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मिशन JEE-2014 : स्पीड है सफलता की चाबी

8 वर्ष पहले
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अब जब जेईई एग्जाम महज 4 महीने दूर है तो पढ़ाई का यह वक्त छात्रों के लिए खासतौर पर महत्वपूर्ण है। फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथेमेटिक्स सभी विषय समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। इसलिए हर दिन प्रत्येक विषय को कम से कम दो-तीन घंटे दें। सेल्फ स्टडी में क्वांटिटी टाइम से कहीं ज्यादा क्वालिटी टाइम महत्व रखता है। नए पैटर्न पर आधारित कम से कम 20 मॉक टेस्ट रोजाना दें। इसके साथ तीनों विषयों के अनुसार महीनों का बंटवारा करें। चैप्टर वाइज और टॉपिक वाइज रिवीजन शेड्यूल तैयार करें। शॉर्ट नोट्स, फॉर्मूला और याद रखने योग्य पाइंट्स तुरंत रिवीजन में मदद करेंगे।

तैयारी की रणनीति

- कोचिंग/टयूटोरियल या टेस्ट सीरिज जारी रखें
- किताबों या कॉस्पोन्डेंस के जरिए सेल्फ स्टडी महत्वपूर्ण फॉमरूले और कॉन्सेप्ट के संक्षिप्त नोट्स बनाएं
- पिछले पेपर सॉल्व करें व मॉक पेपर दें

जो छात्र कोचिंग न ले रहे हों--

जो उम्मीदवार कोचिंग न ले रहे हों वे तुरंत रिवीजन के लिए क्रैश कोर्स कर सकते हैं। जो छात्र जेईई की तैयारी खुद कर रहे हों उन्हें जेईई 2014 पैटर्न पर आधारित मॉक टेस्ट देने चाहिए। मॉक टेस्ट में टाइम लिमिट का ध्यान रखें और मोबाइल, टीवी या अन्य चीजों से ध्यान न भटकने दें।

किस महीने में क्या पढ़ें--

जनवरी-फरवरी जेईई की तैयारी में इस अवधि में हरेक चैप्टर की तैयारी अलग से करें।

मार्च - बोर्ड एगजाम की तैयारी करें, केवल कुछ ही दिन पेपर सॉल्व करने में लगाएं।
अप्रैल - मेंस परीक्षा इसी महीने में है, फॉर्मूले दोहराएं और मॉक टेस्ट दीजिए।
मई - मेंस क्लीयर छात्र एडवांस्ड के मॉक टेस्ट की तैयारी करें।

इनसे न चूकें

- महत्वपूर्ण फॉर्मूले, ट्रिक्स, टेक्नीक के अलग नोट्स तैयार करें। आखिरी मिनट की तैयारी में ये काम आएंगे।
- जो भी सेक्शन आपने पढ़ा हो, उसे फटाफट रिव्यू करें और उसके महत्वपूर्ण भागों को दोहरा लें।
- जो सवाल आप पहली बार में सॉल्व नहीं कर सकते, उन्हें भी दिमाग में रखिए।
- याद रखें आपका पूरा प्रयास इस पर केंद्रित होना चाहिए कि आप तीन घंटे की परीक्षा में कैसे अधिकतम सही सवाल हल कर सकते हैं।

क्या पढ़ें 11 वीं के छात्र - 11 वीं कक्षा के छात्रों को कॉप्लेक्स नंबर, परम्यूटेशन एंड कॉम्बिनेशन, बाइनॉमियल थ्योरम, कॉर्डीनेट जिओमेट्री एंड डिफरेंशिएशन जैसे टॉपिक पर ध्यान देना चाहिए।

क्या पढें 12 वीं के छात्र - 12वीं के छात्रों को मैटराइस एंड डिटरमिनेंट, एप्लीकेशन ऑफ डेरिवेटिव, इंटीग्रल कैलकुलस, वेक्टर, थ्री डायमेंशनल जिओमेट्रो एंड प्रोबेबिलिटी टॉपिक अच्छी तरह पढ़ने चाहिए।

बोर्ड एग्जाम की तैयारी - मार्च में बोर्ड परीक्षाएं और अप्रैल में जेईई होने की वजह से दोनों परीक्षाओं के लिए सही स्ट्रैटजी जरूरी है। हालांकि बोर्ड परीक्षा और जेईई के सिलेबस में काफी समानता है, लेकिन दोनों परीक्षाओं का मैनेजमेंट बेहद आवश्यक है। 12वीं अबकेवल क्वालिफाइंग परीक्षा नहीं है, छात्रों की रैंक में भी इसकी भूमिका अहम हो गई है। ऐसे में डेरिवेशन ऑफ फॉर्मूला, प्रिंसिपल एंड वर्किग ऑफ इंस्ट्रूमेंट्स, टर्म्स व लॉज की परिभाषाएं बोर्ड एग्जाम के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। टॉपिक्स का सही मैनेजमेंट और प्लानिंग, बोर्ड व जेईई दोनों में बेहतर प्रदर्शन में मदद करेंगे।

टाइम मैनेजमेंट -

- हरेक चैप्टर के महत्वपूर्ण फॉर्मूलों की लिस्ट तैयार करें।
- प्रॉब्लम के तुरंत हल के टिप्स नोट करें।
- डेली/वीकली टार्गेट तैयार करें।
- टार्गेट के अनुसार टाइम टेबल बनाएं, टाइम प्लान करें और टार्गेट को पूरा भी करें।