों और कप्यूटर साइंस वैज्ञानिकों को नियुक्त करने के लिए मशहूर हैं। जैसेजैसे ये तकनीकी कंपनियां भारत में अपने काम की व्यवस्था कर रही हैं, गणित में कुशल उमीदवारों की मांग तेजी से बढ़ रही है।